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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 30, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    दूसरी तिमाही में 6.3 फीसद रही GDP ग्रोथ, चालू वित्त वर्ष में मिल सकती है 7 प्रतिशत की विकास दर

    By Siddharth PriyadarshiEdited By:
    Updated: Wed, 30 Nov 2022 08:28 PM (IST)

    Indias GDP Growth भारतीय रिजर्व बैंक ने अपनी पिछली मौद्रिक नीति समिति की बैठक में अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 6.3 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया था। इसके ...और पढ़ें

    India's GDP grows at 6.3 pc in July-September Quarter
    India's GDP grows at 6.3 pc in July-September Quarter

    नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय ने बुधवार को चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) के लिए जीडीपी का आंकड़ा जारी कर दिया है। जुलाई-सितंबर तिमाही 2022 के लिए भारत की जीडीपी 6.3 फीसद दर्ज की गई है। आरबीआई ने अपनी पिछली मौद्रिक नीति समिति की बैठक में भी अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 6.3 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया था।

    एसबीआई ने अपनी रिसर्च में दूसरी तिमाही के लिए भारत की सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर 5.8 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया था। ये औसत अनुमानों से 30 आधार अंक कम है। कमजोर विनिर्माण गतिविधियों के चलते जीडीपी में कमी आई है।

    पिछली तिमाही के मुकाबले गिरावट

    आपको बता दें कि देश के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) की वृद्धि दर मौजूदा वित्त वर्ष की अप्रैल-जून तिमाही में 13.5 प्रतिशत दर्ज की गई। पिछले साल इसी अवधि के दौरान यह 20.1 फीसद थी। वित्त वर्ष 2021-22 (Q4FY22) की चौथी तिमाही में देश की GDP में मात्र 4.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई थी। यहां तक कि वित्त वर्ष 2021-22 के लिए कुल जीडीपी में 8.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। इन दोनों आंकड़ों के लिहाज से देखें तो मौजूदा वित्त वर्ष की अप्रैल-जून तिमाही के आंकड़े सुकून देते हैं।

    राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, 2021-22 की जुलाई-सितंबर तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में 8.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। विश्लेषकों ने अनुमान लगाया था कि भारतीय अर्थव्यवस्था चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जून तिमाही में दर्ज की गई 13.5 प्रतिशत की विकास दर के मुकाबले आधी रहेगी।

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    रेटिंग एजेंसी इक्रा के अनुसार, सकल घरेलू उत्पाद में 6.5 प्रतिशत की वृद्धि होने की संभावना जताई थी, जबकि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने अपनी रिपोर्ट में जुलाई-सितंबर, 2022 के लिए विकास दर 5.8 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया था। चीन ने जुलाई-सितंबर, 2022 में 3.9 प्रतिशत की आर्थिक विकास दर दर्ज की।

    उम्मीद के मुताबिक रहे आंकड़े?

    उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर अर्थशास्त्रियों को उम्मीद थी कि घरेलू खपत में आ रहा सुधार दूसरी तिमाही में भी कायम रहेगा। पहली तिमाही में, जीडीपी के आंकड़ों से पता चला था कि निजी उपभोग खर्च अपने पूर्व-कोविड स्तर से लगभग 10 प्रतिशत अधिक था। कई विश्लेषकों का अनुमान है कि त्योहारी सीजन के कारण दूसरी तिमाही के अंत में घरेलू खर्च में तेजी से वृद्धि हुई है। यात्री यातायात, जीएसटी ई-वे बिल, ईंधन की बिक्री, कार्गो आदि जैसे संकेतक बताते हैं कि लोग खुलकर पैसा खर्च कर रहे है।

    रॉयटर्स पोल के मुताबिक, एशिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था भारत के सितंबर तिमाही तक 6.2% की दर से वार्षिक वृद्धि दर्ज करने की उम्मीद है। पिछली तिमाही के 13.5% की विस्फोटक वृद्धि के मुकाबले यह काफी है।

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