दिल्ली पुलिस को है फोरेंसिक रिपोर्ट का बेसब्री से इंतजार, DNA बनेंगे अहम 'गवाह'; NHRC ने भी गैंगरेप में लिया संज्ञान
पुलिस 4 अगस्त को चलती बस में हुए नाबालिग से सामूहिक बलात्कार मामले में डीएनए और फिंगरप्रिंट्स जैसे मजबूत फोरेंसिक ...और पढ़ें

कंडक्टर संदीप को कड़ी सजा दिलाने के लिए डीएनए रिपोर्ट और फिंगरप्रिंट्स सबसे महत्वपूर्ण कड़ी साबित होंगे।
HighLights
पुलिस ने बस गैंगरेप में मजबूत फोरेंसिक साक्ष्य जुटाए हैं।
डीएनए रिपोर्ट और फिंगरप्रिंट्स आरोपियों को सजा दिलाने में अहम।
NHRC ने दिल्ली, गौतमबुद्धनगर पुलिस से विस्तृत रिपोर्ट मांगी।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। बीते 4 अगस्त को एक चलती स्लीपर बस में 16 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ हुए सामूहिक बलात्कार के सनसनीखेज मामले में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मजबूत फोरेंसिक और वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए हैं।
पुलिस का कहना है कि इस जघन्य अपराध में शामिल दो आरोपितों ड्राइवर कुलदीप और कंडक्टर संदीप को कड़ी सजा दिलाने के लिए डीएनए रिपोर्ट और फिंगरप्रिंट्स सबसे महत्वपूर्ण कड़ी साबित होंगे।
वहीं, एनएचआरसी ने दिल्ली और गौतमबुद्धनगर के पुलिस आयुक्तों तथा मैनपुरी के पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर इस मामले पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
फॉरेंसिक साक्ष्य और फिंगरप्रिंट्स से पुष्टि
जासूसों के अनुसार, पीड़िता और दोनों आरोपियों के फिंगरप्रिंट्स ने बस के भीतर उनकी मौजूदगी की स्पष्ट पुष्टि की है। फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने बस की सीटों, स्टीयरिंग व्हील, चालक दल की सीट के पास मिले कंबल और गलियारे में बिछाई गई बेडशीट से नमूने एकत्र किए हैं।
- कपड़ों की जब्ती: आरोपियों द्वारा घटना के समय पहने गए कपड़ों को जब्त कर जांच प्रयोगशाला भेज दिया गया है।
- फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार: पुलिस सूत्रों के मुताबिक एक विस्तृत फॉरेंसिक रिपोर्ट आना बाकी है, जिसके लिए एक विशेष जांच टीम गठित की गई है।
नोएडा से कश्मीरी गेट तक अपराध का क्रम
जांच में सामने आया है कि 4 अगस्त को पीड़िता घर से झगड़े के बाद निकली थी और नोएडा के सेक्टर 63 स्थित अपने चचेरे भाई के घर जाने के लिए पारी चौक पर लिफ्ट मांग रही थी।
- झांसा देकर बस में बैठाया: कंडक्टर संदीप ने लड़की से 5-7 मिनट बात की और उसे यह कहकर बस में बैठा लिया कि बस उसी दिशा में जा रही है।
- चलती बस में दरिंदगी: बस में चढ़ते ही संदीप ने बख्तावरपुर गांव (नोएडा सेक्टर 127-128) के पास उसके साथ बलात्कार किया। इसके बाद संदीप ने स्टीयरिंग संभाली और ड्राइवर कुलदीप ने लड़की के साथ जबरन दुष्कर्म किया।
26 किमी का सफर और कश्मीरी गेट पर ड्रॉप: हमले के बाद बस 26 किलोमीटर तक बिना रुके चलती रही। आरोपियों ने पीड़िता को कश्मीरी गेट बस स्टैंड पर उतार दिया, जिसके बाद पीड़िता ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।
तिमारपुर से त्वरित गिरफ्तारी और बस का आपराधिक रिकॉर्ड
कश्मीरी गेट पुलिस द्वारा सूचना मिलते ही त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को अपराध के कुछ ही घंटों के भीतर कश्मीरी गेट से लगभग 5 किलोमीटर दूर तिमारपुर इलाके से गिरफ्तार कर लिया गया और स्लीपर बस को जब्त कर लिया गया।
एनएचआरसी ने लिया स्वत: संज्ञान
उधर, राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने मीडिया रिपोर्ट का स्वतः संज्ञान लेते हुए यह माना कि मानवाधिकारों के उल्लंघन का गंभीर मुद्दा है। इसलिए आयोग ने दिल्ली और गौतमबुद्धनगर के पुलिस आयुक्तों तथा मैनपुरी के पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर इस मामले पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट में जांच की स्थिति और पीड़िता को दिए जा सकने वाले मुआवजे आदि के बारे में जानकारी दी जा सकती है।
