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दिल्ली में मास्टर प्लान 2047 को जमीन पर उतारने की तैयारी, डीडीए तीन माह में करेगा 20 से ज्यादा बैठकें

Published: Sun, 23 Aug 2026 10:11 PM (GMT+05:30)

दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने मास्टर प्लान 2047 के क्रियान्वयन को तेजी से धरातल पर उतारने के लिए व्यापक जनसंपर्क ...और पढ़ें

एआई जेनेरेटेड इमेज।

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HighLights

  1. मास्टर प्लान 2047 क्रियान्वयन के लिए डीडीए का व्यापक जनसंपर्क अभियान।

  2. अगले तीन माह में 20 से अधिक हितधारक बैठकें होंगी आयोजित।

  3. औद्योगिक विकास, शहरी अवसंरचना सुधार पर जागरूकता बढ़ाना मुख्य लक्ष्य।

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली का मास्टर प्लान (एमपीडी) 2047 की अधिसूचना जारी होने के बाद दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने इसके क्रियान्वयन को तेजी से धरातल पर उतारने के लिए एक व्यापक जनसंपर्क अभियान शुरू करने की योजना बनाई है।

एलजी और डीडीए अध्यक्ष तरनजीत सिंह संधू के निर्देशों पर डीडीए अगले तीन माह के भीतर हितधारकों के साथ 20 से अधिक बैठकें आयोजित करेगा।

प्रस्तावित पहल के मुख्य उद्देश्य एवं प्रमुख हितधारक

इस पहल का मुख्य उद्देश्य सांसदों, विधायकों, सरकारी एजेंसियों, पेशेवर संस्थाओं, उद्योग जगत, निवासियों और भूस्वामियों के साथ सीधा संवाद स्थापित कर बेहतर तालमेल बिठाना और नई योजनाओं के प्रविधानों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।

राजधानी में औद्योगिक विकास को गति देने और उद्योगों के लिए भूमि की उपलब्धता सुलभ बनाने के लिए सीआइआइ, फिक्की, पीएचडीसीआई, एसोचैम और डीएसआइआइडीसी जैसे प्रमुख उद्योग निकायों के साथ चर्चा की जाएगी।

वहीं, ट्रांजिट-ओरिएंटेड डेवलपमेंट (टीओडी), हाइ-डेंसिटी कॉरिडोर (एचडीसी), लैंड पूलिंग और लो-डेंसिटी एरिया (एलडीए) जैसे अवसरों पर मंथन के लिए आर्किटेक्ट, अर्बन प्लानर और निजी डेवलपर को जोड़ा जाएगा। साथ ही, जमीनी स्तर पर ग्रुप हाउसिंग के पुनर्विकास के लिए आरडब्ल्यूए और सहकारी समितियों के साथ संवाद साधा जाएगा।

हरित पहल, विरासत संरक्षण और शहरी अवसंरचना

इस तीन महीने के आउटरीच कार्यक्रम में कम सघन क्षेत्रों, यमुना के कायाकल्प और दिल्ली के ब्लू-ग्रीन नेटवर्क का विकास, विरासत संरक्षण, मिश्रित भू उपयोग विकास, व्यावसायिक केंद्रों का विकास और पुनर्विकास, इन-सीटू स्लम पुनर्विकास, भीड़भाड़ कम करने और गतिशीलता में सुधार के उपायों को भी शामिल किया जाएगा। साथ ही

शैक्षणिक संस्थानों, विश्वविद्यालयों, स्वास्थ्य देखभाल संस्थानों और अन्य संबंधित हितधारकों की भागीदारी के साथ दिल्ली के शिक्षा और चिकित्सा केंद्रों के विकास पर हितधारकों के साथ बातचीत करने का भी प्रस्ताव है।

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