चीन ने फिर दिया झटका! चावल के बाद अब मिर्च की खेप लौटाई, जानिए कहां हुआ असली पंगा?
चीन ने चावल के बाद अब भारतीय मिर्च की तीन खेपों को मेथामिडोफोस अवशेषों के आरोप में लौटा दिया है, जिससे तीन निर्यातकों को निलंबित भी किया गया है। यह घट ...और पढ़ें

चीन ने मिर्च की खेपों को लौटाया (सांकेतिक तस्वीर)
HighLights
चीन ने भारतीय मिर्च की तीन खेप लौटाईं।
मेथामिडोफोस अवशेषों के आरोप में निर्यातकों को निलंबित किया।
अंतर्राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा नियमों का सख्त पालन जरूरी।
नई दिल्ली| मार्च के महीने में चीन ने चावल की खेपों को GMO के अंश पाए जाने का तर्क देने के बाद वापस लौटा दिया था। अब एक बार मिर्च की 3 खेपों को वापस लौटाने की खबर भी सामने आई है। चीन ने सूखे मिर्च की कम से कम तीन खेपों को लेने से मना कर दिया है, और मसालों में मेथामिडोफोस के अवशेषों की कथित उपस्थिति के आरोप में तीन भारतीय निर्यातकों को सस्पेंड कर दिया है।
चीन ने पिछले साल की थी रिकॉर्ड खरीदी
चीन मुख्य रूप से ओलियोरेसिन निकालने के लिए तेजा किस्म की मिर्च खरीदता है। बिजनेसलाइन के मुताबिक चीन को होने वाली वार्षिक मिर्च की खेप (Export to China) 1.5 लाख टन से 1.9 लाख टन के बीच घटती-बढ़ती रहती है। साल 2024-25 के दौरान, भारत ने चीन को 2.36 लाख टन मिर्च का निर्यात किया था, जो कि 31 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ रिकॉर्ड निर्यात था। वहीं, भारत का मिर्च निर्यात 2024-25 में 7.15 लाख टन तक पहुंच गया, जो पिछले साल के 6.01 लाख टन की तुलना में 19 प्रतिशत अधिक रहा।
भारत में मेथामिडोफोस रजिस्टर्ड नहीं है?
चीन ने लाल मिर्च में मेथामिडोफोस के अवशेष पाए जाने के बाद भारत के मिर्च की खेपों को वापिस लौटा दिया है। बिजनेसलाइन के मुताबिक, इस मामले पर दक्षिण एशिया जैव प्रौद्योगिकी केंद्र (SABC) के संस्थापक निदेशक भागीरथ चौधरी ने कहा कि, निर्यात किए जाने वाली मिर्च की खेप में मेथामिडोफोस का पाया जाना चिंता का विषय है, क्योंकि भारत में कृषि उपयोग के लिए मेथामिडोफोस अलग से रजिस्टर्ड नहीं है।
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हालांकि, यह एसीफेट (Acephate) नामक कीटनाशक के टूटने से बनने वाला अवशेष हो सकता है, जो भारत में कुछ फसलों पर उपयोग के लिए रजिस्टर्ड है, और कथित तौर पर कुछ मिर्च उत्पादक इसका उपयोग करते हैं।
मिर्च की खेप रिजेक्ट करना छोटी बात नहीं
चौधरी ने कहा कि चीन द्वारा भारतीय मिर्च की खेप रिजेक्ट करना कोई छोटी बात नहीं है, बल्कि यह दिखाता है कि अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में अब खाद्य सुरक्षा के नियम बहुत सख्ती से लागू हो रहे हैं, खासकर कीटनाशक अवशेष और अन्य गुणवत्ता मानकों पर। 2024-25 में चीन ने सस्ती कीमतों का फायदा उठाकर भारत से रिकॉर्ड मात्रा में मिर्च खरीदी थी, लेकिन 2025-26 में भारत में कम फसल और बढ़ती कीमतों के कारण उसकी मांग घटी है। इस साल चीन को भेजे गए करीब 3000 कंटेनरों में से 10-15% खेपों में समस्या आई, मुख्य रूप से ज्यादा नमी और कीटनाशक अवशेष के कारण।