IND vs AFG: ओपनिंग की जंग पर वैभव सूर्यवंशी के पिता ने तोड़ी चुप्पी, क्या श्रेयस अय्यर आज देंगे 15 साल के युवा को मौका?
अफगानिस्तान के खिलाफ लगातार दूसरे मैच में भी भारतीय टीम ने वैभव सूर्यवंशी की जगह संजू सैमसन को ओपनर के तौर पर उतारा।
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वैभव सूर्यवंशी

समय कम है?
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स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। अफगानिस्तान के खिलाफ लगातार दूसरे मैच में भी भारतीय टीम ने वैभव सूर्यवंशी की जगह संजू सैमसन को ओपनर के तौर पर उतारा। पहले T20I में 10 रन बनाने के बाद सैमसन ने शानदार वापसी करते हुए 22 गेंदों में 57 रन बनाए। कप्तान श्रेयस अय्यर के इशारे से लगता है कि गुरुवार को होने वाले तीसरे T20I में सूर्यवंशी को मौका मिल सकता है। दूसरे T20I के बाद अय्यर ने कहा, "हम चाहते हैं कि वे सभी विकेट के हिसाब से ढल जाएं और थोड़ी प्रैक्टिस कर लें, इसलिए जो खिलाड़ी अभी बाहर बैठे हैं, उन्हें मौका देने का यह एक अच्छा अवसर होगा।"
दूसरे T20I के बाद वैभव सूर्यवंशी के पिता संजीव से प्लेइंग 11 में उनके बेटे के न होने के बारे में पूछा गया। संजीव ने इंडिया टुडे से कहा, "जब जरूरत होगी, तो वह खेलेगा। बच्चा खेलने के लिए तैयार है।"
संजू ने लगाया अर्धशतक
दूसरे T20I में अफगानिस्तान के खिलाफ 160 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए, टीम इंडिया पर कभी दबाव नहीं दिखा। संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा की ओपनिंग जोड़ी ने पहले विकेट के लिए 88 रन की साझेदारी की। सैमसन ने 22 गेंदों में 57 रन बनाकर जबरदस्त वापसी की और भारत ने 14.5 ओवर में ही लक्ष्य हासिल कर लिया।
संजू ने कही थी ये बात
मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में सैमसन से T20I टीम में ओपनिंग की दो जगहों के लिए कॉम्पिटिशन के बारे में पूछा गया। हालांकि, अनुभवी क्रिकेटर ने एक जबरदस्त बात कही कि कॉम्पिटिशन सिर्फ बाहरी दुनिया के लिए है। उनके लिए सूर्यवंशी और अभिषेक दोनों ही टीम के साथी हैं जो देश के लिए एक साथ खेल रहे हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि टीम में इस बात को लेकर कोई चर्चा नहीं होती कि किसी खिलाड़ी को नजरअंदाज किया गया या किसी को काफी मौके नहीं मिले।
सैमसन ने मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों से कहा, "मुझे लगता है कि सूर्यवंशी और अभिषेक शर्मा)बाहरी दुनिया के लिए कॉम्पिटिटर हैं, लेकिन हम एक टीम हैं और हम अपने देश के लिए खेल रहे हैं। हम पहले मैच जीतना चाहते हैं, उसके बाद ही दूसरे खिलाड़ियों की बात आती है। हम यह सोचकर उदास नहीं हो सकते या नेगेटिव सोच नहीं रख सकते कि 'अरे, मुझे यह नहीं मिला, उसे क्यों दिया गया?' ऐसी सोच यहां काम नहीं करती।"
