सर्च करे
Home
फोकस
विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

मुकेश अंबानी का बड़ा दांव! अपनी ही कंपनी रिलायंस में खरीदे ₹9000 करोड़ के शेयर, क्या अब आएगी बड़ी तेजी?

Published: Fri, 17 Jul 2026 01:06 PM (IST)Updated: Fri, 17 Jul 2026 02:11 PM (IST)

रिलायंस इंडस्ट्रीज के प्रमोटर ग्रुप ने अप्रैल-जून तिमाही में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर 50.48% कर दी है, जिस पर ₹8,500-₹9,000 करोड़ खर्च किए गए।

रिलायंस इंडस्ट्रीज में प्रमोटरों ने बढ़ाई हिस्सेदारी, ₹9000 करोड़ का बड़ा दांव

रिलायंस इंडस्ट्रीज में प्रमोटरों ने बढ़ाई हिस्सेदारी, ₹9000 करोड़ का बड़ा दांव

HighLights

  1. प्रमोटर ग्रुप ने RIL में 0.5% हिस्सेदारी बढ़ाई।

  2. हिस्सेदारी बढ़कर 50.48% हुई, ₹9000 करोड़ का निवेश।

  3. यह कदम कंपनी के भविष्य में मजबूत भरोसे का प्रतीक।

रिलायंस इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड (RIL) के प्रमोटर ग्रुप ने अप्रैल-जून तिमाही के दौरान बाज़ार से शेयर खरीदकर अपनी हिस्सेदारी में लगभग 0.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है। इसे देश की सबसे मूल्यवान कंपनी के प्रति उनकी लंबी अवधि की प्रतिबद्धता के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। रेगुलेटरी शेयरहोल्डिंग डेटा के अनुसार, अप्रैल-जून तिमाही के आखिर में प्रमोटर और प्रमोटर ग्रुप की हिस्सेदारी बढ़कर 50.48 प्रतिशत हो गई, जो तीन महीने पहले (जनवरी-मार्च) लगभग 50 प्रतिशत थी। यह हिस्सेदारी सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) के 'क्रीपिंग एक्विजिशन' नियमों के तहत तय सीमा के भीतर बढ़ाई गई थी।

इन नियमों के तहत, प्रमोटर तय सीमा के अंदर रहते हुए बिना अनिवार्य ओपन ऑफर लाए धीरे-धीरे अपनी हिस्सेदारी बढ़ा सकते हैं। मार्केट एनालिस्ट का अनुमान है कि प्रमोटर ग्रुप ने इन शेयरों की खरीद पर ₹8,500 करोड़ से ₹9,000 करोड़ के बीच खर्च किए होंगे।

ईशा, आकाश और अनंत सबके पास 1.61 करोड़ शेयर

कंपनी के लेटेस्ट शेयरहोल्डिंग डेटा के अनुसार, रिलायंस के चेयरमैन मुकेश अंबानी, उनकी पत्नी और उनके तीनों बच्चों ईशा, आकाश और अनंत में से हर एक के पास कंपनी के 1.61 करोड़ शेयर हैं। इसका मतलब है कि उनमें से हर एक की हिस्सेदारी 0.12 प्रतिशत है। उनकी मां, के.डी. अंबानी के पास 3.14 करोड़ शेयर हैं, जो 0.24 प्रतिशत हिस्सेदारी के बराबर है। बाकी शेयर प्रमोटर ग्रुप की अलग-अलग कंपनियों के पास हैं; इनमें से श्रीचक्र कमर्शियल्स LLP के पास सबसे ज़्यादा, यानी 10.93 प्रतिशत हिस्सेदारी है।

देवर्षि देवरर्षि कमर्शियल्स LLP, करुणा कमर्शियल LLP और तत्त्वम एंटरप्राइजेज LLP में से हर एक के पास 8.06 प्रतिशत हिस्सेदारी है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब रिलायंस अपने रिटेल, डिजिटल, नई ऊर्जा और कंज्यूमर बिज़नेस में बड़े निवेश कर रही है और साथ ही लंबे समय के विकास के मौकों पर ध्यान दे रही है।

प्रमोटर की हिस्सेदारी में बढ़ोतरी मैनेजमेंट के भरोसे का संकेत

आम तौर पर, प्रमोटर की हिस्सेदारी में बढ़ोतरी को कंपनी के भविष्य को लेकर मैनेजमेंट के भरोसे का संकेत माना जाता है। उनका मानना है कि इस बढ़ोतरी का कंपनी के कामकाज पर तुरंत कोई असर पड़ने की संभावना नहीं है, लेकिन निवेशक इसे एक सकारात्मक संकेत के तौर पर देख सकते हैं। यह संकेत प्रमोटरों का रिलायंस की कमाई में बढ़ोतरी और भविष्य में पूंजी के बंटवारे की योजनाओं पर भरोसा दिखाता है। जानकारों के मुताबिक, यह कदम रिलायंस की लंबी अवधि की ग्रोथ की संभावनाओं में प्रमोटरों का भरोसा दिखाता है।

इसे माइनॉरिटी इन्वेस्टर्स के लिए भी सकारात्मक रूप से देखा जा रहा है, क्योंकि प्रमोटरों द्वारा शेयर की खरीद को आम तौर पर कंपनी में उनके भरोसे का संकेत माना जाता है।

यह भी पढ़ें- Wipro के कमजोर गाइडेंस से निराशा, Tech Mahindra ने दिखाया दम; नतीजों के बाद किसे खरीदें और बेचे; ब्रोकरेज फर्म ने बताया?

"शेयर से जुड़े अपने सवाल आप हमें [email protected] पर भेज सकते हैं।"

(डिस्क्लेमर: यहां शेयरों को लेकर दी गई जानकारी निवेश की राय नहीं है। चूंकि, स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।)