भारत के शेयर बाजार को दोहरा झटका, हाथ से फिसली छठी रैंक; ताइवान के बाद अब दक्षिण कोरिया ने दी पटखनी
भारत का शेयर बाजार वैश्विक रैंकिंग में छठे स्थान से फिसल गया है, पहले ताइवान और अब दक्षिण कोरिया ने ...और पढ़ें

ताइवान के बाद साउथ कोरिया के शेयर बाजार ने भारत के शेयर बाजार को पछाड़ा
HighLights
भारत का शेयर बाजार वैश्विक रैंकिंग में छठी रैंक से फिसला।
ताइवान के बाद अब दक्षिण कोरिया ने भारत को पछाड़ा।
AI मांग से सेमीकंडक्टर कंपनियों में जबरदस्त उछाल आया।
नई दिल्ली। भारत के शेयर बाजार को एक और बड़ा झटका लगा है। साउथ कोरिया के शेयर बाजार ने इंडिया के शेयर बाजार को पीछे छोड़ दिया है। यह एक हफ्ते में ऐसा दूसरी बार हुआ है, जब भारत के बाजार को दोहरा झटका लगा। इससे पहले 26 मई को ताइवान के शेयर बाजार ने भारत को (South Korea Overtakes Indian Share Market) पछाड़ा था। और अब साउथ कोरिया के स्टॉक मार्केट ने भारत के शेयर बाजार से नंबर 6 की पोजीशन छीन ली है।
दक्षिण कोरिया और ताइवान के शेयर बाजार में आई तेजी की मुख्य वजह सेमीकंडक्टर रही है। दोनों देशों की सेमीकंडक्टर क्षेत्र की दिग्गज कंपनियों में जबरदस्त उछाल देखा गया। यही वजह रही की दोनों देशों के शेयर बाजार में बढ़त देखने को मिली।
$4.8 ट्रिलियन पर आया भारत के बाजार का मार्केट कैप
सेमीकंडक्टर क्षेत्र की दिग्गज कंपनियों में आया जबरदस्त उछाल इसलिए आ रहा है क्योंकि वैश्विक स्तर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में आई तेजी का फायदा मिल रहा है। दक्षिण कोरिया में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप इस वर्ष 86% बढ़कर $5 ट्रिलियन तक पहुंच गया है। इसके विपरीत, भारत के बाजार का मार्केट कैपिटलाइजेशन फिसलकर लगभग $4.8 ट्रिलियन (India Share Market Captlizatrion) पर आ गया है।
2026 में अब तक Sensex और Nifty में क्रमशः 12 प्रतिशत और 15% की गिरावट आई है। यह खराब प्रदर्शन सितंबर 2024 के आखिर से ही जारी है, जिसकी मुख्य वजहें हैं - हाई वैल्यूएशन, कमजोर कमाई और विदेशी निवेशकों द्वारा लगातार की जा रही बिकवाली।
Samsung और SK Hynix ने छुआ 1 ट्रिलियन डॉलर का आंकड़ा
साउथ कोरिया के बाजार में लिस्टेड सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स और एसके हाइनिक्स ने 1 लाख करोड़ रुपये ($1 ट्रिलियन) के मार्केट कैप के आंकड़े को पार कर लिया। दोनों कंपनियों ने बाजार में आई तेजी का नेतृत्व किया। AI मेमोरी-चिप टेक्नोलॉजी में उनकी बढ़त ने Kospi इंडेक्स को 2026 में 100% से ज्यादा का लाभ दिलाने में मदद की है। इस साल दक्षिण कोरिया ने कनाडा, जर्मनी, UK और फ्रांस जैसे कई बड़े बाजारों को भी पीछे छोड़ दिया है।
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(डिस्क्लेमर: यहां शेयर बाजार की जानकारी दी गयी है। यह निवेश की सलाह नहीं। जागरण बिजनेस निवेश की सलाह नहीं दे रहा है। स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है, इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।)
