Dhoot Transmission IPO Review: धूत ट्रांसमिशन IPO में पैसा लगाएं या नहीं, एक्सपर्ट क्या कहते हैं?
धूत ट्रांसमिशन लिमिटेड का आईपीओ 10 अगस्त 2026 को खुलेगा, जिसका प्राइस बैंड ₹829-₹871 है और कंपनी ₹3,066.9 करोड़ जुटाएगी। जियोजित रिसर्च ने कंपनी के मज ...और पढ़ें

धूत ट्रांसमिशन IPO में पैसा लगाएं या नहीं।
HighLights
जियोजित रिसर्च ने धूत ट्रांसमिशन आईपीओ को 'सब्सक्राइब' रेटिंग दी।
कंपनी EV वायरिंग हार्नेस बाजार में 70% हिस्सेदारी रखती है।
आईपीओ 10-12 अगस्त 2026 तक खुला रहेगा, लक्ष्य ₹3,066.9 करोड़।
नई दिल्ली: ऑटो कंपोनेंट सेक्टर की दिग्गज कंपनी धूत ट्रांसमिशन लिमिटेड (Dhoot Transmission Ltd) अपना आईपीओ लेकर बाजार में उतरने के लिए तैयार है। पुणे स्थित यह कंपनी मुख्य रूप से टू-व्हीलर (2W) और थ्री-व्हीलर (3W) सेगमेंट के लिए वायरिंग हार्नेस बनाने का काम करती है। जियोजित रिसर्च (Geojit Research) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी के मजबूत फंडामेंटल्स और इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) सेगमेंट में इसकी पकड़ को देखते हुए इसे 'Subscribe' (सब्सक्राइब) रेटिंग दी गई है।
IPO से जुड़ी मुख्य बातें
धूत ट्रांसमिशन का यह आईपीओ 10 अगस्त 2026 को खुलेगा और 12 अगस्त 2026 को बंद होगा। कंपनी ने इसके लिए ₹829 से ₹871 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। इस इश्यू के जरिए कंपनी कुल ₹3,066.9 करोड़ जुटाने की योजना बना रही है।
जियोजित रिसर्च के मुताबिक, इस राशि का उपयोग कंपनी अपना कर्ज चुकाने, हरियाणा और तमिलनाडु में नए प्लांट लगाने और भविष्य के विस्तार के लिए करेगी।
EV सेगमेंट में दबदबा
धूत ट्रांसमिशन की सबसे बड़ी ताकत इलेक्ट्रिक व्हीकल मार्केट में इसकी हिस्सेदारी है। कंपनी के पास EV 2W/3W वायरिंग हार्नेस मार्केट का लगभग 70% हिस्सा है। इसके अलावा, पारंपरिक टू-व्हीलर और थ्री-व्हीलर सेगमेंट में भी इसकी 41% बाजार हिस्सेदारी है। कंपनी के ग्राहकों में बजाज ऑटो, टीवीएस, होंडा और रॉयल एनफील्ड जैसे बड़े नाम शामिल हैं।
वित्तीय प्रदर्शन
कंपनी ने पिछले कुछ वर्षों में शानदार ग्रोथ (Financial Performance) दिखाई है। वित्त वर्ष 2024 से 2026 के बीच कंपनी की आय (Revenue) 27% की सालाना दर (CAGR) से बढ़ी है।
| विवरण (₹ करोड़ में) | FY24 | FY25 | FY26 |
|---|---|---|---|
| कुल आय (Sales) | 2,797.7 | 3,444.9 | 4,525.0 |
| EBITDA | 512.4 | 591.0 | 711.0 |
| शुद्ध लाभ (PAT) | 298.7 | 353.9 | 417.1 |
इन्वेस्टर्स के लिए जरूरी जानकारी
| आईपीओ विवरण | जानकारी |
|---|---|
| खुलने की तारीख | 10 अगस्त 2026 |
| बंद होने की तारीख | 12 अगस्त 2026 |
| प्राइस बैंड | ₹829 - ₹871 |
| लॉट साइज | 17 शेयर (न्यूनतम ₹14,807) |
| कुल इश्यू साइज | ₹3,066.9 करोड़ |
| लिस्टिंग | BSE, NSE |
जोखिम और चुनौतियां
रिपोर्ट में कुछ जोखिमों का भी जिक्र किया गया है। कंपनी की कुल आय का लगभग 72% हिस्सा इसके टॉप 5 ग्राहकों से आता है, जो ग्राहकों पर अत्यधिक निर्भरता को दर्शाता है। इसके अलावा, कच्चे माल की बढ़ती कीमतों के कारण मार्जिन पर थोड़ा दबाव देखा गया है।
क्या है विशेषज्ञों की राय?
जियोजित रिसर्च का मानना है कि ₹871 के ऊपरी प्राइस बैंड पर कंपनी का वैल्यूएशन इसके साथियों (Peers) के मुकाबले वाजिब है। भारत में वायरिंग हार्नेस मार्केट के 12-14% की दर से बढ़ने की उम्मीद है, जिसका सीधा फायदा धूत ट्रांसमिशन को मिलेगा। लंबी अवधि और मध्यम अवधि के निवेशकों के लिए इस आईपीओ में निवेश करना एक अच्छा विकल्प हो सकता है।
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(डिस्क्लेमर: यहां IPO को लेकर दी गई जानकारी निवेश की राय नहीं है। चूंकि, स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।)
नोट- इस खबर को लिखने में AI की मदद ली गई है।