भारत के चीनी एक्सपोर्ट रोकने पर हिल जाएगा अंतर्राष्ट्रीय बाजार? 2027 में ग्लोबल मार्केट में 1.24 मिलियन टन कमी का अनुमान
भारत ने अगले तीन सीजन के लिए चीनी निर्यात पर रोक लगा दी है, जिससे वैश्विक बाजार में 2027 तक 1.24 मिलियन टन चीनी की कमी का अनुमान है। अल नीनो के कारण क ...और पढ़ें
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ग्लोबल मार्केट में चीनी के कमी का अनुमान
HighLights
भारत ने अगले 3 सीजन के लिए चीनी निर्यात रोका।
2027 तक वैश्विक बाजार में 1.24 मिलियन टन कमी।
अल नीनो से गन्ने का उत्पादन घटने के कारण प्रतिबंध।
नई दिल्ली| भारत ने हाल ही में चीनी के निर्यात को आने वाले कम से कम 3 सीजन के लिए रोकने की घोषणा की है। भारत के इस फैसले के बाद ग्लोबल मार्केट में चीनी की कमी का अनुमान लगाया जाने लगा है। दुनियाभर के कई चीनी विश्लेषकों ने अंतर्राष्ट्री बाजारों में चीनी की कमी और बढ़ती कीमत को लेकर चिंता जताई है।
1.24 मिलियन टन के कमी का अनुमान
भारत ब्राजील के बाद दूसरा सबसे बड़ा चीनी निर्यातक (Sugar Export) देश रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बाजार विश्लेषकों का अनुमान है कि यदि भारत चीनी निर्यात पर रोक जारी रखता है, तो 2027 की पहली छमाही में वैश्विक सफेद चीनी बाजार में लगभग 1.24 मिलियन टन (12 लाख 40 हजार टन) की संभावित कमी हो सकती है।
बता दें कि भारत ने 2022-23 तक पांच सीजनों में औसतन 6.8 मिलियन मीट्रिक टन चीनी सालाना एक्सोर्ट करता था। ये आंकड़ा दुनिया के कुल चीनी निर्यात का लगभग 10% था। इस साल, लगभग 800,000 टन निर्यात करने के बाद, भारत ने सीजन के अंत यानी 30 सितंबर तक निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया था। अब भारत ने आने वाले 3 सीजन तक चीनी के निर्यात पर रोक लगा दी है।
चीनी का स्टॉक तीन दशकों में सबसे कम
उद्योग जगत के एक्सपर्ट्स के अनुमानों के अनुसार, भारत में इस सीजन में 30.95 मिलियन टन चीनी का उत्पादन होने की उम्मीद थी, लेकिन अब उत्पादन घटकर 27.9 मिलियन टन रहने का अनुमान है। जबकि भारत की घरेलू खपत सालाना लगभग 28.5 मिलियन टन से भी कम है। नतीजन 1 अक्टूबर को सीजन की शुरुआत में मिलों के पास मौजूद स्टॉक घटकर लगभग 35 लाख टन होने की संभावना है, जो तीन दशकों से अधिक समय में सबसे कम है।
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भारत ने क्यों लगाई चीनी निर्यात पर रोक?
इस साल अलनीनो के कारण देश में मानसून की बारिश में 43 प्रतिशत की कमी है। कम बारिश होने से गन्ने के कुल उत्पादन में कमी का पूर्वानुमान लगाया जा रहा है। गन्ने का उत्पादन घटने से चीनी और इथेनॉल के उत्पादन में भी कमी आएगी। इसके कारण भारत सरकार ने चीनी के निर्यात पर प्रतिबंध लगाया।