सर्च करे
Home
फोकस
विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

अनिल अग्रवाल का बड़ा दांव: वेदांता ने NCD जारी कर बाजार से खींच लिए ₹2000 करोड़!

Published: Wed, 30 Sep 2026 05:47 PM (IST)

अनिल अग्रवाल की वेदांता लिमिटेड ने नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCDs) के निजी प्लेसमेंट के जरिए ₹2000 करोड़ जुटाए हैं। यह राशि ...और पढ़ें

वेदांता ने NCDs के निजी प्लेसमेंट से ₹2,000 करोड़ जुटाए।

वेदांता ने NCDs के निजी प्लेसमेंट से ₹2,000 करोड़ जुटाए।

HighLights

  1. वेदांता ने NCDs के निजी प्लेसमेंट से ₹2,000 करोड़ जुटाए।

  2. यह फंड कंपनी की डेट रिफाइनेंसिंग योजनाओं का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

  3. प्रत्येक नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर का अंकित मूल्य ₹1 लाख है।

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। भारत के दिग्गज अरबपति अनिल अग्रवाल की वेदांता लिमिटेड ने नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCDs) के प्राइवेट प्लेसमेंट के जरिए करके 2 हजार करोड़ रुपये जुटाए हैं। कंपनी ने एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCDs) अनसिक्योर्ड, रिडीमेबल, रेटेड और लिस्टेड होंगे, और हर डिबेंचर की फेस वैल्यू ₹1 लाख होगी।

वेदांता ने यह फंड अपने डेट कैपिटल जुटाने और रिफाइनेंसिंग की योजनाओं पर काम कर रही है, जिसके तहत यह फंड जुटाया गया है।

अनिल अग्रवाल की कंपनी ने दी जानकारी

वेदांता ने एक्सचेंज फाइलिंग में कहा- "कंपनी के डायरेक्टर्स की विधिवत गठित कमेटी ने प्राइवेट प्लेसमेंट के आधार पर ₹1,00,000 फेस वैल्यू वाले 2,00,000 अनसिक्योर्ड, रिडीमेबल, रेटेड, लिस्टेड नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (कुल ₹2000 करोड़) के अलॉटमेंट को मंजूरी दे दी है।"

इससे पहले 18 सितंबर को वेदांता ने NCDs के प्राइवेट प्लेसमेंट के जरिए ₹3,500 करोड़ तक जुटाने की योजना को मंजूरी दी थी। और अब 30 सितंबर की फाइलिंग में कुल ₹2000 करोड़ मूल्य के 2 लाख डिबेंचर के अलॉटमेंट की जानकारी दी गई है।

रिफाइनेंसिंग प्रोग्राम का है हिस्सा

यह NCD जारी करना वेदांता के रिफाइनेंसिंग प्रोग्राम का हिस्सा है। कंपनी अपनी मौजूदा देनदारियों को बदलना और उधार लेने की लागत को मैनेज करना चाहती है।

रिफाइनेंसिंग के मकसद के आधार पर, फंड जुटाने से वेदांता को अपनी मौजूदा देनदारियों को मैनेज करने और उधार लेने की लागत को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।

NCDs क्या है?

NCDs तय समय और तय इनकम वाले कॉर्पोरेट डेट इंस्ट्रूमेंट होते हैं, जो मैच्योरिटी पर इक्विटी में बदलने का विकल्प दिए बिना कैपिटल जुटाते हैं। वेदांता ने पहले एक बयान में कहा था कि 30 जून, 2026 तक कंपनी का नेट डेट ₹8,299 करोड़ था।

यह भी पढ़ें- दुबई के शेख के हाथों बिके 83 साल पुराने भारतीय बैंक को झटका, किसने थमा दिया 173 करोड़ का नोटिस?

"शेयर से जुड़े अपने सवाल आप हमें [email protected] पर भेज सकते हैं।"

(डिस्क्लेमर: यहां शेयर बाजार की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। जागरण बिजनेस निवेश की सलाह नहीं दे रहा है। स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है, इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।)