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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 12, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Industrial Production Data: आज जारी होंगे इंडस्ट्रियल ग्रोथ के आंकड़े, जानिए क्या है इसकी अहमियत

By Siddharth PriyadarshiEdited By:
Updated: Mon, 12 Sep 2022 02:16 PM (IST)

Industrial Production Data इंडस्ट्रियल ग्रोथ के आंकड़ों से देश में उद्योगों की वर्तमान स्थिति की जानकारी मिलती है। इन्हीं के आधार पर आगामी नीतियां बनाई जाती हैं। जून 2022 में औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) में 12.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।

Index of Industrial Production (IIP) to be release today
Index of Industrial Production (IIP) to be release today

नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। सरकार सोमवार शाम को जुलाई महीने के औद्योगिक उत्पादन के आंकड़े जारी करेगी। उद्योगों की वर्तमान दशा-दिशा की जानकारी देने के लिए ये आंकड़े बहुत अहम हैं। औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) इस साल जून में 12.3 प्रतिशत बढ़ा, जो आधार प्रभाव के कारण लगातार दूसरे महीने दोहरे अंक में रहा।

पिछले साल अगस्त में औद्योगिक उत्पादन 13 फीसदी बढ़ा था। इसके बाद सितंबर में आईआईपी वृद्धि 4.4 प्रतिशत से नीचे रही और पिछले साल नवंबर के साथ-साथ दिसंबर में भी 1 प्रतिशत के निम्नतम स्तर को छू गई। जनवरी में आईआईपी ग्रोथ 2 फीसदी, फरवरी में 1.2 फीसदी और मार्च में 2.2 फीसदी थी।

आंकड़ों में जारी है उतार-चढ़ाव

चालू वित्त वर्ष 2022-23 के पहले महीने अप्रैल में औद्योगिक उत्पादन वृद्धि ने गति पकड़ी और यह 6.7 प्रतिशत तक पहुंच गया। मई 2022 में इसने 19.6 प्रतिशत के दोहरे अंक को छू लिया। पिछले साल मई में आईआईपी की वृद्धि 27.6 फीसदी दर्ज की गई थी, जिसका मुख्य कारण लो बेस इफेक्ट था।

कितना अहम है ये डाटा

देश के नीति निर्माताओं के लिए यह डाटा बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह विनिर्माण, खनन और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों की वर्तमान स्थिति को दर्शाता है। पिछले महीने जून के लिए आईआईपी डेटा जारी करते हुए सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने कहा था कि मार्च 2020 से महामारी के कारण असामान्य परिस्थितियों को देखते हुए पिछले वर्ष की इसी अवधि की वृद्धि दर की व्याख्या की जानी है।

कहां से आता है इनपुट

आईआईपी के त्वरित अनुमान हर महीने की 12 तारीख को जारी किए जाते हैं। उन्हें सर्वे एजेंसियों से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर संकलित किया जाता है, कारखानों और व्यवसायिक प्रतिष्ठानों से इनपुट हासिल करते हैं।