Jio IPO पर आया नया अपडेट, मुकेश अंबानी की कंपनी ने शुरू की निवेशकों से बातचीत; नवंबर में लॉन्चिंग?
मुकेश अंबानी की जियो प्लेटफॉर्म्स (Jio IPO New Update) अगले हफ्ते से अपने IPO के लिए निवेशकों से बातचीत शुरू ...और पढ़ें

जियो IPO पर बड़ा अपडेट मुकेश अंबानी की कंपनी ने निवेशकों से बातचीत शुरू की नवंबर में लॉन्चिंग संभव
HighLights
जियो प्लेटफॉर्म्स अगले हफ्ते से IPO के लिए निवेशकों से बातचीत शुरू करेगी।
नवंबर में लॉन्च का लक्ष्य, भारत की सबसे बड़ी लिस्टिंग हो सकती है।
SEBI से मंजूरी मिली, 4 बिलियन डॉलर तक जुटाने की योजना है।
नई दिल्ली। अरबपति मुकेश अंबानी की जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड अगले हफ्ते से अपने इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग ((Jio IPO New Update)) के लिए निवेशकों से बातचीत शुरू करने की योजना बना रही है। यह भारत की अब तक की सबसे बड़ी लिस्टिंग में से एक हो सकती है। ऑयल-से-रिटेल तक का कारोबार करने वाली कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की डिजिटल और टेलीकॉम कंपनी, अमेरिका, सिंगापुर, हांगकांग, लंदन और मिडिल ईस्ट में बैठकें करने वाली है। जियो बैंकों के साथ बातचीत में नवंबर में IPO लाने का लक्ष्य रख रही है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक Jio IPO का साइज, वैल्यूएशन और टाइमिंग बदल सकती हैं। हालांकि यह रिपोर्ट पर आधारित है जागरण बिजनेस इस पर स्वतंत्र रूप से पुष्टी नहीं करता है।
जियो प्लेटफॉर्म्स ने 19 जून को ऑफरिंग के लिए ड्राफ्ट डॉक्यूमेंट्स फाइल किए थे और 28 अगस्त को सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) से मंज़ूरी मिली थी। IPO में 270 मिलियन तक नए शेयर जारी किए जाएंगे। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह कंपनी की इक्विटी में लगभग 2.9% की हिस्सेदारी कम करने के बराबर है।
कंपनी इस ऑफरिंग से मिलने वाली रकम का कुछ हिस्सा कर्ज चुकाने में इस्तेमाल करने की योजना बना रही है। जियो प्लेटफॉर्म्स के पास भारत का सबसे बड़ा वायरलेस कैरियर है, इस ऑफरिंग से 4 बिलियन डॉलर तक जुटा सकती है।
इतने बड़े पैमाने की लिस्टिंग से भारत के व्यस्त इक्विटी कैपिटल मार्केट को तेज़ी मिलेगी, जो कई बड़ी ऑफरिंग की तैयारी कर रहा है।
वॉल्यूम के हिसाब से दुनिया के सबसे व्यस्त डेरिवेटिव्स मार्केट को चलाने वाले नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड (NSE) को इस महीने की शुरुआत में IPO के लिए SEBI से मंजूरी मिली थी। इसके सितंबर में लॉन्च होने की उम्मीद है और इससे लगभग 3 बिलियन डॉलर जुटाए जा सकते हैं।
