'मुझे लोग बलि का बकरा बना रहे', खिलाड़ियों की इंजरी को लेकर आरोपों में घिरे वीवीएस लक्ष्मण ने तोड़ी चुप्पी
वीवीएस लक्ष्मण ने खिलाड़ियों की लगातार चोटों को लेकर बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) पर लग रहे आरोपों पर चुप्पी तोड़ी है। ...और पढ़ें
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वीवीएस लक्ष्मण

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) को लेकर पिछले कुछ समय से सवाल उठ रहे हैं। इसका कारण खिलाड़ियों की लगातार बढ़ती चोट है। जसप्रीत बुमराह, जिन्होंने हाल ही में इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में हिस्सा लिया था, वे आखिरी मैच नहीं खेल सके थे। इसके अलावा साई सुदर्शन भी चोटिल हैं। वे श्रीलंका नहीं जा पाएंगे।
हार्दिक पांड्या लंबे समय से चोट की वजह से बाहर हैं, जिससे टीम का संतुलन भी बिगड़ रहा है। प्लेयर्स की लगातार चोट को देखते हुए सीओई की आलोचना होने लगी, जिसके हेड वीवीएस लक्ष्मण हैं। अब इस मामले पर लक्ष्मण ने चुप्पी तोड़ी है। उनका कहना है कि लोग सिर्फ ब्लेम करते हैं। पूर्व भारतीय दिग्गज का मानना है कि खिलाड़ियों की फिटनेस को लेकर कोई भी लापरवाही नहीं बरती जाती है।
वीवीएस लक्ष्मण ने आरोपों पर दिया जवाब
सीओई को लेकर ऐसा दावा किया गया कि वे समय से पहले खिलाड़ियों को फिटनेस क्लियरेंस दिया। हालांकि, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के हेड ने इसका विरोध किया। उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि हम ब्लेम शब्द का इस्तेमाल करना पसंद नहीं करते हैं। जब आप किसी को ब्लेम कर रहे होते हैं, तो आप उसे बलि का बकरा बना रहे होते हैं। मुझे नहीं पता सब लोग क्या महसूस करते हैं और फिर ब्लेम करना शुरू कर देते हैं।"
लक्ष्मण ने आगे कहा, "सीओई, मेडिकल स्टाफ और सेलेक्शन कमेटी के बीच अच्छा तालमेल है। जब सीओई से फिटनेस रिपोर्ट मांगी जाती है, तो हम सेलेक्टर्स को इसे भेजते हैं। उसकी एक कॉपी सेलेक्शन कमेटी और एक कॉपी बीसीसीआई को जाती है। सुदर्शन और बुमराह की बात है, तो उनका चयन भी फिटनेस के आधार पर किया गया था। इसका ये मतलब नहीं है कि एक खिलाड़ी को चुना गया और फिर उसे बाहर कर दिया गया। फिटनेस के आधार पर चुने जाने का मतलब यही होता है कि उस खिलाड़ी को अपनी फिटनेस अभी साबित करनी है।"
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खिलाड़ियों के चोट का सिलसिला
खिलाड़ियों के चोट को लेकर बहर उस समय तेज हो गई, जब शुभमन गिल भी चोट की वजह से प्रैक्टिस मैच में नहीं खेल सके। इसके अलावा नीतीश कुमार रेड्डी और हर्षित राणा कुछ मैच खेलकर चोटिल हो गए। इससे भी लगातार सवाल उठे कि खिलाड़ी आधी फिटनेस के साथ क्रिकेट खेलने चले जाते हैं और फिर चोटिल हो जाते हैं।