UPI MDR में देरी, 15 अक्टूबर से नहीं लागू होगा फैसला? आशंका के चलते गिरे Paytm, मोबिक्विक और पिन लैब के शेयर
यूपीआई मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू होने में संभावित देरी की खबरों के चलते पाइन लैब्स, वन मोबिक्विक सिस्टम्स और पेटीएम के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।

पेटीएम के शेयर 6 फीसदी तक गिरे।
HighLights
UPI MDR लागू होने में देरी की आशंका से शेयर गिरे।
पाइन लैब्स, मोबिक्विक, पेटीएम के शेयरों में भारी गिरावट।
NPCI अगले दो दिनों में MDR पर फैसला ले सकता है।
नई दिल्ली। पाइन लैब्स, वन मोबिक्विक सिस्टम्स और पेटीएम के शेयरों (Paytm Share) में गिरावट आ गई है। क्योंकि, ऐसी खबरें हैं कि UPI मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) को लागू करने में देरी की जाएगी। सूत्रों के मुताबिक, NPCI अगले दो दिनों में इस पर कोई फ़ैसला ले सकता है और इस बारे में वित्त मंत्रालय के साथ बातचीत चल रही है। इस आशंका के चलते तीनों फिनटेक कंपनियों के शेयरों में गिरावट आ गई।
सुबह 11:30 बजे Pine Labs के शेयर 2.83% गिरकर ₹172.65 पर ट्रेड कर रहे थे। One Mobikwik Systems के शेयर 5.65% गिरकर ₹241 पर आ गए, जबकि Paytm की पेरेंट कंपनी One 97 Communications के शेयर 5.29% गिरकर ₹1,640.30 पर पहुंच गए।
क्या है खबर?
दरअसल, नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) को मर्चेंट संगठनों, फिनटेक और पेमेंट कंपनियों से UPI MDR लागू करने को जनवरी 2027 तक टालने के अनुरोध मिले हैं, जबकि इसके 15 अक्टूबर को लागू होने में एक हफ़्ते से भी कम समय बचा है। सूत्रों के मुताबिक, NPCI अगले दो दिनों में इस पर कोई फ़ैसला ले सकता है क्योंकि वित्त मंत्रालय के साथ बातचीत चल रही है।
यह मांग तब आई जब इंडस्ट्री ने कहा कि अलग-अलग MDR दरों, नीतियों और उनके लागू होने को लेकर कन्फ्यूज़न की वजह से वे इसे लागू करने के लिए तैयार नहीं हैं।
पिछले महीने, UPI स्टीयरिंग कमिटी ने 2,000 रुपये से ज़्यादा के ट्रांज़ैक्शन के लिए UPI MDR को 0.4 प्रतिशत या 40 bps तय किया था। MDR चार्ज 15 अक्टूबर, 2026 से लागू होने वाले थे।
ये भी पढ़ें - 6.20 लाख बैरल... डीजल एक्सपोर्ट के मामले में भारत की बड़ी छलांग, इस देश को ताबड़तोड़ सप्लाई
इस बीच, रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बुधवार को कहा कि मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) के तौर पर "छोटी फ़ीस" लगाने से UPI ट्रांज़ैक्शन की संख्या पर "बड़ा असर" पड़ने की संभावना नहीं है। सेंट्रल बैंक के हेडक्वार्टर में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा, "अभी तो हमें वॉल्यूम में कोई कमी नहीं दिख रही है। और मुझे व्यक्तिगत रूप से नहीं लगता कि छोटी सी फीस का वॉल्यूम पर कोई बड़ा असर पड़ेगा।"
