सर्च करे
Home
फोकस
विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

त्योहारी सीजन से पहले प्याज की कीमतें बनीं रॉकेट! रिटेल मार्केट में भाव कंट्रोल करने के लिए सरकार का नया दांव

Published: Thu, 20 Aug 2026 02:41 PM (IST)

त्योहारी सीजन से पहले प्याज की बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने के लिए सरकार अपना पूरा बफर स्टॉक खुदरा बाजारों ...और पढ़ें

एक साथ प्याज का पूरा स्टॉक रिटेल मार्केट में उतारने की तैयारी में सरकारी एजेंसियां

एक साथ प्याज का पूरा स्टॉक रिटेल मार्केट में उतारने की तैयारी में सरकारी एजेंसियां

HighLights

  1. सरकार त्योहारी सीजन में प्याज की कीमतें नियंत्रित करेगी।

  2. पूरा बफर स्टॉक खुदरा बाजारों में उतारा जाएगा।

  3. कम बफर स्टॉक के बावजूद उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी।

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| जून के बाद से लगातार प्याज की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिले हैं। आगामी त्योहारी सीजन को देखते हुए सरकार ने प्याज की कीमतों को कंट्रोल करने के लिए तैयारी कर रही है। खुदरा बाजारों में प्याज के भाव को नियंत्रित करने के लिए सरकार पूरे बफर स्टॉक को रिटेल मार्केट में उतार सकती है। ताकि उपभोक्ताओं को लगातार बढ़ रही कीमतों से कुछ हद तक रियायत मिल सके।

कमजोर है सरकार का बफर स्टॉक

सरकार ने एक साथ पूरा Stock खुदरा बाजारों में उतारने का विचार बना रही है, इसका कारण कीमतों के नियंत्रित करना है। रिपोर्ट्स से पता चलता है कि सरकारी एजेंसियों का स्टॉक बहुत अधिक नहीं है। सरकार ने NAFED और NCCF के जरिए 2 लाख टन प्याज खरीदने का लक्ष्य रखा था, लेकिन लक्ष्य से काफी कम प्याज की खरीद हो पाई है, आंकड़ों की बात करें तो अब तक 1.2 लाख टन प्याज की खरीदी हो पाई है। किसानों ने बताया कि एजेंसियों से मुकाबले मंडियों में उन्हें प्याज की अच्छी कीमत मिल रही है, इसलिए उन्होंने एजेंसियों को बेचने की बजाय सीधे खुली मंडियों में अपने उत्पाद बेचे।

क्या है सरकार का प्लान?

त्योहारी सीजन से पहले प्याज की बढ़ती महंगाई उपभोक्ताओं के साथ-साथ सरकार के लिए परेशानी खड़ी कर रही है। इसे देखते हुए सरकार खुदरा मार्केट में प्याज उतारने का बड़ा फैसला ले सकती है। केंद्र सरकार आमतौर पर होलसेल और खुदरा दोनों मार्केट में प्याज उतारती है ताकि दाम को कम रखा जा सके। लेकिन इस बार बफर स्टॉक में कमी होने के कारण पूरे स्टॉक को खुदरा बाजार में उतारने की तैयारी है। इससे उपभोक्ता सीधे एजेंसियों से प्याज की खरीदी करेंगे और उन्हें रियायती दरों पर प्याज उपलब्ध होगी।

एक्सपर्ट्स और मीडिया रिपोर्ट्स के कम बफर स्टॉक को देखते हुए होलसेल मार्केट में प्याज उतारने का कोई बहुत फायदा नहीं मिलेगा। खुदरा मार्केट में ही प्याज उतारकर सरकार आम उपभोक्ताओं को सीधे तौर पर राहत देने की कोशिश में है।

ये भी पढ़ें: देश में सचमुच नहीं बची है चीनी? 1 दशक बाद विदेशों से मंगाने की नौबत! सरकार ने डीलर्स के लिए बनाया 15 दिन स्टॉक का नियम

प्याज की कमी नहीं है

सरकार की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक देश में प्याज की कमी नहीं है, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और गुजरात में मौजूदा स्टॉक का स्तर पर्याप्त है। इसके अलावा अक्टूबर से देश में खरीफ सीजन वाली नई प्याज आनी भी शुरू हो जाएगी, जिससे सप्लाई बनी रहेगी। महाराष्ट्र राज्य प्याज उत्पादक किसान संघ के संस्थापक-अध्यक्ष भारत दिघोले ने जागरण बिजनेस के माध्यम से किसानों को सलाह दी है।

अगर किसानों ने अपनी प्याज को स्टोर करके रखा है तो उसकी क्वालिटी जांचते रहें और एक साथ बाजार में ना उतारें, धीरे-धीरे मंडियों में प्याज उतारें इससे उन्हें बेहतर दाम मिलेगा। दो दिन पहले मंडियों में एक साथ प्याज की आवक बढ़ी थी, जिससे कीमतों में ₹200-₹300 प्रति क्विंटल का अंतर देखा गया था।