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₹70 की प्याज ₹35 में बिकनी शुरू! कौन और कहां से खरीद सकेंगे सस्ती प्याज? स्टॉक में कमी पर भी आया मंत्रालय का जवाब

Published: Sun, 30 Aug 2026 12:00 PM (IST)

प्याज की बढ़ती कीमतों के बीच सरकार ने मोबाइल वैन से ₹35 प्रति किलो की दर से प्याज बेचना शुरू ...और पढ़ें

दिल्ली-NCR में प्याज की खुदरा कीमतें ₹35 प्रतिकिलो

दिल्ली-NCR में प्याज की खुदरा कीमतें ₹35 प्रतिकिलो

HighLights

  1. देशभर में प्याज की खुदरा कीमतें ₹70 प्रति किलो से अधिक।

  2. सरकार दिल्ली-एनसीआर में ₹35 प्रति किलो में बेच रही प्याज।

  3. मंत्रालय ने भविष्य में पर्याप्त प्याज आपूर्ति का आश्वासन दिया।

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| देश में इन दिनों प्याज की कीमतें उफान में हैं। इसका असर घर की रसोई से लेकर स्ट्रीट फूड मार्केट पर भी दिखने लगा है। प्याज की कीमत बढ़ने से वेज-नॉनवेज थाली का भी बजट बढ़ गया है। देशभर में खुदरा प्याज औसतन ₹70 प्रति किलो के पार हो गई हैं। कई इलाकों में तो इसकी कीमत ₹80 प्रति किलो भी देखी गई है। हालांकि अब सरकार की ओर से प्याज को सस्ते में बेचने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके अलावा इसकी सप्लाई को लेकर भी चल रही अटकलों पर विराम लग गया है।

आधे कीमत में बिक रही प्याज

देशभर में प्याज की खुदरा कीमत औसतन ₹70 प्रति किलो तक बिक रही है। प्याज की कीमत को कम करने के लिए सरकार ने सरकारी एजेंसियों के सारे स्टॉक को एक साथ रिटेल मार्केट में उतारने का फैसला लिया था। उपभोक्ता मामलों के विभाग की सचिव निधि खरे ने बीते दिनों राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के उपभोक्ताओं के लिए खुदरा वितरण के लिए नई दिल्ली के कृषि भवन से प्याज के वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। सरकार के मूल्य स्थिरीकरण बफर से प्याज को एनसीसीएफ, एनएएफईडी और केंद्रीय भंडार के आउटलेट्स

बफर प्याज फिलहाल दिल्ली-NCR के खुदरा दुकानों और मोबाइल वितरण केंद्रों पर ₹35 प्रति किलो की दर से बिक रहा है। इस पहल का उद्देश्य मौसमी मूल्य दबाव को कम करना और यह सुनिश्चित करना है कि उपभोक्ताओं को किफायती दरों पर प्याज मिलता रहे। NAFED और NCCF केंद्रीय भंडार के आउटलेट्स सरकार के मूल्य-स्थिरीकरण उपायों को सीधे आम ग्राहकों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

प्याज के स्टॉक और सप्लाई पर चिंता?

इस साल के स्टॉक के लिए सरकारी एजेंसियों ने 2 लाख टन प्याज खरीदने का लक्ष्य रखा था, लेकिन किसानों ने एजेंसियों को प्याज देने की बजाय लोकल मंडियों में बेचना शुरू किया क्योंकि वहां उन्हें अच्छे दाम मिल रहे थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस साल सिर्फ 1.20 लाख टन ही प्याज की सरकारी खरीद हुई थी, ऐसे में प्याज के स्टॉक और सप्लाई को लेकर उपभोक्ताओं में चिंता की अटकलें लगाई गई हैं।

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उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने कहा कि 2025-26 में अनुमानित 307 लाख मीट्रिक टन से अधिक उत्पादन के चलते आगामी महीनों में घरेलू मांग को पूरा करने के लिए प्याज की उपलब्धता पर्याप्त है। मंत्रालय ने कहा कि मजबूत उत्पादन, पर्याप्त स्टॉक की उपलब्धता और सक्रिय बाजार हस्तक्षेप से आगामी महीनों में पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित होने और मौसमी मूल्य दबाव को कम करने की उम्मीद है।