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CJP प्रदर्शन के दौरान हिंसा पर एक्शन, दिल्ली पुलिस ने 2874 लोगों पर की FIR; 118 पुलिसकर्मी हुए थे जख्मी

Published: Thu, 08 Oct 2026 05:10 PM (GMT+05:30)

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर क्राइम ब्रांच ने जुलाई में हुए सीजेपी के विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा और ...और पढ़ें

जुलाई में हुए सीजेपी प्रोटेस्ट में अपराधियों ने बिगाड़ा था माहौल। फोटो: आर्काइव

जुलाई में हुए सीजेपी प्रोटेस्ट में अपराधियों ने बिगाड़ा था माहौल। फोटो: आर्काइव

HighLights

  1. सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर क्राइम ब्रांच ने केस दर्ज किया

  2. सीजेपी प्रदर्शन में 2873 अपराधियों की पहचान कर केस

  3. हिंसा की पूर्व-योजना और सार्वजनिक संपत्ति नुकसान की जांच

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। जुलाई में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के विरोध प्रदर्शन के दौरान उपद्रव करने और पुलिसकर्मियों पर जानलेवा हमला करने वालों पर केस दर्ज किया है।

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने करीब तीन माह बाद 2874 अपराधियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर यह केस दर्ज किया गया है। अब क्राइम ब्रांच इसकी जांच करेगी।

2874 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज

क्राइम ब्रांच के एक अधिकारी का कहना है कि क्राइम ब्रांच इस बात की गहराई से जांच करेगी कि नई दिल्ली जिले में हुई यह हिंसा पूर्व नियोजित थी या संसद मार्च के दौरान प्रदर्शन स्थल में कुछ आपराधिक तत्व घुस आए थे।

प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों पर हमले के अलावा पुलिस वाहनों सहित सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया गया था। सीसीटीवी फुटेज से पता चला था कि प्रदर्शनकारी सुनियोजित तरीके से संसद की ओर बढ़ रहे थे।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद दिल्ली पुलिस पहले ही 17 एफआईआर रद कर चुकी है। अब क्राइम ब्रांच की जांच का पूरा फोकस 20 से 26 जुलाई के बीच की गई हिंसा पर होगा।

दिल्ली पुलिस ने 20 से 26 जुलाई के बीच जंतर-मंतर प्रदर्शन स्थल के आसपास एफआरएस कैमरे लगे दो वाहनों का इस्तेमाल किया था।

2873 लोगों की हुई थी पहचान

उक्त कैमरे में आपराधिक रिकॉर्ड वाले 2,873 लोगों की पहचान की गई थी, जिनमें से 2,402 ''क्राइम कुंडली'' और 471 डोजियर रिकॉर्ड के थे।

पुलिस अधिकारी का कहना है कि उक्त कैमरे में कई अपराधियों के हमशक्ल जैसे लोगों की भी पहचान हो जाती है जांच में अब सच्चाई का पता लग जाएगा।

17 अगस्त को दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट में इन 2,873 अपराधियों का ब्योरा देते हुए हलफनामा दाखिल किया था।

118 से ज्यादा पुलिसकर्मी हुए घायल

प्रदर्शन के दौरान 118 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हुए थे, जिनमें विशेष आयुक्त, संयुक्त आयुक्त, एडिशनल पुलिस कमिश्नरस, डीसीपी, एडिशनल डीसीपी, एसीपी समेत कई महिला व पुरुष पुलिसकर्मी शामिल थे।

हाथापाई के दौरान, लगभग 60 प्रदर्शनकारी भी घायल हुए थे। भीड़ ने सार्वजनिक संपत्ति को भी भारी नुकसान पहुंचाया था। घटना के दौरान 20 सरकारी गाड़ियों और सरकारी संपत्तियों की तोड़-फोड़ की गई थी।

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