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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 15, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Budget 2025 में होगा रुपये की गिरावट रोकने का इंतजाम! सरकार उठा सकती है ये सख्त कदम

    By Agency Edited By: Suneel Kumar
    Updated: Wed, 15 Jan 2025 05:12 PM (GMT+05:30)

    रुपये में 13 जनवरी को एक सत्र में करीब दो साल की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी और यह 66 पैसे के नुकसान के साथ 86.70 प्रति डॉलर के अपने सर्वकालिक निचल ...और पढ़ें

    श्रीवास्तव 15वें वित्त आयोग की सलाहकार परिषद के सदस्य भी हैं।
    श्रीवास्तव 15वें वित्त आयोग की सलाहकार परिषद के सदस्य भी हैं।

    पीटीआई, नई दिल्ली। ईवाई (Ernst and Young) के मुख्य नीति सलाहकार डीके श्रीवास्तव का कहना है कि सरकार आगामी बजट में पिछले कुछ महीनों में रुपये के मूल्य में आई भारी गिरावट को रोकने के लिए आयात पर उच्च शुल्क लगाने पर विचार कर सकती है। प्रख्यात अर्थशास्त्री ने तर्क दिया कि उच्च आयात शुल्क से आयातकों की ओर से डॉलर की मांग पर अंकुश लगेगा और रुपये के गिरते मूल्य को रोकने में मदद मिलेगी।

    एक साक्षात्कार में श्रीवास्तव ने कहा, 'डॉलर के मुकाबले रुपये में अचानक आई गिरावट नीति निर्माताओं के लिए एक चुनौती बनने जा रही है। राजकोषीय पक्ष पर बजट निर्माताओं के लिए और मौद्रिक पक्ष पर आरबीआई के लिए। उम्मीद है कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था में सुधार होने जा रहा है और इसलिए बहुत सारे वित्तीय संसाधन दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था का रुख कर रहे हैं।'

    श्रीवास्तव 15वें वित्त आयोग की सलाहकार परिषद के सदस्य भी हैं। उन्होंने कहा कि सिर्फ रुपया ही नहीं, बल्कि अन्य यूरोपीय मुद्राएं भी इसी तरह के दबाव का सामना कर रही हैं।

    श्रीवास्तव ने कहा, ' आत्मनिर्भर भारत की दिशा में आगे बढ़ने के लिए अधिक सुरक्षा या समर्थन प्रदान करना नीतिगत मामला है। आयात शुल्क में कुछ संशोधन हो सकते हैं। इस प्रकार, आयात की मांग में कमी आ सकती है और घरेलू उत्पादन के जरिये आयात के लिए कुछ प्रतिस्थापन हो सकता है।'

    उन्होंने कहा, 'डॉलर की मांग और अतिरिक्त आयात शुल्क राजस्व के संदर्भ में कुछ बचत हो सकती है। साथ ही इन सभी उपायों से शुल्क वृद्धि और युक्तिकरण की दिशा में कुछ प्रगति हो सकती है।'

    रुपये में 13 जनवरी को हुई थी दो साल की सबसे बड़ी गिरावट

    रुपये में 13 जनवरी को एक सत्र में करीब दो साल की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी और यह 66 पैसे के नुकसान के साथ 86.70 प्रति डॉलर के अपने सर्वकालिक निचले स्तर पर बंद हुआ था। रुपये में इससे पहले छह फरवरी 2023 को एक सत्र में 68 पैसे की गिरावट दर्ज की गई थी।

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    रुपया 30 दिसंबर को 85.52 के स्तर पर बंद होने के बाद से पिछले दो सप्ताह में एक रुपये से अधिक की बड़ी गिरावट देख चुका है। रुपया पहली बार 19 दिसंबर 2024 को 85 प्रति डॉलर के पार गया था।

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