एन चंद्रशेखरन का इस्तीफा बना मुसीबत! टाटा ग्रुप के शेयरों में गहराई गिरावट; सबसे बड़ी कंपनी का स्टॉक 4% फिसला
बुधवार को एन चंद्रशेखरन के टाटा संस के चेयरमैन पद से इस्तीफे की खबरों के बाद टाटा ग्रुप के शेयरों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। इस कारण ग्रुप की कुल मार ...और पढ़ें

टाटा ग्रुप के शेयरों में जोरदार गिरावट
HighLights
एन चंद्रशेखरन के इस्तीफे से टाटा ग्रुप के शेयर गिरे
ग्रुप की मार्केट वैल्यू 44,000 करोड़ रुपये से अधिक घटी
TCS, तेजस नेटवर्क्स, टाटा मोटर्स के शेयर सबसे ज्यादा गिरे
नई दिल्ली। बुधवार के कारोबार में टाटा ग्रुप के शेयरों (Tata Group Stocks) में गिरावट देखने को मिल रही है। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, तेजस नेटवर्क्स और टाटा मोटर्स के शेयरों में सबसे अधिक गिरावट देखी गई। यह गिरावट एन चंद्रशेखरन (N Chandrasekaran Resigns) ने टाटा संस के चेयरमैन पद से इस्तीफा देने के बाद आई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार वे दोबारा इस पद पर नहीं आएंगे। इस खबर के बीच ग्रुप के शेयरों की कुल मार्केट वैल्यू में 44,000 करोड़ रुपये से अधिक की कमी आई है।
कौन सा शेयर कितना गिरा?
- TCS - 4.10 फीसदी
- टाटा स्टील - 1.09 फीसदी
- टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल - 2.70 फीसदी
- टाइटन - 1.14 फीसदी
- टाटा पावर - 1.12 फीसदी
- टाटा टेक - 1.50 फीसदी
- तेजस नेटवर्क्स - 2.14 फीसदी
- IHCL - 1.32 फीसदी
- Tata Elxsi - 1.84 फीसदी
- वोल्टास - 1.10 फीसदी
इन दो शेयरों में तेजी
टाटा ग्रुप के दो शेयर तेजी दिखा रहे हैं। इनमें टाटा कैपिटल 0.48 फीसदी ऊपर है। वहीं टाटा केमिकल्स 1.13 फीसदी मजबूत है।
'दोबारा नियुक्ति के लिए नाम पेश नहीं करूंगा'
चंद्रशेखरन ने कहा है कि टाटा संस के कई अहम प्रोजेक्ट्स अभी लागू होने के महत्वपूर्ण चरण में हैं और कर्मचारियों, निवेशकों, पार्टनर्स और अन्य स्टेकहोल्डर्स के लिए लीडरशिप को लेकर स्पष्टता जरूरी है। चंद्रशेखरन ने कहा कि उन्होंने बुधवार को ही टाटा संस बोर्ड को अपने फैसले के बारे में बता दिया था और उनसे कहा था कि वे जल्द ही उत्तराधिकारी के बारे में फैसला लें ताकि कामकाज का सुचारू रूप से हस्तांतरण हो सके।
चंद्रशेखरन ने कहा, "मैंने तय किया है कि 20 फरवरी, 2027 को मेरा कार्यकाल खत्म होने पर मैं दोबारा नियुक्ति के लिए अपना नाम पेश नहीं करूंगा।"
नोएल टाटा से अनबन बनी वजह?
टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा को चंद्रशेखरन के पद पर बने रहने का विरोधी माना जा रहा था। हालांकि नोएल टाटा समेत सभी ट्रस्टियों ने लगभग एक साल पहले ही सर्वसम्मति से उनके लिए अगले पांच साल के कार्यकाल की सिफारिश करने का फैसला किया था।
मगर इस साल 24 फरवरी को टाटा संस बोर्ड ने उनकी दोबारा नियुक्ति के फैसले को टाल दिया था, क्योंकि टाटा ने नए बिजनेस के परफॉर्मेंस को लेकर कुछ चिंताएं जताई थीं। टाटा, चंद्रशेखरन के लिए दो साल के एग्जीक्यूटिव कार्यकाल के पक्ष में भी थे, जो एग्जीक्यूटिव भूमिकाओं के लिए ग्रुप की 65 साल की रिटायरमेंट उम्र के अनुरूप होता।
खबरें और भी
ये भी पढ़ें - Tata Group News: एन चंद्रशेखरन छोड़ सकते हैं टाटा संस का चेयरमन पद, क्यों नहीं थम रहा टाटा ग्रुप में मचा घमासान?
"शेयर से जुड़े अपने सवाल आप हमें [email protected] पर भेज सकते हैं।"
(डिस्क्लेमर: यहां शेयर बाजार की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। जागरण बिजनेस निवेश की सलाह नहीं दे रहा है। स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है, इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।)