कोयला ढुलाई और क्रिटिकल प्लांटों की निगरानी शुरू, साल 2022 की किल्लत से बचने की कोशिश तेज
कोयला मंत्रालय ताप बिजली संयंत्रों तक कोयला आपूर्ति की लगातार निगरानी कर रहा है और रेलवे ढुलाई बढ़ा रहा है। ...और पढ़ें

बिजली संकट टालने को कोयला आपूर्ति और क्रिटिकल प्लांटों की निगरानी तेज
HighLights
कोयला मंत्रालय कर रहा आपूर्ति की लगातार निगरानी।
रेलवे के जरिए कोयला ढुलाई रोजाना बढ़ाई जा रही है।
क्रिटिकल प्लांटों को प्राथमिकता, 2022 के संकट से बचाव।
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली| ताप बिजली संयंत्रों तक कोयला आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका के बीच कोयला मंत्रालय की विशेष समिति स्थिति की लगातार निगरानी कर रही है। रेलवे के जरिए कोयला ढुलाई रोजाना के स्तर पर बढ़ाई जा रही है, क्रिटिकल संयंत्रों (जिनके पास निर्धारित स्तर से कम स्टाक है) की अलग से निगरानी की जा रही है ताकि अगले कुछ दिनों में इनकी आपूर्ति बढ़े। कोशिश यहीं है कि वर्ष 2022 जैसी स्थिति दोबारा न बने। तब मानसून में कोयला उत्पादन घटने का खामियाजा सितंबर से दिसंबर तक पूरे देश को उठाना पड़ा था और कई हिस्सों में बिजली की भारी किल्लत पैदा हो गई थी।
बिजली मंत्रालय का डेटा बता रहा है कि देश के कई हिस्सों बारिश होने के बावजूद बिजली की मांग उच्च स्तर पर है। मई, 20-6 में 2.70 लाख मेगावाट की रिकार्ड मांग के बाद लगातार बिजली की मांग उच्च स्तर पर बनी हुई है। अगस्त में पीक डिमांड करीब 2.58 लाख मेगावाट तक पहुंची थी। पिछले एक महीने के दौरान देश के कई राज्यों में बिजली कटौती की लगातार स्थानीय स्तर पर सूचनाएं आ रही हैं लेकिन देशव्यापी तौर पर बड़ी कटौती की स्थिति नहीं बनी है। बिजली मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि कुछ राज्य औसत के मुकाबले कम बिजली की खरीद कर रहे हैं।
कोयला मंत्रालय का कहना है कि पिछले चार दिनों में पावर सेक्टर के लिए रेक लोडिंग लगातार बढ़ी है। 3 सितंबर को 370 रेक से बढ़कर 6 सितंबर को 444 रेक हो गई। यह करीब 20 फीसद ज्यादा है। एक दिन में ही 31 रेक की बढ़ोतरी हुई।
MCL, BCCL, NCL, कैप्टिव ब्लॉक और अन्य उत्पादकों ने लोडिंग बढ़ाई। सिर्फ कोल इंडिया की लोडिंग ही 305 रेक तक पहुंच गई है। उत्पादन भी सुधरा है। सितंबर के पहले तीन बारिश प्रभावित दिनों में औसत दैनिक उत्पादन 13.6 लाख टन था, जो 6 सितंबर को बढ़कर लगभग 18.3 लाख टन हो गया है यानी करीब 35 प्रतिशत वृद्धि। पावर सेक्टर को कोयला आपूर्ति 13.7 लाख टन से बढ कर 17 लाख हो गई है। कोयला मंत्रालय ने यह भी बताया है कि क्रिटिकल प्लांटों की संख्या 5 सितंबर तक 58 तक पहुंच गई थी। इन पर सुधारात्मक आपूर्ति लागू की जा रही है। मासिक निर्धारित मात्रा से अधिक कोयला सड़क मार्ग से उठाने की सुविधा दी जा रही है और क्रिटिकल प्लांटों के लिए प्राथमिकता तय की गई है।
