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    करोड़पति बनने का धांसू मंत्र! SIP का '7-5-3-1' नियम, ₹5,000 निवेश पर समझ लिया पूरा गणित तो कभी नहीं डूबेगा पैसा

    Updated: Thu, 13 Aug 2026 04:46 PM (IST)

    SIP Investment: यह लेख SIP के '7-5-3-1' नियम को समझाता है, जो निवेशकों को बाजार के उतार-चढ़ाव के बावजूद बेहतर रिटर्न और वेल्थ क्रिएशन में मदद करता है। ...और पढ़ें

    SIP का 7-5-3-1 फॉर्मूला

    SIP का 7-5-3-1 फॉर्मूला

    HighLights

    1. SIP में कम से कम 7 साल निवेश कर कंपाउंडिंग का लाभ लें।

    2. पोर्टफोलियो को 5 अलग-अलग एसेट में डायवर्सिफाई करें।

    3. आय बढ़ने पर हर साल SIP की रकम बढ़ाएं (स्टेप-अप)।

    नई दिल्ली: शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड में निवेश (Mutual Fund Investment) करने वाले लोगों के बीच सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) निवेश का सबसे लोकप्रिय और सुरक्षित जरिया माना जाता है। लेकिन, बाजार के उतार-चढ़ाव के बीच सही रणनीति न होने के कारण कई बार निवेशकों को मनमुताबिक रिटर्न नहीं मिल पाता है।

    अगर आप भी एसआईपी के जरिए शानदार वेल्थ क्रिएशन (Wealth Creation) करना चाहते हैं, तो आपके लिए SIP का '7-5-3-1' नियम बेहद मददगार साबित हो सकता है। आइए इस लोकप्रिय फॉर्मूले के हर एक अंक का पूरा कैलकुलेशन विस्तार से समझते हैं।

    क्या है 7-5-3-1 नियम?

    इस नियम को चार हिस्सों में समझा जा सकता है—

    * 7 यानी कम से कम 7 साल निवेश: इक्विटी म्यूचुअल फंड SIP को छोटी अवधि के बजाय लंबे समय के लक्ष्य के लिए रखें। लंबे समय में बाजार के उतार-चढ़ाव का असर कम करने और कंपाउंडिंग का फायदा लेने का मौका मिलता है।

    * 5 यानी निवेश में डायवर्सिफिकेशन: पोर्टफोलियो को अलग-अलग तरह के फंड/एसेट में बांटने की सोच रखें, ताकि पूरा पैसा एक ही जगह पर निर्भर न रहे।

    * 3 यानी बाजार की तीन भावनात्मक स्थितियों के लिए तैयार रहें: कभी रिटर्न उम्मीद से कम मिलेगा, कभी निवेश ठहरता हुआ लगेगा और कभी बाजार गिरने पर नुकसान भी दिख सकता है। ऐसे समय में घबराकर SIP बंद करना इस रणनीति के खिलाफ है।

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    * 1 यानी हर साल SIP बढ़ाएं: आय बढ़ने के साथ SIP में भी सालाना बढ़ोतरी करें। इसे Step-up SIP कहा जाता है। 5-10% सालाना बढ़ोतरी भी लंबे समय में बड़ा फर्क पैदा कर सकती है।

    अब समझिए ₹5,000 की SIP का पूरा कैलकुलेशन

    मान लीजिए आप हर महीने ₹5,000 की SIP शुरू करते हैं और औसतन 12% सालाना रिटर्न मानते हैं।

    3 साल में कितना पैसा बनेगा?

    * हर महीने निवेश: ₹5,000
    * कुल निवेश: ₹5,000 × 36 = ₹1.80 लाख
    * अनुमानित वैल्यू: ₹2.18 लाख
    * अनुमानित फायदा: करीब ₹37,500

    7 साल में कितना फंड बनेगा?

    अब यही SIP 7 साल तक जारी रखते हैं—

    * हर महीने निवेश: ₹5,000
    * कुल निवेश: ₹5,000 × 84 = ₹4.20 लाख
    * अनुमानित फंड: ₹6.60 लाख
    * अनुमानित फायदा: करीब ₹2.40 लाख

    10 साल तक ₹5,000 SIP करें तो?

    अगर वही ₹5,000 की SIP 10 साल तक चलती है—

    * कुल निवेश: ₹6 लाख
    * 12% अनुमानित रिटर्न पर फंड: करीब ₹11.62 लाख
    * अनुमानित फायदा: करीब ₹5.62 लाख
    यानी आपने अपनी जेब से ₹6 लाख लगाए, लेकिन कंपाउंडिंग के कारण अनुमानित रकम ₹11.62 लाख तक पहुंच सकती है।

    असली ताकत तब दिखेगी जब SIP हर साल बढ़ाएंगे

    मान लीजिए शुरुआत ₹5,000 महीने की SIP से की और हर साल SIP में 10% की बढ़ोतरी की।

    12% सालाना अनुमानित रिटर्न के हिसाब से—

    निवेश की अवधि आपका कुल निवेश अनुमानित फंड
    7 साल ₹5.69 लाख ₹8.46 लाख
    10 साल ₹9.56 लाख ₹16.70 लाख
    15 साल ₹19.06 लाख ₹42.99 लाख
    20 साल ₹34.36 लाख ₹98.466लाख

    यह कैलकुलेशन दिखाता है कि सिर्फ SIP शुरू करना ही नहीं, समय के साथ SIP की रकम बढ़ाना भी काफी असर डाल सकता है।

    बाजार गिरने पर क्या करें?

    यही 7-5-3-1 नियम का सबसे जरूरी हिस्सा है। SIP में निवेश करते समय बाजार हमेशा ऊपर नहीं जाता। गिरावट के दौरान पोर्टफोलियो में नुकसान दिखाई दे सकता है। ऐसे समय में डरकर SIP बंद करने के बजाय अपने लक्ष्य और निवेश की अवधि को ध्यान में रखना जरूरी है। इस नियम को रिटर्न की गारंटी समझना सही नहीं होगा। 

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