Adani Power को 15 हजार करोड़ चाहिए, बोर्ड से मिली मंजूरी; ₹1 लाख करोड़ तक का लोन भी ले सकती है कंपनी
अदाणी पावर लिमिटेड ने 14 अगस्त को हुई EGM में ₹15,000 करोड़ जुटाने और अपनी उधार लेने की क्षमता को ₹1 लाख करोड़ तक बढ़ाने के प्रस्तावों को मंजूरी दी। शेयरधारकों ने कर्ज को इक्विटी में बदलने के प्रावधान को भी स्वीकृति दी, जिससे कंपनी को वित्तीय लचीलापन मिलेगा।

Adani Power EGM में ₹15,000 करोड़ जुटाने के प्रस्ताव को मंजूरी मिली।
HighLights
EGM में ₹15,000 करोड़ जुटाने के प्रस्ताव को मंजूरी मिली।
कंपनी की उधार लेने की क्षमता ₹1 लाख करोड़ तक बढ़ी।
कर्ज को इक्विटी में बदलने का प्रावधान भी स्वीकृत हुआ।
नई दिल्ली। भारत के दिग्गज अरबपति कारोबारी गौतम अदाणी की प्रमुख बिजली कंपनी, अदाणी पावर लिमिटेड (Adani Power Limited) ने 14 अगस्त को एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी जनरल मीटिंग आयोजित की। इस EGM में शेयरधारकों ने भारी निवेश और उधारी से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दे दी है। कंपनी ने ईजीएम में पास हुए प्रस्ताव को लेकर जानकारी दी है। शुक्रवार को अदाणी पावर के शेयर -0.12% की गिरावट के साथ
एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी जनरल मीटिंग में सबसे बड़ा प्रस्ताव था 15 हजार करोड़ रुपये जुटाने का। ईजीएम में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) या अन्य अनुमत माध्यमों के जरिए 15,000 करोड़ रुपये तक जुटाने के लिए विशेष प्रस्ताव पारित किया गया। यह राशि एक या एक से अधिक किस्तों में जुटाई जा सकती है, जिसके लिए कंपनी 2 रुपये फेस वैल्यू वाले इक्विटी शेयर या अन्य प्रतिभूतियां जारी करेगी।
कंपनी ने अपनी उधार लेने की क्षमता को बढ़ाकर किया 1 लाख करोड़ रुपये
अदाणी पावर ने एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी जनरल मीटिंग में अपनी उधारी लेने की क्षमता (Borrowing Limits) में भी भारी बढ़ोतरी की है। शेयरधारकों ने कंपनी की उधारी सीमा को बढ़ाकर 1,00,000 करोड़ रुपये (एक लाख करोड़ रुपये) करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
कंपनी ने फाइलिंग में बताया कि कंपनीज एक्ट, 2013 की धारा 180(1)(c) के तहत कंपनी की उधार लेने की सीमा में बढ़ोतरी की है। बशर्ते कि कुल उधार की रकम, कंपनी की पेड-अप कैपिटल, फ्री रिज़र्व और शेयर प्रीमियम के कुल योग से ₹1,00,000 करोड़ (केवल एक लाख करोड़ रुपये) से ज्यादा न हो।
यह सीमा कंपनी की पेड-अप कैपिटल, फ्री रिजर्व और शेयर प्रीमियम के कुल योग से ऊपर होगी। इसके साथ ही, इन उधारियों के लिए कंपनी की संपत्तियों पर बंधक (Mortgage) या चार्ज बनाने का अधिकार भी सुरक्षित किया गया है।
कर्ज को इक्विटी में बदलने की भी मिली मंजूरी
एक अन्य महत्वपूर्ण फैसले में, कंपनी ने कर्ज को इक्विटी में बदलने (Conversion of loan into equity) के प्रावधान को भी मंजूरी दी है। यह कदम कंपनी को वित्तीय लचीलापन प्रदान करेगा, जिससे जरूरत पड़ने पर ऋणदाताओं के बकाया को कंपनी के शेयरों में बदला जा सकेगा।
अदाणी पावर ने एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि कंपनीज एक्ट, 2013 की धारा 62(3) के तहत लोन को इक्विटी में बदलना स्पेशल रेजोल्यूशन के तहत पास किया गया।
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(डिस्क्लेमर: यहां शेयरों को लेकर दी गई जानकारी निवेश की राय नहीं है। चूंकि, स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।)
