'धोनी के फॉर्मूले पर आप नहीं जीत सकते', लगातार तीसरे साल CSK के फ्लॉप होने पर भड़के अश्विन; दे डाली बड़ी नसीहत
आईपीएल 2026 में चेन्नई सुपर किंग्स का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। इसके बाद अब रविचंद्रन अश्विन ने टीम मैनेजमेंट को खूब फटकार लगाई है।

रविचंद्रन अश्विन

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। चेन्नई सुपर किंग्स के लिए आईपीएल 2026 निराशाजनक रहा। टीम प्लेऑफ के लिए क्वालीफाई नहीं कर सकी। इसके बाद रविचंद्रन अश्विन ने टीम को लेकर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि चेन्नई को टीम बनाने के तरीके में बदलाव करना होगा। उन्होंने ये भी तर्क दिया कि सीएसके को एमएस धोनी के फॉर्मेूले से बाहर निकलना होगा, जिससे उन्होंने टीम को सफलता दिलाई थी।
चेन्नई की टीम ने आखिरी बार 2023 में आईपीएल का खिताब अपने नाम किया था। इसके बाद धोनी ने टीम की कप्तानी छोड़ी और ऋतुराज गायकवाड़ को जिम्मेदारी सौंपी गई। गायकवाड़ ने 2024, 2025 और 2026 में टीम की अगुवाई की लेकिन सीएसके प्लेऑफ में एक भी बार क्वालीफाई नहीं कर सकी। ऐसे में अब अश्विन ने टीम को सलाह दी है कि वे क्वालिटी खिलाड़ियों में निवेश करें और उसके बाद ही टीम अच्छा प्रदर्शन कर सकती है।
रविचंद्रन अश्विन ने दी सलाह
अपने यूट्यूब चैनल पर बात करते हुए अश्विन ने कहा, "सीएसके को क्वालिटीम प्लेयर्स में निवेश करना होगा। मेरा मतलब ये है कि अनुभव के साथ एक क्वालिटी टीम बनाओ। अनुभवी गेंदबाज शामिल हों। तेज गेंदबाजों और स्पिनरों में वैरायटी हो। टीम को सही तरीके से बनाया जाना चाहिए। ये धोनी की चेन्नई नहीं है। अब समय बदल चुका है। आपको ये ध्यान में रखना होगा कि सफलता जरूरत मिलेगी लेकिन धीरे-धीरे मिलेगी।"
पूर्व भारतीय दिग्गज का मानना है कि चेपॉक में टीम सही से नहीं खेल रही है, "जो उनके खराब प्रदर्शन का मुख्य कारण है। अश्विन ने कहा, शिवम दुबे की बैटिंग अच्छी थी लेकिन मुझे लगता है कि जो टीम चेपॉक के लिए चुनी गई है, वह उन्हें रास नहीं आ रही है। "
चेन्नई की टीम प्लेऑफ से बाहर
गुजरात टाइटंस के खिलाफ गुरुवार को चेपॉक में खेले गए मुकाबले में 89 रनों से हार का सामना करना पड़ा। इसी के साथ उनकी प्लेऑफ की उम्मीदें खत्म हो गई और लगातार तीसरे सीजन प्लेऑफ में क्वालीफाई नहीं कर सकी। सीएसके आईपीएल 2023 में चैंपियन बनी थी और उसके बाद से लगातार टॉप-4 में जगह नहीं बना सकी। वे अपने घर यानी एमए. चिदंमबरम स्टेडियम में संघर्ष करते हुए दिखाई दिए, जो उनके बाहर होने का मुख्य कारण भी रहा।
