'17वें ओवर में कुलदीप को गेंद थमाना...', 250 रन न बचा पाने पर भड़के सुनील गावस्कर; इस गलती को बताया हार की वजह
दिग्गज क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने कहा कि मैं 17वें ओवर में अर्शदीप या मयंक में से किसी एक को गेंदबाजी के लिए बुलाता।
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भारतीय टीम

समय कम है?
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पीटीआई, नई दिल्ली। दिग्गज क्रिकेटर सुनील गावस्कर का मानना है कि वेस्टइंडीज के विरुद्ध रांची में खेले गए दूसरे टी-20 मैच में भारत ने तेज गेंदबाज मयंक यादव या बाएं हाथ के तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह के बजाय कुलदीप यादव को महत्वपूर्ण 17वां ओवर सौंपकर बड़ी गलती की।
कुलदीप ने इस ओवर में 24 रन लुटाए, जिसमें तीन छक्के, एक चौका और एक वाइड शामिल थी। इससे 250 रन के लक्ष्य का पीछा कर रहे वेस्टइंडीज का पलड़ा भारी हो गया। वेस्टइंडीज ने यह मैच छह विकेट से जीतकर पांच मैचों की सीरीज 1-1 से बराबर कर ली।
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— BCCI (@BCCI) October 9, 2026
गावस्कर ने जियोस्टार से कहा कि मैं 17वें ओवर में अर्शदीप या मयंक में से किसी एक को गेंदबाजी के लिए बुलाता। अर्शदीप ने अपने आखिरी ओवर (18वें ओवर) में खूब रन लुटाए, लेकिन मयंक ने शुरुआती झटके दिए थे। उन्होंने कहा कि मयंक का इकोनामी रेट लगभग 12 रन प्रति ओवर था और उस समय वेस्टइंडीज को इससे अधिक रन चाहिए थे। इसलिए अगर उन्होंने विकेट ले लिया होता तो मैच आपके पक्ष में जा सकता था।
गावस्कर का मानना था कि उस महत्वपूर्ण मोड़ पर मयंक का एक और विकेट वेस्टइंडीज पर भारी दबाव डाल सकता था और उसके लिए मुश्किल पैदा कर सकता था। उन्होंने कहा कि जब एक बार विकेट मिल जाए तो विपक्षी टीम अचानक बैकफुट पर आ जाती है। एक नए बल्लेबाज को आना पड़ता है। इसलिए उस समय मयंक को आजमाया जाना चाहिए था। इसके अलावा मुझे लगता है कि नौवें ओवर में शिवम दुबे को गेंदबाजी के लिए बुलाना सही फैसला नहीं था। तब बल्लेबाज लय हासिल करने की कोशिश कर रहे थे और इसलिए तब कुलदीप को लाना शायद बेहतर विकल्प होता।
