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अदाणी पर छंटे संकट के बादल! अमेरिका में आपराधिक केस वापस; रिश्वतखोरी-धोखाधड़ी मामले में मिली 'क्लीन चिट'

Updated: Tue, 11 Aug 2026 08:41 AM (IST)

एक अमेरिकी जज ने गौतम अदाणी के खिलाफ आपराधिक आरोप खारिज कर दिए, जिससे उन्हें बड़ी राहत मिली है। जस्टिस डिपार्टमेंट द्वारा धोखाधड़ी और रिश्वतखोरी का मामला वापस लेने के फैसले के बाद यह कदम उठाया गया।

गौतम अदाणी के लिए आई खुशखबरी

गौतम अदाणी के लिए आई खुशखबरी

HighLights

  1. अमेरिकी जज ने गौतम अदाणी के आपराधिक आरोप खारिज किए

  2. जस्टिस डिपार्टमेंट ने धोखाधड़ी और रिश्वतखोरी का मामला वापस लिया

  3. अदाणी ने फैसले का स्वागत किया

नई दिल्ली। अमेरिका से गौतम अदाणी के लिए एक बड़ी राहत की खबर आई है। सोमवार को एक अमेरिकी जज ने भारतीय अरबपति और एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति गौतम अदाणी के खिलाफ आपराधिक आरोप खारिज कर दिए। यह कदम जस्टिस डिपार्टमेंट द्वारा धोखाधड़ी और रिश्वतखोरी का मामला वापस लेने का फैसला करने के बाद उठाया गया।
ब्रुकलिन स्थित अमेरिकी डिस्ट्रिक्ट जज निकोलस गैराफिस ने फेडरल प्रॉसिक्यूटर्स की ओर से मामला खारिज करने की दुर्लभ अपील को तब मंजूरी दी, जब उन्होंने इसके कारणों की जांच की। इसमें उन्होंने अदानी से यह भी पूछा कि क्या मामला वापस लेने के बदले में कोई वादा किया गया था? नवंबर 2024 में, आरोप सार्वजनिक होने से पहले, अदाणी ने अमेरिका में 10 अरब डॉलर का निवेश करने का वादा किया था।

क्या था अदाणी पर आरोप?

2024 में अदाणी पर आरोप लगाया गया था कि उन्होंने भारतीय सरकारी अधिकारियों को रिश्वत देने पर सहमति जताई थी ताकि उनके अदाणी ग्रुप की एक सब्सिडियरी कंपनी को सोलर एनर्जी प्लांट बनाने की मंजूरी मिल सके, और फिर अपनी कंपनी की भ्रष्टाचार-रोधी नीतियों के बारे में भरोसा दिलाने वाली जानकारी देकर अमेरिकी निवेशकों को गुमराह किया गया था।
हालांकि अदाणी ग्रुप ने हमेशा गलत काम करने से इनकार किया है। अदाणी खुद आरोपों का जवाब देने के लिए अमेरिकी कोर्ट में पेश नहीं हुए हैं। 18 मई को जस्टिस डिपार्टमेंट ने घोषणा की कि वह अब इस मामले को आगे नहीं बढ़ाएगा।

गौतम अदाणी का आया बयान

अरबपति गौतम अडानी ने मंगलवार को अपने खिलाफ आपराधिक आरोप खारिज करने के अमेरिकी अदालत के फैसले का स्वागत किया और कहा कि कानूनी लड़ाई के दौरान "सच्चाई, निष्पक्षता और कानून के शासन" में उनका भरोसा अटूट रहा।
अदाणी ने X पर पोस्ट किए गए एक बयान में कहा, "मैं अमेरिकी अदालत के फैसले का विनम्रता और न्यायिक प्रक्रिया के प्रति गहरे सम्मान के साथ स्वागत करता हूँ।"

क्या है अदाणी का कमिटमेंट?

आदाणी ने लिखा, "इस मुश्किल दौर में भी सच्चाई, निष्पक्षता और कानून के शासन में हमारा भरोसा अडिग रहा।" उन्होंने उन लोगों का भी शुक्रिया अदा किया जिन्होंने उनके ग्रुप, कानूनी सिस्टम और "भारत की न्याय दिलाने की क्षमता" पर भरोसा बनाए रखा।
अदाणी ने कहा, "हम जरूरी काम करते रहेंगे: अपने देश के लिए निर्माण करना, ऐसी वैल्यू बनाना जो हमारे बाद भी बनी रहे और खुद से बढ़कर किसी मकसद के लिए काम करना। यही हमारा कमिटमेंट है। जय हिंद।"

इस खबर से अदाणी ग्रुप के शेयरों पर पॉजिटिव असर दिख सकता है।


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(डिस्क्लेमर: यहां शेयर बाजार की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। जागरण बिजनेस निवेश की सलाह नहीं दे रहा है। स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है, इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।)