DA Hike पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला! सरकार अब नहीं कर पाएगी भेदभाव, किसे मिलेगा सीधा फायदा?
DA DR Parity Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसले में कहा है कि राज्य सरकारें महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) बढ़ाते समय सेवारत कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के बीच भेदभाव नहीं कर सकतीं।
-1775836754644_m.webp)
पेंशनभोगियों की बड़ी जीत! सुप्रीम कोर्ट का सरकार को झटका, अब DA में नहीं चलेगा भेदभाव; क्या आपकी भी बढ़ेगी सैलरी?

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
एजेंसी, नई दिल्ली| सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसले में साफ कर दिया है कि राज्य सरकारें महंगाई भत्ता (Supreme Court DA DR Equal) बढ़ाते समय नौकरी कर रहे कर्मचारियों और पेंशनधारकों के बीच कोई भेदभाव (Pensioners DA Equal to Employees) नहीं कर सकतीं। जस्टिस मनोज मिश्रा और जस्टिस प्रसन्ना बी वराले की पीठ ने केरल सरकार और KSRTC की अपीलों को खारिज करते हुए कहा कि महंगाई की मार दोनों पर एक जैसी पड़ती है, इसलिए उनके हक भी एक समान होने चाहिए।
'समानता 'कानून के शासन' का हिस्सा'
कोर्ट ने सख्त लहजे में कहा कि,
समानता का अधिकार एक गतिशील अवधारणा है और इसे सीमाओं में नहीं बांधा जा सकता।"
फैसले के मुताबिक, समानता 'कानून के शासन' का हिस्सा है, जबकि भेदभावपूर्ण नीतियां किसी निरंकुश शासक की सनक जैसी होती हैं। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि संविधान का अनुच्छेद 14 किसी भी तरह के 'मनमाने वर्गीकरण' की अनुमति नहीं देता।
यह भी पढ़ें- DA Hike News: महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी की मांग तेज, कर्मचारी संगठनों ने वित्त मंत्री सीतारमण को लिखा पत्र
दो टूक बातें: कोर्ट ने क्या कहा?
- समानता का आधार: कोर्ट ने कहा कि वर्गीकरण तभी वैध है जब उसके पीछे कोई ठोस तर्क हो। इस मामले में पेंशनभोगियों और सेवारत कर्मचारियों के लिए अलग-अलग दरें तय करने का कोई तार्किक आधार नहीं मिला।
- महंगाई का असर: पीठ ने जोर देकर कहा कि सेवानिवृत्त कर्मचारी न केवल पेंशन के, बल्कि 'महंगाई राहत' (DR) के भी हकदार हैं। चूंकि DA और DR दोनों का उद्देश्य बढ़ती कीमतों से राहत देना है, इसलिए इनकी दरों में अंतर करना भेदभावपूर्ण है।
- सरकार की जिम्मेदारी: पेंशन का लाभ कोई खैरात नहीं, बल्कि कर्मचारियों का संवैधानिक हक है।
यह फैसला देशभर के लाखों पेंशनभोगियों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। अब सरकारें फंड की कमी का बहाना बनाकर बुजुर्गों के महंगाई भत्ते में कटौती नहीं कर पाएंगी। कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया कि जब उद्देश्य एक ही है- महंगाई से लड़ना है तो फिर दो अलग मापदंड नहीं चलेंगे।
