Yes Bank में खत्म हुआ 'प्रशांत युग', कभी डूबते लेंडर को उठाकर था चलाया; अब किसे मिली जिम्मेदारी?
यस बैंक में प्रशांत कुमार का MD और CEO के तौर पर कार्यकाल 5 अप्रैल 2026 को समाप्त हो गया है, जिसके बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया। विनय मुरलीधर टोंसे ने 6 अप्रैल 2026 से यस बैंक के नए मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO का पदभार संभाला है।

यस बैंक के एमडी-सीईओ का कार्यकाल खत्म

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
नई दिल्ली। यस बैंक ने एक रेगुलेटरी फाइलिंग के जरिए बताया है कि प्रशांत कुमार (Prashant Kumar) का MD और CEO के तौर पर कार्यकाल 5 अप्रैल 2026 को खत्म हो गया है, और उन्होंने अपने पद से और बैंक के डायरेक्टर के तौर पर इस्तीफा दे दिया है। 6 अप्रैल 2026 से, विनय मुरलीधर टोंसे ने यस बैंक के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO (Yes Bank New MD & CEO) का पदभार संभाल लिया है। उनका कार्यकाल 5 अप्रैल 2029 तक रहेगा, जिसके लिए शेयरहोल्डर्स की मंजूरी ली जाएगी और भारतीय रिजर्व बैंक को कुछ कंडीशंस को भी पूरा करना होगा। बैंक ने पुष्टि की है कि टोंसे को किसी भी रेगुलेटरी अथॉरिटी द्वारा डायरेक्टर का पद संभालने से रोका नहीं गया है।
SBI के रहे हैं एमडी
विनय टोंसे नवंबर 2023 से नवंबर 2025 तक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) में एमडी (रिटेल बिजनेस और ऑपरेशंस) रहे हैं। इस पद पर रहते हुए, उन पर SBI के पूरे घरेलू नेटवर्क की जिम्मेदारी थी, जिसमें लगभग 23,000 ब्रांच, लगभग 2,33,426 कर्मचारी और नवंबर 2025 तक 76 लाख करोड़ रुपये का बिजनेस शामिल है।
टोंसे ने सेंट जोसेफ कॉलेज ऑफ कॉमर्स, बैंगलोर से B.Com और बैंगलोर यूनिवर्सिटी से कॉमर्स में मास्टर डिग्री हासिल की है।
SBI से करियर की शुरुआत
टोंसे ने अपने करियर की शुरुआत 1988 में SBI के साथ एक प्रोबेशनरी ऑफिसर के तौर पर की थी। उन्होंने भारत और विदेश में अलग-अलग जगहों पर काम किया है और विभिन्न बिजनेस फंक्शंस का नेतृत्व किया। उन्हें बैंकिंग के विभिन्न क्षेत्रों, जैसे कॉर्पोरेट क्रेडिट, इंटरनेशनल बैंकिंग, ट्रेजरी ऑपरेशंस, इक्विटी पोर्टफोलियो मैनेजमेंट, रिटेल बैंकिंग, ट्रेनिंग, कृषि और ग्रामीण बैंकिंग को संभालने और प्रबंधित करने का बड़ा अनुभव है।
2020 में प्रशांत को मिली थी जिम्मेदारी?
मार्च 2020 में यस बैंक में रिकंस्ट्रक्शन के बाद, प्रशांत कुमार को Yes Bank का मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ नियुक्त किया गया था। अक्टूबर 2022 में उन्हें अगले 3 साल के लिए फिर से नियुक्त किया गया। उनके नेतृत्व में, बैंक ने एक नई ऊर्जा, नई पूंजी और नए सिरे से तैयार संगठन के रूप में उभरने के लिए बदलाव का सफर शुरू किया।
दरअसल मार्च 2020 में, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने यस बैंक के सह-संस्थापक राणा कपूर को ₹5,050 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग घोटाले के आरोप में गिरफ्तार किया। उन पर DHFL जैसी बड़ी कॉर्पोरेट कंपनियों को ज्यादा जोखिम वाले लोन मंजूर करने के बदले रिश्वत (किकबैक) लेने का आरोप था। इन कंपनियों ने लोन चुकाने में डिफॉल्ट कर दिया, जिससे बैंक में नकदी का संकट पैदा हो गया और RBI को बैंक पर मोरेटोरियम लगाना पड़ा।
उस समय बैंक की हालत अच्छी नहीं थी और उसी समय प्रशांत को बैंक की कमान संभालने को मिली।
Yes Bank में शामिल होने से पहले, वे भारत के सबसे बड़े बैंक, SBI के डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर और चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर रहे थे। उन्होंने SBI में अलग-अलग पदों पर काम किया और उन्हें क्रेडिट से लेकर ह्यूमन रिसोर्स तक, कई अलग-अलग क्षेत्रों में काफी अनुभव है।
