Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    जय शाह की अगुआई में सीओई का सपना हुआ पूरा, लक्ष्मण और सैकिया ने बांधे तारीफों के पुल

    Updated: Mon, 10 Aug 2026 08:42 AM (IST)

    जय शाह के नेतृत्व में बीसीसीआई का अत्याधुनिक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) अपने दूसरे स्थापना दिवस के करीब है, जिसे युद्धस्तर पर पूरा किया गया। देवजीत सैक ...और पढ़ें

    देवजीत सैकिया ने की जय शाह की तारीफ

    देवजीत सैकिया ने की जय शाह की तारीफ

    timer icon

    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    पीटीआई, बेंगलुरु: अपने दूसरे स्थापना दिवस के करीब पहुंच चुका भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) का अत्याधुनिक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) पूर्व सचिव जय शाह के नेतृत्व में बोर्ड अधिकारियों के युद्धस्तर पर किए गए प्रयासों का नतीजा है।

    मौजूदा सचिव देवजीत सैकिया ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आइसीसी) के वर्तमान प्रमुख शाह ने इस परियोजना को समय पर पूरा कराने के लिए हर स्तर पर प्रयास किए और सभी अधिकारियों को एकजुट किया।

    एक साथ आए सभी

    बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में मीडिया से बातचीत में सैकिया ने कहा कि उन्होंने बीसीसीआई की शीर्ष परिषद के सभी सदस्यों को साथ लिया और दृढ़ निर्णय किया कि इस परिसर का निर्माण युद्धस्तर पर किया जाना चाहिए। हमें राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी की पुरानी और अस्थायी व्यवस्था से आगे बढ़ने की जरूरत थी। सैकिया ने बताया कि काम शुरू करने के लिए जरूरी कानूनी अड़चनों को दूर करने के लिए शाह कई बार व्यक्तिगत रूप से यहां आए।

    उन्होंने कहा कि जब कोई बड़ी परियोजना शुरू करनी होती है तो कई नियमों का पालन करना पड़ता है। इसके अलावा जमीन को नियमित कराना भी जरूरी था। इन सभी कानूनी अड़चनों को दूर करने के लिए जय कई मौकों पर खुद यहां आए।

    सैकिया ने कहा कि यह सबसे बड़ी चुनौती थी, क्योंकि 40 एकड़ की यह जमीन लंबे समय से खाली पड़ी थी और कई लोग इसे वापस लेना चाहते थे। इसलिए 14 फरवरी 2022 को काम शुरू होने से पहले हर चीज को मंजूरी दिलाना जरूरी था।

    उन्होंने कहा कि बदलाव का दौर चुनौतीपूर्ण था। उस समय रोजर बिन्नी अध्यक्ष थे और हमने वीवीएस लक्ष्मण की भी मदद ली, जो उस समय इस पूरी योजना का हिस्सा बन चुके थे।

    लक्ष्मण ने भी किए पुराने दिन याद

    लक्ष्मण ने भी उस लंबे सफर को याद किया, जिसके लिए वह हैदराबाद से बेंगलुरु आए थे। उन्होंने बताया कि 2021 में जय शाह और तत्कालीन बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली ने उनसे संपर्क किया था। उस समय राहुल द्रविड़ भारतीय टीम के मुख्य कोच बनने जा रहे थे और बोर्ड राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी में निरंतरता बनाए रखना चाहता था।

    खबरें और भी

    लक्ष्मण ने कहा कि मेरे लिए यह कठिन फैसला था। लेकिन एक क्रिकेटर के तौर पर मेरा हमेशा मानना रहा है कि जिन पूर्व खिलाड़ियों को इस महान खेल से लाभ मिला है, उनकी जिम्मेदारी है कि वे खेल के लिए अपना योगदान वापस दें। इसी सोच के साथ मैं दिसंबर 2021 में बेंगलुरु आ गया।

    पूर्व भारतीय बल्लेबाज ने पूरी परियोजना के दौरान शाह के मार्गदर्शन को याद करते हुए कहा कि करीब दो साल के भीतर पूरा बुनियादी ढांचा तैयार होकर काम करने लगा। इसका बड़ा श्रेय जय शाह को जाता है। वह उस समय बीसीसीआई सचिव थे और मैंने खुद देखा कि वह आर्किटेक्ट और एलएंडटी की टीम के साथ होने वाली हमारी विभिन्न बैठकों में कितनी दिलचस्पी लेते थे। उनका प्रयास रहता था कि सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के हर पहलू का ध्यान रखा जाए।

    यह भी पढ़ें- रोहित शर्मा के साथ BCCI के बर्ताव पर भड़का पूर्व दिग्गज, विश्व कप 2027 को लेकर दे डाली बड़ी चेतावनी

    यह भी पढ़ें- CoE में 'नो एंट्री' तो बदलेगा वेन्यू, दर्शकों के लिए दलीप ट्रॉफी फाइनल की जगह बदल सकता है BCCI