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    AMFI Data July 2026: 3 साल में पहली बार लार्जकैप से भारी निकासी! निवेशकों ने स्मॉल और मिडकैप में झोंके ₹13960 करोड़

    Updated: Wed, 12 Aug 2026 02:41 PM (IST)

    Mutual fund investment India July 2026: जुलाई 2026 में AMFI डेटा के अनुसार, लार्जकैप फंड्स से 3 साल में पहली बार ₹1,321 करोड़ की निकासी हुई, जबकि स्मॉ ...और पढ़ें

    AMFI डेटा जुलाई 2026: लार्जकैप से निकासी, स्मॉल और मिडकैप में निवेशकों का बंपर निवेश

    AMFI डेटा जुलाई 2026: लार्जकैप से निकासी, स्मॉल और मिडकैप में निवेशकों का बंपर निवेश

    HighLights

    1. लार्जकैप फंड्स से 3 साल बाद पहली निकासी हुई।

    2. स्मॉलकैप और मिडकैप में ₹13,960 करोड़ का निवेश।

    3. कुल म्यूचुअल फंड AUM रिकॉर्ड ₹85.75 लाख करोड़।

    नई दिल्ली| जुलाई 2026 में म्यूचुअल फंड निवेशकों को लेकर चौंकाना वाला खुलासा हुआ है। सुरक्षित माने जाने वाले लार्जकैप फंड्स से निवेशकों का मोहभंग हुआ और पिछले 3 साल में पहली बार निवेशकों ने जमकर पैसे निकाले। जबकि स्मॉलकैप और मिडकैप फंड्स पर भरोसा (small cap mutual funds inflow) पूरी मजबूती के साथ कायम रहा।

    एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI mutual fund data July 2026) की ओर से जारी जुलाई 2026 के ताजा आंकड़ों में कई चौंकाने वाले ट्रेंड्स सामने आए। एक तरफ जहां ओवरऑल एक्टिवली मैनेज्ड इक्विटी स्कीम्स में निवेश की रफ्तार जून के मुकाबले थोड़ी नरम पड़ी है, वहीं स्मॉल और मिडकैप फंड्स में निवेशकों ने छप्पर फाड़कर पैसा लगाया है।

    इक्विटी में 24 हजार करोड़ से ज्यादा का निवेश

    AMFI डेटा के मुताबिक, जुलाई महीने में एक्टिवली मैनेज्ड इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में 24,697.39 करोड़ रुपए का शुद्ध निवेश (Net Inflow) दर्ज किया गया है। हालांकि, यह जून में आए 28,973.41 करोड़ रुपए के निवेश से थोड़ा कम है। अगर पूरी म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री की बात करें तो तस्वीर बेहद शानदार है।

    जुलाई में ओवरऑल म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री में लगभग 2.36 लाख करोड़ रुपए का तगड़ा निवेश आया। यह आंकड़ा इसलिए भी अहम है, क्योंकि जून में इंडस्ट्री से 52,948.78 करोड़ रुपए की भारी निकासी हुई थी।

    इसी शानदार रिकवरी के दम पर पूरी म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री का कुल एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) 4.30 फीसदी उछलकर 85,75,656.52 करोड़ रुपए के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है, जो जून में 82,22,480.04 करोड़ रुपए था।

    जुलाई में कुल म्यूचुअल फंड फोलियो की संख्या भी जून के 278.60 मिलियन से बढ़कर 280.87 मिलियन हो गई। इसमें इक्विटी फंड फोलियो की संख्या 185.86 मिलियन से बढ़कर 187.29 मिलियन तक पहुंच गई है।

    यह भी पढ़ें- म्यूचुअल फंड निवेश में नया कीर्तिमान, जुलाई में ₹85 लाख करोड़ के पार पहुंचा AUM; SIP निवेश में भारी उछाल

    स्मॉलकैप और मिडकैप का जलवा: ₹13960 करोड़ का निवेश

    जुलाई के आंकड़ों में सबसे बड़ी कहानी स्मॉलकैप और मिडकैप फंड्स ने लिखी। इन दोनों कैटेगरी ने मिलकर अकेले इक्विटी म्यूचुअल फंड्स के कुल निवेश का आधे से ज्यादा हिस्सा अपनी झोली में डाल लिया।

    खबरें और भी

    • स्मॉलकैप फंड्स: इन फंड्स ने इक्विटी कैटेगरी में बाजी मारते हुए 7,767.50 करोड़ रुपए का तगड़ा निवेश हासिल किया, जो जून के 5,601.96 करोड़ रुपए से काफी ज्यादा है। स्मॉलकैप में फोलियो की संख्या भी 0.46 मिलियन बढ़कर 291.87 मिलियन हो गई है।
    • मिडकैप फंड्स: निवेशकों ने मिडकैप फंड्स पर भी खूब प्यार लुटाया और इसमें 6,192.31 करोड़ रुपए का निवेश किया, जो जून में यह 6,090.17 करोड़ रुपए था। इसके फोलियो भी 0.35 मिलियन बढ़कर 258.62 मिलियन हो गए।

    3 साल में पहली बार लार्जकैप से चौंकाने वाली निकासी

    बाजार के लिए सबसे शॉकिंग डेटा लार्जकैप फंड्स का रहा। जुलाई में लार्जकैप कैटेगरी से निवेशकों ने 1,321.69 करोड़ रुपए निकाल लिए (large cap funds outflow July 2026), जबकि इसके उलट, जून में इस कैटेगरी में 2,067.48 करोड़ रुपए का निवेश आया था।

    यह लगभग 3 सालों में लार्जकैप फंड्स के लिए पहली मासिक निकासी है। इससे पहले लार्जकैप में सितंबर 2023 करीब 110 करोड़ रुपए और दिसंबर 2023 करीब 280 करोड़ रुपए में निकासी देखी गई थी, लेकिन जुलाई 2026 का यह आंकड़ा काफी बड़ा है।

    AMFI के डेटा पर क्या है एक्सपर्ट्स की राय?

    मॉर्निंगस्टार इन्वेस्टमेंट रिसर्च इंडिया के प्रिंसिपल (रिसर्च मैनेजर) हिमांशु श्रीवास्तव ने एम्फी के डेटा पर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि,

    जुलाई 2026 में इक्विटी-ओरिएंटेड म्यूचुअल फंड कैटेगरी में निवेशकों की अच्छी भागीदारी देखी गई और इनमें ₹24697 करोड़ का नेट इनफ्लो हुआ। हालांकि जून में हुए ₹29075 करोड़ के इनफ्लो की तुलना में यह थोड़ा कम था, फिर भी यह काफी मजबूत रहा। इससे पता चलता है कि मिले-जुले मार्केट माहौल के बावजूद घरेलू निवेशकों का भरोसा बना हुआ है। यह लगातार तेजी मुख्य रूप से SIP इनफ्लो जारी रहने, साल की शुरुआत में आई भारी गिरावट के बाद भारतीय इक्विटी में सुधार से निवेशकों का भरोसा बढ़ने और म्यूचुअल फंड के जरिए लंबे समय में वेल्थ बनाने की प्राथमिकता के कारण बनी रही।"

    कुल मिलाकर जुलाई में निवेश का ट्रेंड घरेलू म्यूचुअल फंड में भागीदारी की मजबूती को दिखाता है। निवेशक सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट के जरिए लंबे समय के लिए इक्विटी में निवेश करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, और उनका निवेश मिड-कैप, स्मॉल-कैप और फ्लेक्सी-कैप फंड्स जैसे ग्रोथ-ओरिएंटेड फंड्स की ओर ज्यादा है।