महारत्न ONGC और भारत में 100 साल से 'काबिज' ब्रिटिश कंपनी आए साथ, भारत के गहरे समंदर में खोजेंगे तेल और गैस
ONGC और शेल एनर्जी इंडिया ने गहरे पानी में तेल व गैस की खोज और LNG खरीद के अवसरों की पहचान के लिए एक गैर-बाध्यकारी समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। ...और पढ़ें

ONGC और शेल का ऐतिहासिक समझौता: भारत के गहरे समुद्र में तेल-गैस की खोज को मिलेगा बढ़ावा
HighLights
ONGC और शेल ने गहरे पानी में खोज हेतु MoU किया।
समझौता 'समुद्र मंथन' पहल के तहत ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाएगा।
LNG खरीद और OALP ब्लॉकों में सहयोग के अवसर।
नई दिल्ली। भारत की ऊर्जा ज़रूरतों को पूरा करने और कच्चे तेल व गैस के लिए गहरे समुद्र में खोज की गति बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। सार्वजनिक क्षेत्र की 'महारत्न' कंपनी, ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन (ONGC) और शेल एनर्जी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (Shell) ने एक महत्वपूर्ण नॉन-बाइंडिंग समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस साझेदारी से भारत के ऊर्जा क्षेत्र में बड़े बदलाव आने की उम्मीद है। आइए, इस समझौते के मुख्य पहलुओं पर नजर डालते हैं।
ONGC और Shell के बीच यह नया समझौता असल में क्या है?
10 अगस्त को हुए इस समझौते का मुख्य मकसद गहरे पानी वाले इलाकों में तेल और गैस की खोज करना और लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) की खरीद के लिए साझा मौकों की पहचान करना है। इस समझौते के तहत, दोनों कंपनियाँ सरकार की 'ओपन एकरेज लाइसेंसिंग पॉलिसी' (OALP) के 10वें और 11वें राउंड के साथ-साथ भविष्य की नीलामी प्रक्रियाओं में भी मिलकर हिस्सा लेने की संभावनाओं पर विचार करेंगी। हालांकि, यह एक ऐसा समझौता है जो किसी पर बाध्यकारी नहीं है; यानी यह दोनों में से किसी भी कंपनी को खास निवेश या प्रोजेक्ट शुरू करने के लिए मजबूर नहीं करता, बल्कि दोनों के बीच सहयोग के लिए एक शुरुआती ढांचा तैयार करता है।
इस साझेदारी में 'समुद्र मंथन' पहल की क्या भूमिका है?
ONGC ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर घोषणा की कि यह समझौता 'समुद्र मंथन' पहल के तहत किया गया है। इसके ज़रिए, दोनों कंपनियां मिलकर 'फार्म-इन' और 'फार्म-आउट' के मौकों को न सिर्फ नए ब्लॉक में, बल्कि ONGC के मौजूदा OALP ब्लॉक में भी तलाशेंगी।
Exploring deeper. Collaborating stronger. Powering India’s energy future.#ONGC and #Shell Energy India Private Limited (SEI) signed a Memorandum of Understanding (MoU) on 10 August 2026 to explore potential collaboration opportunities across India’s energy sector.
— Oil and Natural Gas Corporation Limited (ONGC) (@ONGC_) August 10, 2026
The… pic.twitter.com/63jxWEXijt
भारत में शेल की 100 साल की मौजूदगी का इतिहास
ब्रिटिश मल्टीनेशनल कंपनी शेल का भारत में एक लंबा और मज़बूत बिज़नेस इतिहास रहा है। कंपनी ने सबसे पहले 1928 में 'बर्मा शेल' (Burmah Shell) के तौर पर भारतीय बाज़ार में एंट्री की थी। इसके बाद, 1990 के दशक में लुब्रिकेंट्स और आधुनिक कामकाज पर ध्यान देते हुए कंपनी ने वापसी की और 2004 में अपना फ्यूल रिटेल नेटवर्क फिर से शुरू किया। आज, शेल इंडिया रिटेल, टेक हब और रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में हज़ारों लोगों को रोज़गार देती है और भारत के एनर्जी मार्केट में एक अहम कंपनी है।
क्या ONGC ने पहले भी ऐसी विदेशी साझेदारियां की हैं?
शेल (Shell) के साथ हुआ यह समझौता ONGC की उस बड़ी रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत भारत के गहरे समुद्र में तेल खोजने के कार्यक्रम में 'अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञता' लाई जा सके। इससे पहले, अगस्त 2022 में, ONGC ने भारत के पूर्वी और पश्चिमी तटों के पास गहरे समुद्र और बहुत गहरे समुद्र में तेल की खोज के लिए अमेरिकी कंपनी एक्सॉनमोबिल (ExxonMobil) के साथ भी एक शुरुआती समझौता किया था। इसके अलावा, कंपनी ने गहरे समुद्र में तेल की खोज के लिए शेवरॉन (Chevron) जैसी अन्य ग्लोबल एनर्जी कंपनियों के साथ भी ऐसे ही समझौते (MoU) किए हैं।