TATA Group में नया घमासान! नोएल टाटा ने चंद्रशेखरन की नियुक्ति का मुद्दा लटकाया; 12 जून को निकलेगा हल?
नोएल टाटा ने टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन की दोबारा नियुक्ति को लेकर कई अहम मुद्दों के अनसुलझे होने की बात कही है। उन्होंने रणनीतिक रोडमैप, शापू ...और पढ़ें

नोएल टाटा ने अनसुलझे मुद्दों को उठाया

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
नई दिल्ली। टाटा ग्रुप में चल रही उठापटक बरकरार है। नई रिपोर्ट्स के अनुसार टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा ने टाटा संस के बोर्ड को बताया कि कई अहम मुद्दे अभी भी अनसुलझे हैं, जिसकी वजह से होल्डिंग कंपनी के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन की दोबारा नियुक्ति पर कोई भी औपचारिक चर्चा करना अभी जल्दबाजी होगी। उन्होंने कहा कि इससे चंद्रशेखरन और टाटा के बीच गतिरोध पैदा हो सकता है।
नोएल टाटा ने चंद्रशेखरन से ग्रुप के पाँच साल के रणनीतिक रोडमैप, शापूरजी पल्लोनजी ग्रुप को बाहर निकलने का विकल्प देने के फ्रेमवर्क (जिसमें टाटा संस को पब्लिक न करना पड़े) और लिस्टिंग के लंबे समय से चले आ रहे मुद्दे पर उनके औपचारिक रुख को लेकर और अधिक स्पष्टता मांगी है।
क्या है नोएल टाटा का रुख?
टाटा ट्रस्ट्स और ग्रुप की होल्डिंग कंपनी में शासन और अन्य मामलों को लेकर चल रही उथल-पुथल, साथ ही एयर इंडिया और बिगबास्केट जैसी इकाइयों के प्रदर्शन पर उठ रहे सवालों के चलते, चंद्रशेखरन की फिर से नियुक्ति जैसे मुद्दों ने जोर पकड़ा है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार 26 मई को हुई बोर्ड बैठक के आखिर में, कुछ निदेशकों ने अनौपचारिक रूप से यह पूछा कि क्या चंद्रशेखरन को तीसरी बार फिर से नियुक्त करने के प्रस्ताव पर अगली बार विचार किया जा सकता है। इस पर नोएल टाटा ने जवाब दिया कि अभी ये जल्दबाजी होगी। उन्होंने उन अनसुलझे मुद्दों और बिना जवाब मिले सवालों की ओर इशारा किया, जिन पर अभी और चर्चा की जरूरत है।
कैसे टाटा ट्रस्ट्स करता है टाटा संस को कंट्रोल?
चंद्रशेखरन ने 26 मई को एक विशेष बोर्ड बैठक बुलाई थी, ताकि होल्डिंग कंपनी की पिछली बोर्ड बैठक (24 फरवरी को हुई) में नोएल टाटा द्वारा उठाए गए मुद्दों का विस्तार से जवाब दिया जा सके। उस बैठक में, नोएल टाटा को तीसरे कार्यकाल के लिए फिर से नियुक्त करने के प्रस्ताव पर विचार-विमर्श को टाल दिया गया था।
टाटा ट्रस्ट्स के पास 66% हिस्सेदारी है, जिसके जरिए वह टाटा संस को कंट्रोल करता है। SP ग्रुप के पास 18% हिस्सेदारी है, जिसे वह अपना कर्ज चुकाने के लिए बेचना चाहता है।
नोएल टाटा ने जताई चिंता
नोएल टाटा ने एयर इंडिया और बिगबास्केट में हो रहे नुकसान पर चिंता जताई थी और सुधार के कदम उठाने की बात कही थी। टाटा संस की अगली बोर्ड मीटिंग 12 जून को होनी है, जिसमें सालाना खातों पर चर्चा की जाएगी। इस बीच नोएल टाटा ने यह भी संकेत दिया कि दोबारा नियुक्ति पर विचार करने के लिए किसी भी समय-सीमा या तारीख पर चर्चा करना और आम सहमति से किसी नतीजे पर पहुँचना जरूरी होगा।
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पिछले साल लिया गया था फैसला
टाटा ट्रस्ट्स ने पिछले साल एक प्रस्ताव पारित कर चंद्रशेखरन का कार्यकाल समाप्त होने से एक साल पहले ही उनके दोबारा नियुक्ति का मामला उठाया था, ताकि नेतृत्व में स्थिरता बनी रहे। पर अब 26 मई की बैठक के बाद स्थिति अलग दिख रही है।