'महंगाई कंट्रोल नहीं हुई तो...', गोल्ड-सिल्वर में क्यों आई 3 हफ्ते की सबसे बड़ी गिरावट, क्या अभी और गिरेंगे दाम?
Gold Silver Price Today: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव से क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल आया है, जिससे अमेरिका ...और पढ़ें
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US-Iran War ने क्रूड में लगाई आग, ब्याज दरें बढ़ने के डर से औंधे मुंह गिरा सोना; 7 अगस्त के बाद क्यों आई इतनी बड़ी गिरावट?

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| मिडिल ईस्ट में बढ़े तनाव ने क्रूड ऑयल की कीमतों में आ लगा दी है। ग्लोबल मार्केट में क्रूड ऑयल के दाम 95 डॉलर प्रति बैरल के पार चले गए हैं। इससे अमेरिका में महंगाई और ब्याज दरें बढ़ने का डर फिर से हावी हो गया है। इसी दहशत में 2 सितंबर, बुधवार को सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट (gold silver price crash today) दर्ज हुई। आलम यह रहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार से लेकर घरेलू बाजार तक में कीमतें 3 हफ्ते के लो लेवल पर चली गईं। आसान शब्दों में कहें 7 अगस्त के बाद गोल्ड और सिल्वर की कीमतों में सबसे बड़ी गिरावट देखने को मिली है। अब निवेशकों की नजर अमेरिका के रोजगार आंकड़ों पर टिकी हैं।
ग्लोबल मार्केट से घरेलू बाजार तक, कितना टूटा सोना?
अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड 0.6% टूटकर 4,302.99 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। यह 7 अगस्त के बाद इसका सबसे निचला स्तर है। सोने की कीमतों में लगातार चौथे दिन गिरावट (gold price today) का रुख है और यह 200-दिन के मूविंग एवरेज से भी नीचे बना हुआ है।
दिसंबर डिलीवरी वाले अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स भी 1.1% गिरकर 4,349.90 डॉलर पर आ गए। अमेरिकी डॉलर की मजबूती कायम है, जिससे अन्य करेंसी वालों के लिए डॉलर में बिकने वाले मेटल और भी महंगे हो गए हैं।
वहीं मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर आज अक्टूबर डिलीवरी वाला गोल्ड 1 फीसदी से ज्यादा टूट गया। खबर लिखे जाने तक यह 979 रुपए गिरकर 1,50,750 रुपए (gold rate today) के लेवल पर कारोबार करता दिखा। इस दौरान इसका हाई लेवल 1,51,061 रुपए और लो लेवल 1,49,665 रुपए (gold rate today) प्रति 10 ग्राम रहा।
7 अगस्त को गोल्ड 1,49,335 रुपए पर ओपन हुआ था, जिसने 1,52,580 रुपए का हाई लेवल भी बनाया था। अगर इस रेट से कंपेयर करें तो सोना MCX पर भी गोल्ड में 3 हफ्तों की बड़ी गिरावट देखने को मिली है।
क्रूड ऑयल में उछाल, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड भी चढ़ी
रिपोर्ट्स की माने तो हफ्तों बाद हुए सबसे बड़े टकराव के बाद अमेरिका और ईरान फिर से युद्ध के मुहाने पर खड़े नजर आ रहे हैं। क्रूड ऑयल में लगातार तीसरे दिन उछाल आया और कीमत 95 डॉलर (crude oil price today) के पार चली गई। वहीं अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड (US Treasury yields) भी चढ़ गई है।
इसे लेकर लग्जमबर्ग की एसेट मैनैजमेंट कंपनी DHF Capital SA के CEO और एसेट मैनेजर बास कूइमैन (Bas Kooijman) ने कहा कि,
अमेरिका-ईरान के ताजा तनाव के बाद तेल के दामों में उछाल ने महंगाई की चिंताएं बढ़ा दी हैं। महंगा क्रूड मॉनेटरी पॉलिसी के सख्त होने की आशंकाओं को हवा दे सकता है और यील्ड बढ़ा सकता है। इससे सोने में रिकवरी की कोई भी गुंजाइश सीमित हो जाएगी।"
सोने को अक्सर महंगाई से बचाव यानी हेज का हथियार माना जाता है, लेकिन ब्याज दरें बढ़ने पर इसकी चमक फीकी पड़ जाती है क्योंकि इस पर कोई यील्ड नहीं मिलता।
'महंगाई कंट्रोल नहीं हुई तो...'
सीएमई फेडवॉच टूल (CME FedWatch Tool) के मुताबिक, ट्रेडर्स फिलहाल इस महीने होने वाली फेडरल रिजर्व की पॉलिसी मीटिंग में ब्याज दरें बढ़ने की 68% आशंका जता रहे हैं। फेड गवर्नर माइकल बार ने साफ कहा है कि अगर महंगाई जल्द काबू में नहीं आई, तो सेंट्रल बैंक के पास दरें बढ़ाने का वक्त आ जाएगा। पिछले हफ्ते, फेड चेयरमैन केविन वॉर्श ने भी ब्याज दरें बढ़ाने के साफ संकेत दिए थे।
अब निवेशकों को आज जारी होने वाली ADP रोजगार रिपोर्ट का बेसब्री से इंतजार है। इसके बाद शुक्रवार को आने वाले बेहद अहम नॉनफार्म पेरोल (nonfarm payrolls) डेटा पर भी बाजार की पैनी नजर रहेगी।
'...तो गोल्ड में कम हो सकता है दबाव'
कूइमैन का कहना है कि अगर आंकड़े कमजोर आते हैं तो सोने पर दबाव कुछ कम हो सकता है, लेकिन अगर डेटा मजबूत आया या फेड की तरफ से और हॉकिश बयान आए, तो सोने में गिरावट और गहरी हो सकती है।"
अन्य मेटल्स की बात करें तो, ग्लोबल मार्केट में स्पॉट सिल्वर 0.9% गिरकर 63.68 डॉलर प्रति औंस पर आ गई। प्लैटिनम 0.9% फिसलकर 1,725.03 डॉलर पर आ गया और पैलेडियम 1.3% टूटकर 1,293.86 डॉलर पर पहुंच गया। वहीं एमसीएक्स पर 4 दिसंबर वाली चांदी 2.28 लाख रुपए प्रति किलोग्राम के लेवल से नीचे कारोबार कर रही है।
