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    अगले वित्त वर्ष भी नहीं रुकेगी भारत की रफ्तार, S&P ग्लोबल ने GDP ग्रोथ का अनुमान बढ़ाकर किया 7.1%

    Updated: Wed, 25 Mar 2026 02:29 PM (IST)

    S&P ग्लोबल ने वित्त वर्ष 2027 के लिए भारत की जीडीपी वृद्धि का अनुमान बढ़ाकर 7.1% कर दिया है, जो वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद देश की आर्थिक गति पर वि ...और पढ़ें

    अगले वित्त वर्ष भी नहीं रुकेगी भारत की रफ्तार, S&P ग्लोबल ने GDP ग्रोथ का अनुमान बढ़ाकर किया 7.1%

    अगले वित्त वर्ष भी नहीं रुकेगी भारत की रफ्तार, S&P ग्लोबल ने GDP ग्रोथ का अनुमान बढ़ाकर किया 7.1%

    HighLights

    1. S&P ग्लोबल ने FY27 के लिए GDP अनुमान 7.1% किया।

    2. मूडीज ने मध्य पूर्व संघर्ष से आर्थिक झटके की चेतावनी दी।

    3. कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें महंगाई का जोखिम बढ़ा सकती हैं।

    नई दिल्ली। मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के बीच कई देशों की अर्थव्यवस्था चरमरा गई है। ग्रोथ रेट धीमी हो गई है, लेकिन भारत रफ्तार के साथ भाग रहा है। अगले वित्त वर्ष भी यही रफ्तार जारी रहेगी। ऐसा हम नहीं बल्कि वैश्विक रेटिंग एजेंसी S&P Global की रिपोर्ट कह रही है। एस एंड पी ग्लोबल ने वित्त वर्ष 2027 के लिए भारत के GDP ग्रोथ के अनुमान को 40 बेसिस पॉइंट्स (India GDP Growth Rate) बढ़ाकर 7.1% कर दिया है। यह वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद देश की आर्थिक गति पर उसके भरोसे का संकेत है।

    ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जारी युद्ध के चलते वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर पड़ा है। लेकिन भारत की अर्थव्यवस्था की रफ्तार अब तक इससे ज्यादा बाधित नहीं हुई है। वैश्विक रेटिंग एजेंसी रेटिंग एजेंसी ने भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर अपने अनुमानों को भी बेहतर किया है। उसने FY28 के लिए ग्रोथ को 20 बेसिस पॉइंट बढ़ाकर 7.2% और FY29 के लिए 20 बेसिस पॉइंट बढ़ाकर 7.0% कर दिया है। ये अनुमान कहीं न कहीं भारत की ताकत को दर्शा रहे हैं।

    क्या RBI रेपो रेट में करेगा कटौती?

    पॉलिसी के मोर्चे पर, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (Reserve Bank Of India Repo Rate) से उम्मीद है कि वह ब्याज दरों को अपरिवर्तित रखेगा और अपने बेस केस में एक न्यूट्रल रुख बनाए रखेगा। क्योंकि वह ग्रोथ और महंगाई के समीकरणों को संतुलित कर रहा है।

    हालांकि, S&P ने ईंधन की बढ़ती कीमतों (Crude Oil Price Hike) और कच्चे तेल के ऊंचे स्तरों से पैदा होने वाले उभरते जोखिमों की ओर इशारा किया है, जो महंगाई को और बढ़ा सकते हैं। यानी अगर कच्चे तेल में तेजी जारी रही तो इसका सीधा असर महंगाई पर पड़ेगा।

    खबरें और भी

    उपभोक्ता मूल्य मुद्रास्फीति (Consumer price inflation) के FY26 में 2.5% से बढ़कर FY27 में 4.3% तक पहुंचने का अनुमान है, जो इन दबावों को दर्शाता है।

    मूडीज ने दी चेतावनी

    एक तरफ जहां S&P ग्लोबल ने भारत की जीडीपी ग्रोथ रेट का अनुमान बढ़ा दिया है, वही दूसरी ओर मूडीज एनालिटिक्स ने चेतावनी दी है कि अगर मध्य-पूर्व में चल रहा संघर्ष जारी रहता है, तो भारत को एशिया-प्रशांत क्षेत्र में सबसे बड़े आर्थिक झटकों में से एक का सामना करना पड़ सकता है। इस संघर्ष भारत का उत्पादन अपने मूल अनुमानित स्तर से लगभग 4 प्रतिशत तक गिर सकता है।

    मूडीज एनालिटिक्स की रिपोर्ट भारत को इस क्षेत्र की सबसे सबसे ज्यादा जोखिम वाली प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक मानती है। इसमें दक्षिण कोरिया और चीन भी शामिल है। ईरासन और इजरायल-अमेरिका के बीच तनावों के कारण ऊर्जा की आपूर्ति बाधित होने और कमोडिटी की कीमतें बढ़ने का खतरा है।

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