अब दिल्ली में नहीं बनेगा कूड़े का पहाड़! मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने किया फ्रेश वेस्ट प्लांट का शिलान्यास
सीएम रेखा गुप्ता ने ओखला लैंडफिल साइट पर फ्रेश वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट का शिलान्यास किया। इसके साथ ही गाजीपुर और ...और पढ़ें
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मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने फ्रेश वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट का शिलान्यास किया। जागरण
HighLights
ओखला में फ्रेश वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट का शिलान्यास।
गाजीपुर, सिंघोल में भी नए प्लांट की वर्चुअल नींव।
कोटला मुबारकपुर में मातृत्व केंद्र का लोकार्पण।
जागरण संवाददाता, दक्षिणी दिल्ली। राजधानी दिल्ली में स्वच्छता और अपशिष्ट प्रबंधन को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एसएलएफ ओखला में शनिवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने फ्रेश वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट का शिलान्यास किया।
सीएम रेखा ने वर्चुअल माध्यम से गाजीपुर व सिंघोला में फ्रेश वेस्ट प्रोसेसिंग एवं गाजीपुर में बायो गैस प्लांट और कोटला मुबारकपुर में मातृत्व एवं बाल कल्याण केंद्र का लोकार्पण किया। तीनों फ्रेश वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट की क्षमता 3000 टन प्रतिदिन की होगी, जहां नए कचरों का आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धति से निस्तारण होगा।
बताया कि इनके तैयार होने के बाद नया कूड़े का पहाड़ नहीं बन सकेगा, साथ ही ओखला समेत भलस्वा और गाजीपुर लैंडफिल साइटों का दबाव घटेगा।
लगातार प्रयास से संभव हो पाया
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि मात्र 18 महीने में ओखला लैंडफिल साइट का कूड़ा लगभग खत्म हो चला है, जो अधिकारियों-कर्मचारियों की कड़ी मेहनत और लगातार प्रयास से संभव हो पाया है। जब पिछली बार यहां आई थी और मंच से कूड़े के पहाड़ को बोला कि भई तुझे तो जाना पड़ेगा, तब विपक्ष के लोगों ने खूब चुटकी ली।
उन्होंने कहा कि मैं आज उन लोगों को बुलाकर दिखाना चाहती हूं कि अब तो कूड़े का पहाड़ जा रहा है। केवल पीठ बची है। कूड़े के पहाड़ के थोड़े बचे हिस्से के साथ आखिरी सेल्फी भी ली है। अभी जो हिस्सा दिख रहा है वो एक जनवरी 2025 के बाद का ही है। उससे पहले का सारी लीगेसी हटाई जा चुकी है।
बायोगैस प्लांट होंगे तैयार
उन्होंने कहा कि फ्रेश वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट से जहां नए कचरे का त्वरित निस्तारण होगा, वहीं तीनों लैंडफिल साइटों पर कोई नया कचरा नहीं पहुंचेगा। दिल्ली की सबसे बड़ी समस्या कूड़ा ही है, जिसके निस्तारण के लिए फ्रेश वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट लगाए जा रहे हैं। बायोगैस प्लांट भी तैयार होंगे।
दिल्ली में जल्द ही रोजाना के कूड़े का हाथों निस्तारित होगा। बिजली और गैस भी बनेगी। कचरे का केवल निस्तारण ही नहीं होगा, बल्कि सोर्स की तरह इस्तेमाल होगा। क्लीन दिल्ली-ग्रीन दिल्ली के मिशन को आगे बढ़ाते हुए हर व्यक्ति जिम्मेदारी उठाए कि मेरी वजह से शहर गंदा न हो।
अलग-अलग कचरों के लिए बनाई व्यवस्था
कपड़ा, मूर्ति एवं पूजन सामग्री, मलबा आदि के लिए अलग-अलग व्यवस्था बनाई गई है। मेट्रो स्टेशन पर पुराने कपड़ों के लिए अर्पण केंद्र बनाए। पिछले डेढ़ महीने में 100 टन पुराना कपड़ा प्राप्त हुए। ठीक-ठाक कपड़े जरूरतमंदों को वितरित किए जा रहे हैं, वहीं ज्यादा पुराने कपड़े रिसाइकिल हो रहे हैं।
इतनी होगी नए प्लांटों की क्षमता
| लैंडफिल साइट | लागत | क्षमता |
|---|---|---|
| ओखला | 57 करोड़ | 1400 टन |
| गाजीपुर | 42 करोड़ | 800 टन |
| सिंघोला | 103 करोड़ | 700 टन |
