यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 30, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Budget 2023 Expectations: बजट से हेल्थकेयर सेक्टर को उम्मीद, नई तकनीक के साथ ज्यादा फंडिंग
Budget 2023 Expectations Healthcare Nirmala Sitharaman बजट से बाकी सेक्टर्स के तरह ही हेल्थकेयर सेक्टर को भी काफी उम्मीदें है। इस सेक्टर में ज्यादा फं ...और पढ़ें

नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। Budget Expectation 2023: करोना महामारी के बाद से एक तरफ लोगों ने अपने हेल्थ के प्रति ज्यादा ध्यान देना शुरू कर दिए हैं। वहीं, स्वास्थ्य विभाग ने भी कई योजनाएं और जागरूकता अभियान को शुरू किया है। इन्ही सबको ध्यान मे रखते हुए उम्मीद की जा रही है कि आने वाले यूनियन बजट में स्वास्थ्य देखभाल व्यय को बढ़ाया जा सकता है।
हेल्थकेयर खर्चों को भारतीय सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के 2.5 प्रतिशत तक बढ़ाने की उम्मीद है, जिसके बारे में सरकार ने पहले ही घोषणा की थी। साथ ही, स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में अनुसंधान, विकास और नई क्षमताओं के निर्माण के लिए भी धन आवंटित किया जा सकता है। बता दें कि वर्तमान में हेल्थकेयर पर GDP का 1.5 प्रतिशत से भी कम खर्च किया जाता है।

हेल्थकेयर कवरेज का विस्तार
इस बात की बहुत संभावना जताई जा रही है कि सरकार हेल्थकेयर कवरेज का विस्तार कर सकती है। इसके तहत, चिकित्सा और नर्सिंग कॉलेजों, उपकरण अनुसंधान और विनिर्माण सुविधाओं जैसी सुविधाओं में निवेश किया जा सकता है। साथ ही पीएचसी और सीएचसी जैसी सेवा सुविधाओं में 24x7 के लिए लागू किया जा सकता है।
तकनीकी चिकित्सा सेवाओं को बढ़ावा
इस बात की भी उम्मीद की जा रही है कि स्वास्थ्य सेवा के बुनियादी ढांचे में सुधार किया जाए और नई तकनीकी सुविधा को चिकित्सा में शामिल किया जाए। सरकार को रोग प्रबंधन, दीर्घकालिक देखभाल, पुनर्वास और निवारक देखभाल के लिए एक सहायक प्रणाली का निर्माण करना चाहिए।
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इनपुट टैक्स क्रेडिट में छूट
मौजूदा समय में निजी अस्पतालों और पॉइंट-ऑफ-केयर चिकित्सा सेवा कंपनियों को फुल इनपुट टैक्स क्रेडिट नहीं मिलता है। इसलिये, आगामी बजट में उम्मीद है कि इसमें स्टैंडर्ड 5% जीएसटी को लागू किया जा सकता है। अब देखना है कि नए केन्द्रीय बजट में हेल्थकेयर और इससे जुड़े वर्कर के लिए क्या कुछ मिल सकता है।
