Zerodha वाले नितिन कामथ की बड़ी चेतावनी, गिरावट पर बाजार में आंख मूंदकर लगा रहे हैं पैसा तो जरूर पढ़ें ये पोस्ट
जीरोधा के को-फाउंडर नितिन कामथ ने निवेशकों को मौजूदा अस्थिर बाजार में आक्रामक दांव लगाने से बचने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि वैश्विक बाजार अप्रत्या ...और पढ़ें

HighLights
नितिन कामथ ने आक्रामक तरीके से पैसा लगाने से मना किया।
मौजूदा अस्थिर बाजार में पूंजी संरक्षण को प्राथमिकता दें।
जोखिम कम करें, एक्सपोजर घटाएं, रिटर्न के पीछे न भागें।
नई दिल्ली। देश की मशहूर ब्रोकिंग फर्म जीरोधा के को-फाउंडर नितिन कामथ ने निवेशकों को मार्केट में पैसा लगाने को लेकर एक बड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि मौजूदा बाजार माहौल में व्यापारियों को आक्रामक दांव लगाने से बचना चाहिए। क्योंकि, ग्लोबल मार्केट बहुत अस्थिर हैं और तेजी से नई-नई खबरों से प्रभावित हो रहे हैं, ऐसे में मुनाफा कमाने की बजाय पूंजी बचाने को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
लिंक्डइन पर एक पोस्ट में, कामथ ने कहा कि मौजूदा स्थिति ने ट्रेडिंग को असामान्य रूप से कठिन बना दिया है, दोनों तरफ तेज उतार-चढ़ाव के कारण पूरे विश्वास के साथ पोजीशन लेने की गुंजाइश बहुत कम रह गई है। उनके अनुसार, ऐसी परिस्थितियों में सबसे अच्छा तरीका जोखिम को काफी कम करना, एक्सपोजर को घटाना और रिटर्न के पीछे भागने के बजाय पूंजी संरक्षण पर ध्यान केंद्रित करना है।
ट्रंप पर बरसे नितिन कामथ
कामथ ने कहा, "यह विडंबना है कि हम ऐसे समय में जी रहे हैं जब पूरा ग्लोबल फाइनेंशियल मार्केट एक व्यक्ति के मनमाने फैसलों पर निर्भर होता प्रतीत हो रहा है, और वह व्यक्ति अपनी मर्जी से कुछ भी कर सकता है, और करता भी है, यह इस बात पर निर्भर करता है कि वह सुबह किस मूड में उठता है।"

मुनाफे से ज्यादा जरूरी पैसा बचाना
कामथ ने कहा कि जब बाजार स्पष्ट रुझानों या फंडामेंटल फैक्टर्स के बजाय सुर्खियों से ज्यादा प्रभावित हो रहे हों, तो व्यापारियों को अधिकतम लाभ कमाने के बजाय बाजार में बने रहने पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने बताया कि ऐसे बाजार में सही तरीके से आगे बढ़ने का एक सबसे व्यावहारिक तरीका है कि ट्रेड का आकार कम किया जाए और बहुत बड़ी पोजीशन लेने से बचा जाए।
खबरें और भी
बता दें कि ईरान-अमेरिका के बीच युद्ध शुरू होने के बाद 28 फरवरी से मार्केट में तेज गिरावट देखने को मिली है और निचले स्तरों से खरीदारी भी आई है। ऐसे में मार्केट के ट्रेंड को लेकर अब भी अनिश्चितता बरकरार है।