अनिल अग्रवाल की Vedanta Aluminium का रिन्यूएबल एनर्जी पर बड़ा दांव, बैटरी स्टोरेज प्रोजेक्ट पर दी अहम जानकारी
वेदांता एल्युमीनियम ने अपनी रिन्यूएबल एनर्जी योजनाओं पर महत्वपूर्ण अपडेट दिया है, जिसमें बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) के समझौते में सुधार शामिल ...और पढ़ें

वेदांता एल्युमीनियम ने रिन्यूएबल एनर्जी योजनाएं अपडेट कीं।
HighLights
वेदांता एल्युमीनियम ने रिन्यूएबल एनर्जी योजनाएं अपडेट कीं।
बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) क्षमता 142.5-150 MW होगी।
मौजूदा 600 MW सोलर प्रोजेक्ट से जुड़ेगा BESS सिस्टम।
नई दिल्ली। भारत के दिग्गज अरबपति कारोबारी अनिल अग्रवाल की मेटल कंपनी वेदांता एल्युमीनियम मेटल लिमिटेड (VAML) ने अपनी रिन्यूएबल एनर्जी योजनाओं को लेकर शेयर बाजार को एक महत्वपूर्ण अपडेट दिया है। कंपनी ने सेरेंटिका रिन्यूएबल इंडिया 9 प्राइवेट लिमिटेड (SRI9PL) के साथ हुए समझौते में सुधार करते हुए बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) की नई क्षमताओं का खुलासा किया है।
क्या है पूरा मामला?
वेदांता एल्युमीनियम ने स्टॉक एक्सचेंज (BSE और NSE) को दी गई जानकारी में बताया कि 30 जुलाई, 2026 को दाखिल की गई पिछली रिपोर्ट में कुछ अनजाने में त्रुटियां रह गई थीं।
कंपनी ने अब उन आंकड़ों को संशोधित करते हुए स्पष्ट किया है कि वह अपने मौजूदा 600 मेगावाट (MW) के सोलर पावर डिलीवरी एग्रीमेंट (PDA) के साथ बैटरी स्टोरेज सिस्टम को एकीकृत करने जा रही है।
बैटरी स्टोरेज की क्षमता और सप्लाई
संशोधित समझौते के अनुसार, इस प्रोजेक्ट के तहत बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) की क्षमता 142.5 से 150 मेगावाट (MW) के बीच होगी।
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सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस सिस्टम के माध्यम से कंपनी को 90% से 95% तक सुनिश्चित आपूर्ति (Assured Supply) प्राप्त होगी। यह कदम कंपनी की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने और कार्बन फुटप्रिंट कम करने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकता है।
मौजूदा सोलर प्रोजेक्ट का होगा इस्तेमाल
कंपनी ने स्पष्ट किया है कि इस बैटरी स्टोरेज सिस्टम को अलग से नहीं, बल्कि पहले से मौजूद 600 मेगावाट के सोलर पावर प्रोजेक्ट के साथ जोड़कर इस्तेमाल किया जाएगा। इससे सौर ऊर्जा की निरंतरता बनी रहेगी और बिजली की आपूर्ति में आने वाले उतार-चढ़ाव को नियंत्रित किया जा सकेगा।
वेदांता एल्युमीनियम ने इस सुधार के लिए खेद व्यक्त किया है और निवेशकों को आश्वस्त किया है कि यह संशोधन सेबी (SEBI) के नियमों के तहत पारदर्शिता बनाए रखने के लिए किया गया है।
नोट- इस खबर को लिखने में AI की मदद ली गई है।
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(डिस्क्लेमर: यहां शेयरों को लेकर दी गई जानकारी निवेश की राय नहीं है। चूंकि, स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।)