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    एक ताने से परेशान हो गए थे श्रेयस अय्यर, फिर खुद को बदलने की ठानी और मचा दिया हंगामा; खुद बताई दर्द भरी कहानी

    Updated: Tue, 28 Apr 2026 05:24 PM (IST)

    पंजाब किंग्स के कप्तान श्रेयस अय्यर ने कहा है कि उनको अपनी एक कमजोरी को लेकर काफी ताने सुनने को मिलते थे और इसलिए उन्होंने जमकर मेहनत करते हुए इसमें स ...और पढ़ें

    श्रेयस अय्यर ने बताई दर्द भरी कहानी

    श्रेयस अय्यर ने बताई दर्द भरी कहानी

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    स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। श्रेयस अय्यर इस समय शानदार फॉर्म में हैं। पंजाब किंग्स के कप्तान ने आगे से टीम का नेतृत्व किया है और आईपीएल-2026 में कमाल किया है। एक समय था जब अय्यर को लेकर कहा जाता था कि शॉर्ट बॉल उनकी कमजोरी है। अय्यर को ये ताना कई बार सुनने को मिले। फिर दाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने लोगों का मुंह बंद करने की ठानी और जमकर मेहनत की।

    अय्यर भारत की वनडे टीम का अहम हिस्सा हैं। वह टीम के उपकप्तान भी हैं। हालांकि, टेस्ट और टी20 में वह अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने हिम्मत नहीं हारी है और अगर वह वापसी कर जाएं तो हैरानी नहीं होनी चाहिए।

    अय्यर को आया गुस्सा

    अय्यर ने जियोस्टार के एक शो पर बात करते हुए कहा कि लोग उनसे कहते थे कि वह शॉर्ट गेंदों की समस्या को कभी भी सुलक्षा नहीं सकते और इस बात ने उन्हें गुस्सा दिला दिया था। उन्होंने कहा, "लोग कहते थे कि मैं कभी अपनी शॉर्ट-बॉल की समस्या को सुधार नहीं पाऊंगा। इस बात ने मुझे गुस्सा दिला दिया था। मैं उन्हें अच्छा प्रदर्शन कर गलत साबित करना चाहता था इसलिए मैंने इस पर काम किया। पहले मैं सिंगल ले लेता था और गेंद को नीचे रखने की कोशिश करता था, लेकिन अब मेरा माइंडसेट बदल गया है। अगर मैं अपनी जोन में शॉर्ट बॉल को देखूंगा तो मैं उसे छक्के के लिए भेज दिया। मैंने प्रवीण आमरे के साथ काम किया। मैं काफी पहले से उनके साथ काम कर रहा हूं। मैंने अभिषेक नायर जैसे कोचेस से भी बात की और आइडिया शेयर किया।"

    '300 बॉल खेलता हूं'

    अय्यर ने बताया कि वह अपनी बल्लेबाजी के दौरान 300 गेंदें खेलने की कोशिश करते हैं। अय्यर ने कहा, "अपनी बैटिंग प्रैक्टिस के दौरान। मैं अब 50 ओवर और 300 बॉल खेलने की कोशिश करता हूं। इससे मुझे समझने में मदद मिली कि मेरे लिए क्या काम करता है। मैं कोई फिक्स्ड पैटर्न पर काम नहीं करता। मैं पिच पर ज्यादा समय बिताता हूं और हकीकत के गेंदबाजों का सामना करता हूं, सिर्फ साइडआर्म थ्रो नहीं। मैं जितना गेंदबाजों का सामना करूंगा, उतना मेरे मूवमेंट अच्छे होंगे।"

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