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अगस्त में खुदरा महंगाई दर 8 महीने के हाई 4.82% पर पहुंची, खाने-पीने की चीजों की कीमतें बढ़ने का दिखा असर

Published: Mon, 14 Sep 2026 04:59 PM (IST)Updated: Mon, 14 Sep 2026 05:09 PM (IST)

अगस्त में भारत की खुदरा महंगाई दर बढ़कर 4.82% हो गई, जो आठ महीनों में सबसे अधिक है। खाने-पीने की ...और पढ़ें

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HighLights

  1. अगस्त में खुदरा महंगाई दर 4.82% हुई।

  2. यह पिछले आठ महीनों में सबसे ज्यादा है।

  3. खाने-पीने की चीजों की कीमतें बढ़ीं, RBI लक्ष्य से ऊपर।

नई दिल्ली। भारत की खुदरा महंगाई दर अगस्त में बढ़कर 4.82 प्रतिशत हो गई, जो पिछले आठ महीनों में सबसे ज्यादा है। जुलाई में यह 4.45 फीसदी थी। खाने-पीने की चीजों की बढ़ती कीमतों ने घरेलू बजट पर दबाव बनाए रखा और हेडलाइन महंगाई दर को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के मीडियम-टर्म टारगेट से और ऊपर पहुंचा दिया।

कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) पर आधारित महंगाई दर लगातार तीन महीनों से RBI के 4 फीसदी के लक्ष्य से ऊपर बनी हुई है। यह मई में 3.93 फीसदी से बढ़कर जून में 4.38 फीसदी और जुलाई में 4.45 फीसदी हो गई थी। अगस्त का आंकड़ा उन आठ महीनों में सबसे ज़्यादा है, जिनके लिए 2024 को बेस ईयर मानकर नई CPI सीरीज के तहत महंगाई के आंकड़े उपलब्ध हैं।

मौद्रिक नीति (monetary policy) के लिए यह ताज़ा आंकड़ा और भी अहम हो जाता है क्योंकि RBI की मॉनेटरी पॉलिसी कमिटी (MPC) की 5 से 7 अक्टूबर को होने वाली बैठक से पहले यह खुदरा महंगाई (retail inflation) का आखिरी उपलब्ध आंकड़ा होगा। सितंबर के CPI आंकड़े 12 अक्टूबर को जारी किए जाएंगे।

अगस्त की बैठक में, MPC ने सर्वसम्मति से रेपो रेट को 5.25 फीसदी पर बिना किसी बदलाव के बनाए रखा और न्यूट्रल रुख अपनाया। इससे संकेत मिला कि भविष्य में नीतिगत कदम इस बात पर निर्भर करेंगे कि ग्रोथ और महंगाई के बीच संतुलन कैसे बनता है।

खाने-पीने की चीजो की कीमतें दबाव का कारण

अगस्त में खाने-पीने की चीज़ों की महंगाई और तेज़ हो गई। कंज्यूमर फूड प्राइस इंडेक्स (CFPI) सालाना आधार पर 5.95 फीसदी बढ़ा, जबकि जुलाई में यह 5.52 फीसदी था। ग्रामीण इलाकों में खाने-पीने की चीज़ों की महंगाई दर ज़्यादा यानी 6.13 फीसदी थी, जबकि शहरी इलाकों में यह 5.64 फीसदी रही।

ग्रामीण भारत में हेडलाइन महंगाई दर भी काफी ज़्यादा रही। ग्रामीण CPI महंगाई दर जुलाई के 4.84 फीसदी से बढ़कर अगस्त में 5.23 फीसदी हो गई, जबकि शहरी महंगाई दर 3.96 फीसदी से बढ़कर 4.31 फीसदी हो गई।

प्याज की कीमतों ने बढ़ाई महंगाई

अलग-अलग चीज़ों के मामले में खाने-पीने की महंगाई में बढ़ोतरी एक जैसी नहीं थी। अगस्त में प्याज की महंगाई दर जुलाई के 22.54 फीसदी से दोगुनी से भी ज़्यादा होकर 48.27 फीसदी हो गई, जबकि लहसुन की महंगाई दर 35.36 फीसदी से बढ़कर 43.60 फीसदी हो गई। अदरक की कीमतें काफी ज़्यादा बनी रहीं और महंगाई दर 73.82 फीसदी रही।

आइटम (वस्तु) जुलाई 2026 में महंगाई दर (%) अगस्त 2026 में महंगाई दर (%)
टमाटर -4.60 -31.09
आलू -16.56 -13.14
मोटर कार और जीप -6.72 -6.72
भिंडी -5.50 -5.41
परवल/पटल और कुंदरू -0.78 -

हालांकि, कुछ सब्ज़ियों से राहत मिली। टमाटर की कीमतें एक साल पहले की तुलना में 31.09 फीसदी गिरीं, जबकि आलू की कीमतों में 13.14 फीसदी की गिरावट आई।

वस्तु वेट महंगाई दर (%)-जुलाई 2026 महंगाई दर (%)-अगस्त 2026
चांदी के आभूषण 0.3127 109.89 107.11
अदरक 0.2556 83.57 73.82
प्याज 0.7006 22.54 48.27
लहसुन 0.3738 35.36 43.60
 सोना/हीरा/प्लेटिनम के आभूषण 0.6230 32.98

सेवाओं और कीमती धातुओं से भी दबाव बढ़ा

कीमतों का दबाव सिर्फ़ खाने-पीने की चीज़ों तक ही सीमित नहीं था। अगस्त में रेस्टोरेंट और रहने-ठहरने की सेवाओं में महंगाई दर 8.38 फीसदी रही, जबकि ट्रांसपोर्ट में महंगाई दर 4.60 फीसदी थी। पर्सनल केयर, सोशल प्रोटेक्शन और अन्य सामान व सेवाओं में महंगाई दर 15.17 फीसदी दर्ज की गई।

कुछ कैटेगरी पर कीमती धातुओं का असर बहुत ज़्यादा बना रहा। चांदी के गहनों में महंगाई दर 107.11 फीसदी रही, जबकि सोने, हीरे और प्लेटिनम के गहनों की कीमतें एक साल पहले की तुलना में 35.53 फीसदी ज़्यादा थीं।