14 साल से सर्जरी की प्रतीक्षा में तन्वी की मौत पर पिता ने लगाए आरोप, एम्स ने जांच के लिए गठित की समिति
एम्स में 15 वर्षीय तन्वी की मौत के बाद उसके पिता ने सर्जरी में देरी और उपचार में लापरवाही का ...और पढ़ें

एम्स में तन्वी की मौत को लेकर जांच समिति गठित।
HighLights
15 वर्षीय तन्वी की एम्स में उपचार के दौरान मौत।
पिता ने सर्जरी में देरी और उपचार में लापरवाही का आरोप लगाया।
एम्स ने आरोपों की विस्तृत जांच के लिए समिति गठित की।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। एम्स में 14 वर्ष से उपचार करा रही 15 वर्षीय तन्वी की मौत के बाद उसके पिता ने सर्जरी में देरी और उपचार को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। पिता का कहना है कि वर्ष 2014 में सर्जरी की तारीखें तय की गईं, लेकिन उन्हें बार-बार बदला गया और आखिरकार सर्जरी नहीं हुई।
उनका यह भी आरोप है कि उपचार को लेकर परिवार को पर्याप्त जानकारी नहीं दी गई और कई बार डिस्चार्ज लेने के लिए कहा गया। तन्वी के पिता के आरोपों को लेकर उठ रहे सवालों के बीच एम्स के कार्यकारी निदेशक निखिल टंडन ने मामले की विस्तृत समीक्षा के लिए जांच समिति का गठन कर किया।
समिति उपचार की पूरी प्रक्रिया, चिकित्सकीय रिकॉर्ड, जांच, विशेषज्ञों की राय, मौत की परिस्थितियों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट की समीक्षा करेगी। पोस्टमार्टम भी कराया जा रहा है। समिति में कितनेस्दस्यीय है, वह कितने दिनों में अपनी रिपोर्ट देगी, एम्स प्रबंधन ने अभी यह जानकारी नहीं दी है।
2014 में सर्जरी की सलाह, फिर बदला उपचार का तरीका
तन्वी के पिता मुकेश परियानी के आरोपों के जवाब में एम्स प्रबंधन का कहना है कि तन्वी पहली बार 10 अक्टूबर 2012 को कार्डियोलाजी ओपीडी में पहुंची थी। उसे वीएसडी के साथ पल्मोनरी एट्रेसिया था। वर्ष 2013 में सीटी एंजियोग्राफी, कन्वेंशनल एंजियोग्राफी और कार्डियक कैथेटराइजेशन समेत विस्तृत जांच की गई। 31 जनवरी 2014 को उसे ‘यूनिफोकलाइजेशन एंड कंड्यूट’ सर्जरी की सलाह दी गई, जिसका अनुमानित खर्च एक लाख 20 हजार बताया गया था।
एम्स ने 2018 में सर्जरी संभव नहीं मानी
एम्स प्रबंधन ने जानकारी दी कि इस मामले में वर्ष 2018 में विस्तृत चिकित्सकीय मूल्यांकन के बाद तन्वी की जटिल हृदय संरचना को देखते हुए सुधारात्मक सर्जरी को संभव नहीं माना गया था। इसके बाद मेडिकल मैनेजमेंट और नियमित फालोअप की सलाह दी गई।
एम्स का कहना है कि परिवार को चिकित्सकीय आकलन, सुझाए गए उपचार और संभावित रोग-पूर्वानुमान की जानकारी दी गई थी। दावा किया कि इसे लेकर परिवार ने बाद में अन्य विशेषज्ञों से भी राय ली। एम्स के अनुसार वर्ष 2025 में सीटीवीएस विभागाध्यक्ष और इसके बाद एक अन्य वरिष्ठ कार्डियोथोरेसिक सर्जन ने भी मेडिकल मैनेजमेंट जारी रखने की सलाह दी।
अंतिम समय में प्रत्यारोपण की संभावना पर हो रहा था मूल्यांकन
एम्स प्रबंधन ने बताया कि स्थिति बिगड़ने पर स्वजनों ने तन्वी को 24 अगस्त 2026 को एम्स में भर्ती कराया था। उपचार के दौरान हृदय-फेफड़ा प्रत्यारोपण की संभावना समेत उसका विस्तृत मूल्यांकन किया जा रहा था। एक सितंबर को तड़के करीब दो बजकर 50 मिनट पर उसकी हालत अचानक बिगड़ गई। गंभीर सायनोसिस के साथ आक्सीजन स्तर करीब 48 प्रतिशत पहुंच गया। हाइपोक्सिक स्पेल के बाद कार्डियक अरेस्ट हुआ और सुबह पांच बजकर छह मिनट पर उसका निधन हो गया।
