अब समाज में बदलाव लाएंगी स्मृति मंधाना, बनीं UNICEF इंडिया की सेलिब्रिटी एडवोकेट; सचिन तेंदुलकर ने किया स्वागत
भारतीय क्रिकेटर स्मृति मंधाना ने UNICEF इंडिया के साथ सेलिब्रिटी एडवोकेट के तौर पर जुड़ने का एक अहम कदम उठाया है।
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स्मृति मंधाना

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स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। स्टार भारतीय क्रिकेटर स्मृति मंधाना ने UNICEF इंडिया के साथ सेलिब्रिटी एडवोकेट के तौर पर जुड़ने का एक अहम कदम उठाया है। उन्होंने बच्चों के अधिकारों, जेंडर इक्वालिटी और लड़कियों के लिए समान अवसरों की वकालत करने का संकल्प लिया है।
बाएं हाथ की यह बल्लेबाज अपने प्रभाव का इस्तेमाल बच्चों के सामने आने वाली चुनौतियों के बारे में जागरूकता बढ़ाने और एक ऐसा समावेशी माहौल बनाने के लिए करेंगी जिसमें हर बच्चा सीख सके, खेल सके और अपनी क्षमता को पूरा कर सके।
मंधाना की नियुक्ति का स्वागत महान भारतीय क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने किया। सचिन खुद दक्षिण एशिया के लिए UNICEF के रीजनल गुडविल एंबेसडर के तौर पर जुड़े हुए हैं। UNICEF इंडिया परिवार में मंधाना का स्वागत करते हुए तेंदुलकर ने भरोसा जताया कि यह भारतीय स्टार बच्चों के अधिकारों के लिए एक मजबूत आवाज बनेंगी।
तेंदुलकर ने एक्स पर लिखा, "UNICEFIndia परिवार में आपका स्वागत है, स्मृति मंधाना! आप मैदान पर लाखों लोगों को प्रेरित करती हैं। मुझे पता है कि मैदान के बाहर भी आप बच्चों के अधिकारों के लिए एक शानदार आवाज बनेंगी।"
Welcome to the @UNICEFIndia family, @mandhana_smriti! You inspire millions on the field, and I know you will be a brilliant voice for children’s rights off it.
— Sachin Tendulkar (@sachin_rt) October 11, 2026
मंधाना के बचपन के अनुभवों ने ही उन्हें इस बात के लिए प्रेरित किया है कि लड़कियां अपना भविष्य खुद चुनने के लिए आजाद हों। अपने क्रिकेट सफर की शुरुआत को याद करते हुए उन्होंने बताया कि उन्हें अपने माता-पिता से कितना प्रोत्साहन मिला और खेल में आगे बढ़ने के साथ-साथ पढ़ाई-लिखाई को भी संभालना कितना चुनौतीपूर्ण था।
मंधाना ने कहा, "जब मैं 9 साल की थी, तो मजाक-मजाक में अपने भाई के साथ क्रिकेट के अपने पहले ट्रायल के लिए गई थी। मैं बचपन का मजा लेती रही और क्रिकेट भी खेलती रही। मेरे पिता ने हमेशा मुझे क्रिकेट खेलने के लिए प्रोत्साहित किया, जबकि मेरी मां जानती थीं कि एक प्रोफेशनल क्रिकेटर के तौर पर अपने सफर और अपनी पढ़ाई-लिखाई के बीच तालमेल बिठाना कितना मुश्किल हो सकता है।"
मंधाना का मानना है कि हर लड़की को अपनी खूबियों को पहचानने और अपने सपनों को पूरा करने का मौका मिलना चाहिए, चाहे समाज की उम्मीदें कुछ भी हों। उन्होंने कहा, "मैंने अपना रास्ता चुना। आज मैं इंटरनेशनल क्रिकेट में गर्व के साथ भारत का प्रतिनिधित्व कर रही हूं। पीछे मुड़कर देखने पर मुझे एहसास हुआ कि हर लड़की को अपना रास्ता चुनने, अपने सपनों को पूरा करने और यह पता लगाने की आजादी मिलनी चाहिए कि वह किस काम में सबसे बेहतर है। सिर्फ लड़की होने की वजह से यह तय नहीं होना चाहिए कि वह कितनी आगे जा सकती है।"
मंधाना का UNICEF में यह अपॉइंटमेंट उनके करियर के एक अहम मोड़ पर हुआ है। 6 अक्टूबर, 2026 को BCCI ने उन्हें भारतीय महिला क्रिकेट टीम का नया कप्तान बनाया। उन्होंने हरमनप्रीत कौर की जगह ली। हनमन ने सभी फॉर्मेट में कप्तानी छोड़ दी थी। मंधाना पहले भारत की उप-कप्तान रह चुकी हैं और 18 T20I और चार ODI मैचों में टीम की कप्तानी कर चुकी हैं। जिम्बाब्वे के खिलाफ होने वाली घरेलू सीरीज से वह अपनी फुल-टाइम व्हाइट-बॉल कप्तानी शुरू करेंगी।
