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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 21, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Gold Price Today: रिकॉर्ड महंगा होने के बाद सस्ता हुआ सोना, आपके शहर में क्या है गोल्ड का रेट

By Siddharth PriyadarshiEdited By: Siddharth Priyadarshi
Published: Tue, 21 Mar 2023 03:06 PM (IST)Updated: Tue, 21 Mar 2023 04:26 PM (IST)

Gold Silver Price एक के बाद एक बैंकों के डूबने से सोने की कीमत कल ताबड़तोड़ बढ़ी लेकिन आज सोने ...और पढ़ें

Gold Silver Price Today: Check New Sona Chandi Rates in Your City
Gold Silver Price Today: Check New Sona Chandi Rates in Your City

नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। Gold Price Today: कमजोर वैश्विक रुख के बीच मंगलवार को दिल्ली सर्राफा बाजार में सोना 470 रुपये गिरकर 59,480 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। एचडीएफसी सिक्योरिटीज ने यह जानकारी दी। पिछले कारोबार में सोना 59,950 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था।

चांदी भी 420 रुपये की गिरावट के साथ 68,550 रुपये प्रति किलोग्राम रह गई। विदेशी बाजार में सोना और चांदी गिरावट के साथ क्रमश: 1,967 डॉलर प्रति औंस और 22.39 डॉलर प्रति औंस पर थे। कॉमेक्स सोने की कीमतों में मंगलवार गिरावट दर्ज की गई। सोने की कीमत आज शुरुआती कारोबार में 60000 प्रति 10 ग्राम के इर्द-गिर्द रहने के बाद नरम हो गई है।

नरम हुई सोने की कीमत

एमसीएक्स पर सोने की कीमत में आज सुबह से लगातार उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (एफओएमसी) की बैठक से पहले निवेशकों के सतर्क रुख अपनाने से सोने की कीमतों में मंगलवार को गिरावट दर्ज की गई।

जानकारों का मानना है कि सोना पूरे सत्र के लिए इस दायरे में बना रह सकता है, क्योंकि निवेशक आज से शुरू होने जा रही एफओएमसी बैठक के नतीजों को लेकर आशंकित हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत 1,950 डॉलर से 2,010 डॉलर प्रति औंस के स्तर के बीच बनी रहेगी, जबकि घरेलू बाजार में सोने की कीमत 58,700 रुपये से 60,500 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर रहने की उम्मीद जताई जा रही है।

अमेरिका में बैंकिंग संकट का असर

मुंबई में सोने का कारोबार करने वाले पीयूष परिमल का मानना है कि सोने की कीमत आज इसी दायरे में रहेगी, क्योंकि निवेशक आज से शुरू होने जा रही एफओएमसी बैठक के नतीजे का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि, फोकस यूएस फेड रेट हाइक पर नहीं होगा, बल्कि यूएस में बैंक संकट पर यूएस फेड के बयान पर होगा, क्योंकि दुनिया भर के निवेशक अमेरिका के केंद्रीय बैंक से किसी रेड मैप की उम्मीद कर रहे हैं।

पीयूष परिमल ने कहा कि यूएस फेड के कम आक्रामक बने रहने की पूरी उम्मीद है। अगर फेड दरें बढ़ाता है तो इसमें होने वाली वृद्धि 25 बीपीएस से अधिक नहीं होगी, क्योंकि मुद्रास्फीति किसी आर्थिक कारण की तुलना में रूस-यूक्रेन युद्ध जैसे राजनीतिक कारणों की वजह से अधिक है।

अगर फेड अमेरिकी बैंकों को संकट से उबारने के लिए ठोस रोड मैप की घोषणा करता है तो इससे डॉलर इंडेक्स कमजोर होगा, नतीजन सोने की कीमत में और नरमी आने के संकेत हैं।

ईसीबी के बाद फेड पर निगाहें

ईसीबी द्वारा पिछले सप्ताह 50 बीपीएस दर वृद्धि की घोषणा के बाद, सभी की निगाहें अब 21 से 22 मार्च 2023 तक होने वाली फेड की नीति बैठक पर हैं। यूएस फेड द्वारा दरों में 25 बीपीएस की वृद्धि की उम्मीद है। हालांकि, ठहराव की संभावना तेजी से बढ़ रही है। आपको बता दें कि सोमवार को एमसीएक्स सोना 60,455 रुपये के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया था। इस बीच चांदी की वायदा कीमत 303 रुपये या 0.44 प्रतिशत की तेजी के साथ 68,804 रुपये पर बंद हुई।

कहां सबसे सस्ता है गोल्ड

Today Gold Silver Rates: गुड रिटर्न के मुताबिक, समाचार लिखे जाने तक सर्राफा बाजार में सोने की कीमतें इस तरह हैं-

  • दिल्ली में 24 कैरेट का 10 ग्राम सोना 60,150 रुपये है।
  • जयपुर में 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 60,150 रुपये में बिक रहा है।
  • पटना में 24 कैरेट के 10 ग्राम सोने का दाम 60,050 रुपये है।
  • कोलकाता में 24 कैरेट के 10 ग्राम सोने का दाम 60,000 रुपये है।
  • मुंबई में 24 कैरेट का 10 ग्राम सोना 60,000 पर बिक रहा है।
  • बेंगलुरु में 24 कैरेट का 10 ग्राम सोना 60,050 रुपये का है।
  • हैदराबाद में 24 कैरेट 10 ग्राम सोना 60,000 रुपये का है।
  • चंडीगढ़ में सोने की कीमत 60,150 रुपये है।
  • लखनऊ में 24 कैरेट 10 ग्राम सोने का रेट 60,150 रुपये है।

सोने का दूसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता है भारत

चीन के बाद भारत सोने का दूसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता है। सोने की जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात और घरेलू बुलियन को स्थानीय स्तर पर रिसाइकल कर पूरा किया जाता है। अंतरराष्ट्रीय कीमतों के अलावा आयात शुल्क और अन्य कर घरेलू सोने की दरों को निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

आपको बता दें कि बुलियन को मुद्रास्फीति के खिलाफ बचाव के रूप में देखा जाता है, लेकिन बॉन्ड प्रतिफल और डॉलर की दर का भी कीमती धातुओं की कीमतों पर असर पड़ता है।