'मीटिंग में यूल टी पियो'... सरकारी फरमान के बाद 20% उछला 163 साल पुरानी कंपनी का शेयर; केंद्रीय मंत्रालयों को आदेश जारी
केंद्र सरकार के मंत्रालयों और विभागों को 'यूल टी' इस्तेमाल करने के निर्देश के बाद एंड्रयू यूल के शेयर में 20% की इंट्रा-डे तेजी आई। यह कंपनी भारी उद्य ...और पढ़ें

चाय कंपनी के शेयर में जोरदार तेजी
HighLights
एंड्रयू यूल शेयर में सरकारी निर्देश से 20% की तेजी
मंत्रालयों और विभागों को 'यूल टी' इस्तेमाल करने का आदेश
सरकारी कंपनी है एंड्रयू यूल
नई दिल्ली। सरकारी कंपनी एंड्रयू यूल कोलकाता में चाय बनाने वाली कंपनी है। इसकी शुरुआत 1863 में हुई थी। ये एक लिस्टेड कंपनी है, जिसके शेयर में में सोमवार को इंट्रा-डे ट्रेडिंग के दौरान लगभग 20 प्रतिशत तक की बढ़त हुई। यह बढ़त केंद्र सरकार द्वारा सभी मंत्रालयों और विभागों से आधिकारिक बैठकों, सम्मेलनों, कैंटीन और सरकारी कार्यक्रमों में 'यूल टी' (Yule Tea) परोसने के निर्देश के बाद आई।
BSE पर यह स्टॉक 19.65 प्रतिशत चढ़कर 30.50 रुपये प्रति शेयर के इंट्रा-डे हाई पर पहुंचा। बाद में, ऊंचे भाव पर निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली (प्रॉफिट बुकिंग) किए जाने के कारण इसमें कुछ गिरावट आई और दोपहर करीब ढाई बजे यह 18.05 प्रतिशत की बढ़त के साथ 30.09 रुपये पर ट्रेड कर रहा है।
सरकार का चाय पर फैसला
पिछले दो ट्रेडिंग सेशन से इस स्टॉक में बढ़त देखी जा रही है। यह तेजी भारी उद्योग मंत्रालय (Ministry of Heavy Industries) के उस निर्देश के बाद आई है जिसमें सभी केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों से आधिकारिक बैठकों, सम्मेलनों, कैंटीन और सरकारी कार्यक्रमों में 'यूल टी' के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए कहा गया था।
'यूल टी' एंड्रयू यूल एंड कंपनी लिमिटेड (AYCL) का चाय ब्रांड है। मंत्रालय के अनुसार, AYCL इसके प्रशासनिक नियंत्रण के तहत एक केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र का उद्यम (CPSE) है। यह कंपनी असम और पश्चिम बंगाल में चाय बागानों का मालिकाना हक रखती है और इनका संचालन करती है। साथ ही यह देश के सबसे पुराने चाय उत्पादकों में से एक है।
इसलिए दिया गया ये निर्देश
एंड्रयू यूल का 'यूल टी' ब्रांड के तहत ऑर्थोडॉक्स, CTC, ग्रीन टी और फ्लेवर्ड वैरायटी में दार्जिलिंग, डुआर्स और असम चाय का उत्पादन करती है। यह टी बोर्ड के जरिए संसद को भी चाय की सप्लाई करती है और इसके प्रोडक्ट ऑनलाइन भी उपलब्ध हैं।
मंत्रालय ने कहा कि ग्राहकों ने कंपनी के उत्पादों को काफी पसंद किया है। हालांकि, मंत्रालय ने यह भी कहा कि AYCL विभिन्न कारणों से वित्तीय दबाव का सामना कर रही है। मंत्रालय ने बताया कि उद्योग से संबंधित संसदीय स्थायी समिति ने 'यूल टी' के व्यापक प्रचार-प्रसार और इस्तेमाल के लिए मंत्रालयों और विभागों के साथ समन्वय करने की सिफारिश की थी।
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