'भारत की तरह पाकिस्तान में भी उनके करोड़ों दीवाने', नाना पाटेकर के निधन से सरहद पार भी मातम
दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन से भारत ही नहीं पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान में भी शोक का माहौल है।
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नाना पाटेकर

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन से भारत ही नहीं पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान में भी शोक का माहौल है। पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर बासित अली ने नाना पाटेकर को भावभीनी श्रद्धांजलि दी है। नाना का गुरुवार तड़के गोवा स्थित उनके आवास पर कार्डियक अरेस्ट के कारण 75 वर्ष की आयु में निधन हो गया।
बहुत प्यारे भाई थे
अली ने एक वीडियो में कहा, "दुखद खबर है। वह हमारे लिए बहुत प्यारे भाई, दोस्त और एक लीजेंड थे। अब वह इस दुनिया में हमारे बीच नहीं रहे। नाना पाटेकर साहब का निधन हो गया है।"
मणिपाल अस्पताल के डॉ. शेखर सालकर के अनुसार, मेडिकल टीम ने एक्टर को बचाने की लगभग 45 मिनट से एक घंटे तक कोशिश की, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।
2019 में शुरू हुई बातचीत
अपनी दोस्ती के बारे में अली ने कहा, "मैं उनके बारे में क्या कहूं? वह इंसान के तौर पर जैसे थे, वैसा ही उनकी एक्टिंग में भी दिखता था। हमने नाना की वजह से लतीफ का निकनेम 'नाना' रखा था। हमारी बातचीत 2019 में शुरू हुई थी। तभी से हम बात करने लगे। हम कभी-कभी बात करते थे। जब मेरी मां अस्पताल में थीं, तो नाना जी हर हफ्ते फोन करते थे। वह दुआ करते थे, मां से लंबी बात करते थे और पुरानी कहानियां सुनाते थे।"
सेहत का हाल जाना
अली ने कहा, "जब मेरी मां का निधन हुआ, तो उन्होंने कहा, 'अब अपना थोड़ा ज्यादा ध्यान रखना।'" अली ने याद किया कि जब उनकी हार्ट सर्जरी हुई थी, तो पाटेकर ने उनकी सेहत का हाल जानने के लिए फोन किया था।
अली ने कहा, "जब मुझे दिल की तकलीफ हुई थी और मैं ठीक हो रहा था, तो उन्होंने मुझे मैसेज करके पूछा, 'आप कैसे हैं? ठीक होने पर मुझे फोन करना।' जैसे ही मुझे थोड़ा बेहतर महसूस हुआ, मैंने उन्हें फोन किया। उन्होंने मेरा हाल-चाल पूछा और मेरी सेहत को लेकर सच्ची चिंता जाहिर की।"
Former Pakistan cricketer Basit Ali’s emotional tribute to Nana Patekar is a beautiful reminder of a friendship that transcended borders. He recalled how the Bollywood legend stayed in touch for decades, checked on his mother during her illness, and reached out after Basit’s own heart surgery. Beyond the screen, Basit remembered Nana as a warm, caring and genuinely good human being. His words also showed just how deeply Nana Patekar was admired in Pakistan. Some artists belong to everyone. Nana Patekar was loved equally on both sides of the border. 🇮🇳❤️🇵🇰
— Brutal Truth (@sarkarstix) October 8, 2026
अपनापन दिखाते थे
अली ने पाटेकर को एक बेहतरीन इंसान बताया। उन्होंने कहा, "हम उनसे उनकी फिल्मों के सीन के बारे में पूछते थे, तो वे मजाक में कहते थे, 'चुप रहो! तुम्हें क्या पता?' वे हमारे साथ जो अपनापन दिखाते थे, वह सच में बहुत खास थे। हमसे सीनियर होने के बावजूद, उन्होंने हमें बहुत प्यार और सम्मान दिया। मुझे अभी भी इस खबर पर यकीन नहीं हो रहा है। इसे स्वीकार करना बहुत मुश्किल है।"
पाटेकर अपनी जबरदस्त एक्टिंग और खास अंदाज में डायलॉग बोलने के लिए जाने जाते थे। उन्होंने हिंदी और मराठी सिनेमा में एक शानदार करियर बनाया। उनकी कुछ मशहूर फिल्मों में 'परिंदा', 'क्रांतिवीर' और 'सलाम बॉम्बे!' शामिल हैं।
अली ने कहा, "मैं यहां एक बात कहना चाहता हूं, जैसे भारत में नाना जी के अनगिनत चाहने वाले थे, वैसे ही पाकिस्तान में भी उनके बहुत सारे चाहने वाले हैं। यहां के लोग उन्हें बहुत पसंद करते हैं और उनकी तारीफ करते हैं।"
