टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन का इस्तीफा, फरवरी 2027 तक पूरा करेंगे मौजूदा कार्यकाल
एन चंद्रशेखरन ने टाटा संस के चेयरमैन पद से इस्तीफा दे दिया है और वे दोबारा नियुक्ति की मांग नहीं करेंगे। उनका कार्यकाल फरवरी 2027 में समाप्त होना था। ...और पढ़ें

एन चंद्रशेखरन का कार्यकाल फरवरी 2027 में पूरा होगा।
HighLights
एन चंद्रशेखरन ने टाटा संस के चेयरमैन पद से इस्तीफा दिया।
वे पुनर्नियुक्ति के लिए आवेदन नहीं करेंगे।
मौजूदा कार्यकाल फरवरी 2027 में समाप्त होगा।
नई दिल्ली। टाटा समूह से जुड़ी इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आई है। एन चंद्रशेखरन ( N Chandrasekaran) ने टाटा संस के चेयरमैन पद से इस्तीफा दे दिया है और वे दोबारा से अपॉइनमेंट की मांग नहीं करेंगे। एन चंद्रशेखरन का कार्यकाल फरवरी 2027 में पूरा होगा।
टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने कंपनी की 18 अगस्त को होने वाली सालाना आम बैठक (AGM) से पहले पद छोड़ने का एलान किया है, और बयान जारी कर इसकी जानकारी दी है। दरअसल, डायरेक्टर के तौर पर उनके दोबारा चुने जाने को लेकर अनिश्चितता बढ़ रही थी और टाटा ग्रुप के अंदर तनाव बना हुआ था।
इस्तीफे के बाद एन चंद्रशेखरन ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि मैंने टाटा संस के बोर्ड को सूचित कर दिया है। मैं 20 फरवरी 2027 को अपना कार्यकाल पूरा करूंगा। मैंने बोर्ड से उत्तराधिकारी पर फैसला लेने को कहा, सुचारु व्यवस्था के लिए जल्द फैसला ले बोर्ड।
एन चंद्रशेखरन ने कहा, "मैंने टाटा ग्रुप में अपने प्रोफेशनल जीवन के 40 साल पूरे कर लिए हैं। इस प्रतिष्ठित संस्थान में योगदान देने का मौका मिलना मेरे लिए बेहद संतोषजनक रहा है और मैं इसके लिए आभारी हूँ। पिछले एक दशक से टाटा संस का नेतृत्व करना मेरे लिए बहुत सम्मान और बड़ी ज़िम्मेदारी की बात रही है।"
AGM से पहले इस्तीफा
कंपनी के नोटिस के अनुसार, 18 अगस्त को होने वाली AGM में टाटा संस के शेयरहोल्डर डायरेक्टर के तौर पर चंद्रशेखरन की दोबारा नियुक्ति पर वोट किया जाना था। यह अनिश्चितता चंद्रशेखरन और टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा के बीच मतभेदों के कारण पैदा हुई है। टाटा संस बोर्ड ने फरवरी में चंद्रशेखरन की चेयरमैन के तौर पर दोबारा नियुक्ति पर फैसला टाल दिया था, क्योंकि नोएल टाटा ने ग्रुप के कुछ नए बिज़नेस के परफॉर्मेंस पर सवाल उठाए थे।
टाटा संस और टाटा ट्रस्ट के बीच मतभेद सिर्फ़ चंद्रशेखरन की दोबारा नियुक्ति तक ही सीमित नहीं थी; इनके बीच बोर्ड में प्रतिनिधित्व, ग्रुप की रणनीति और माइनॉरिटी शेयरहोल्डर शापूरजी पालोनजी के प्रस्तावित एग्ज़िट को लेकर भी असहमति थी। इस विवाद के कारण टाटा संस के एक डायरेक्टर को भी बाहर होना पड़ा है।
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बता दें कि इससे पहले 11 अगस्त को टाटा ट्रस्ट्स के वाइस चेयरमैन विजय सिंह ने सर रतन टाटा ट्रस्ट (SRTT) के ट्रस्टी पद से इस्तीफ़ा दे दिया था। उन्होंने 14 अगस्त को अपना कार्यकाल पूरा होने पर इसे आगे न बढ़ाने का फ़ैसला किया। उन्होंने बताया कि पूर्व रक्षा सचिव रहे सिंह सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट (SDTT) के ट्रस्टी के तौर पर काम करते रहेंगे।