बहुत कुछ सिखा गई श्रीलंका सीरीज, टीम इंडिया को मिले कई सवालों के जवाब
श्रीलंका सीरीज में भारतीय टीम को कई सवालों के जवाब मिले, जिसमें देवदत्त पडिक्कल तीसरे नंबर पर भरोसेमंद बल्लेबाज के ...और पढ़ें
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भारतीय टीम ने 1-0 से जीती सीरीज

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जागरण न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली : भारतीय टीम जब श्रीलंका पहुंची थी तो टेस्ट टीम को लेकर कई सवाल थे। न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के विरुद्ध घरेलू मैदान पर स्पिनरों के आगे संघर्ष करने वाली भारतीय बल्लेबाजी पर सवालों के घेरे में थी, लेकिन दो टेस्ट मैच की सीरीज में टीम को प्रश्नों के उत्तर मिल गए।
इस सीरीज का सबसे बड़ा हासिल रहा देवदत्त पडिक्कल का तीसरे नंबर पर भरोसेमंद बल्लेबाज के लिए खरा उतरना। वहीं मानव सुथार ने शानदार प्रदर्शन से भविष्य की उम्मीद जगाई। श्रीलंका के खिलाफ सीरीज में पडिक्कल भारत के लिए सबसे बड़े बल्लेबाजी नायक रहे। तीन पारियों में 328 रन, 109.33 का औसत और दो शतक लगाकर वह प्लेयर ऑफ द सीरीज बने।
गिल भी दिखे प्रभावित
खास बात यह रही कि उन्होंने श्रीलंकाई स्पिनरों का सामना स्वीप या रिवर्स स्वीप जैसे शॉट से नहीं, बल्कि शानदार फुटवर्क और बैकफुट प्ले से किया। कप्तान शुभमन गिल भी अब उनके प्रदर्शन से प्रभावित हैं। उन्होंने कहा कि अगर पडिक्कल इसी तरह बल्लेबाजी करते रहे तो टीम उन्हें नंबर तीन पर जरूर रखेगी। यानी बी साई सुदर्शन की वापसी के बाद भी नंबर तीन की दौड़ में पडिक्कल ने अपनी दावेदारी मजबूत कर दी है।
ध्रुव जुरैल ने भी इस दौरे पर भारत को एक नई तकनीकी और रणनीतिक सुविधा दी। विकेटकीपर-बल्लेबाज जुरैल अब ऋषभ पंत के पीछे नंबर-6 पर विशेषज्ञ बल्लेबाज की भूमिका भी निभा सकते हैं। गॉल में उन्होंने 51 रन की तेज पारी खेली, जबकि एसएससी टेस्ट में उन्होंने पंत के साथ पारी संभालने के बाद शतक लगाया। सबसे खास बात थी स्पिन और तेज गेंदबाजों दोनों के विरुद्ध उनका आत्मविश्वास। यानी परिस्थिति चाहे जैसी हो, जुरैल उसी के हिसाब से अपना खेल बदल सकते हैं।
अंतिम पारी ने याद दिलाई पुरानी कमजोरी
सीरीज की आखिरी पारी ने भारतीय टीम को एक पुरानी कमजोरी की याद जरूर दिलाई। श्रीलंका ने करीब पांच सेशन तक बल्लेबाजी करते हुए टेस्ट ड्रॉ करा लिया। पदार्पण करने वाले ऑफ स्पिनर सारांश जैन प्रभाव नहीं छोड़ सके और उनकी गेंदों की लंबाई में निरंतरता की कमी दिखी। इसके चलते गॉल टेस्ट में प्रभावी नहीं रहे कुलदीप यादव को लेकर भी टीम प्रबंधन के सामने चर्चा हो सकती है।
