एम्स में मरीजों को VIP ट्रीटमेंट दिलाने का खेल! खुद को PMO का OSD बताता था आरोपी; CBI जांच में खुलासा
CBI ने दिल्ली निवासी रविकांत शर्मा के खिलाफ मामला दर्ज किया है, जिसने खुद को PMO का अधिकारी बताकर एम्स में मरीजों को प्राथमिकता से दाखिला और उपचार दिलाया।

एम्स में मरीजों को प्राथमिकता से दाखिला और उपचार दिलाने के आरोप में सीबीआई ने दिल्ली निवासी रविकांत शर्मा के खिलाफ मामला दर्ज किया है। एआई इमेज
HighLights
रविकांत शर्मा ने खुद को पीएमओ अधिकारी बताया।
एम्स में मरीजों को प्राथमिकता से दाखिला दिलाया।
सीबीआई ने धोखाधड़ी और आईटी एक्ट में केस दर्ज किया।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। खुद को प्रधानमंत्री कार्यालय का अधिकारी बताकर एम्स में मरीजों को प्राथमिकता से दाखिला और उपचार दिलाने के आरोप में सीबीआई ने दिल्ली निवासी रविकांत शर्मा के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
31 अगस्त को दर्ज केस में धोखाधड़ी, झूठे साक्ष्य देने और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धाराएं लगाई गई हैं। पीएमओ के सहायक निदेशक ने मई में रवि कांत शर्मा द्वारा पीएमओ के नाम के दुरुपयोग की शिकायत की थी।
पीएमओ पोर्टल से जुड़ा ईमेल भी दिया
सीबीआई की एफआईआर के अनुसार, 26 फरवरी को रवि कांत शर्मा ने व्हाट्सएप के जरिये एम्स के प्रोटोकाल अधिकारी बीएन आचार्य से संपर्क किया और खुद को प्रधानमंत्री का विशेष कार्याधिकारी (ओएसडी) बताया। उन्हें पीएमओ पोर्टल से जुड़ा ईमेल भी दिया।
इसके बाद रविकांत शर्मा ने पीएमओ रेफरल के नाम पर मोहम्मद इमरान को एम्स के इमरजेंसी विभाग में प्राथमिकता से दाखिला व उपचार देने का दबाव बनाया जबकि पीएमओ ने स्पष्ट किया कि रवि कांत शर्मा नाम का कोई व्यक्ति प्रधानमंत्री का ओएसडी नहीं है।
मरीजों को प्राथमिकता दी गई
मामले की सीबीआई की जांच में सामने आया कि इससे पूर्व रविकांत शर्मा ने कविता और अर्चना नाम की दो अन्य मरीजों के मामलों में भी एम्स प्रशासन पर अनधिकृत तरीके से दबाव बनाने की कोशिश की थी। जांच में यह भी पाया गया कि रविकांत शर्मा को पीएमओ का अधिकृत अधिकारी मानकर ही मरीजों को प्राथमिकता दी गई।
