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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 07, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

छोटी कारों की सवारी कर मारुति को पीछे छोड़ेगी हुंडई

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Published: Wed, 07 Aug 2013 11:06 AM (IST)Updated: Mon, 30 Mar 2015 06:40 PM (IST)

छोटी कार सेगमेंट में मारुति के दबदबे को कम करने के मकसद से हुंदई मोटर्स ने कमर कस ली है। ...और पढ़ें

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नई दिल्ली। छोटी कार सेगमेंट में मारुति के दबदबे को कम करने के मकसद से हुंडई मोटर्स ने कमर कस ली है। हुंदई कॉम्पैक्ट कार बाजार पर अपना फोकस बढ़ाने पर काम कर रही है।

देश की दूसरी सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी हुंडई मोटर्स के मुताबिक, कंपनी की दक्षिण कोरियाई इकाई ने कहा है कि वह भारत में अग्रणी कार कंपनी बनने की तरफ कदम बढ़ाए।

मारुति की सबसे ज्यादा बिकने वाली ऑल्टो के10 के मुकाबले हुंडई मोटर्स अपनी नई ईऑन 1.1 लीटर को लॉन्च करने की तैयारी कर रही है। गौरतलब है कि पिछले वित्तीय वर्ष के दौरान एक माह में 20,000 ऑल्टो बिकीं थीं, जबकि ईऑन का आंकड़ा करीब 7,000 से 8,000 प्रति माह रहा। हुंडई की योजना ईऑन तक सीमित नहीं है। कंपनी सितंबर माह में अपनी छोटी कार ग्रांड आई10 को भी लॉन्च करेगी, जिसका सीधी टक्कर मारुति स्विफ्ट से होगा। ग्रांड आई10 मॉडल कंपनी की पहले से बिक रही आई10 और आई20 के बीच का मॉडल होगा।

कंपनी का लक्ष्य, संख्या में ही नहीं बल्कि सबसे पसंदीदा ब्रांड बनने में है। हालांकि, उन्होंने अपनी कंपनी के टारगेट सेल के बारे में कुछ भी कहने से इन्कार किया।

दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी अगले 18 महीने में भारत में तीन नई कॉम्पैक्ट कारें लॉन्च करेंगी। इसके साथ ही कंपनी अगले साल आई20 की अगली जनरेशन पेश करेगी। देश में कुल यात्री वाहनों की ब्रिकी में 52 प्रतिशत पर छोटी कॉम्पैक्ट कारों का कब्जा है। हुंडई को उम्मीद है कि नई कारों के लॉन्च के साथ ही उसकी ब्रिकी और बढ़ेगी।

अगले तीन सालों में हुंडई 8-10 कारें लॉन्च करेगी। 2014 के दूसरी छमाही में वह 4 मीटर की सेडान को लॉन्च करने के साथ ही 2015-16 में एक एसयूवी लॉन्च करेगी जो मारुति की आरटिगा और फोर्ड की इकोस्पोर्ट और रेनॉल्ट की डस्टर को टक्कर देगी। इसके अलावा, कंपनी अपनी बहुप्रतीक्षित कार जेनेसिसि को भी भारत में लॉन्च करेगी। हुंडई के तमाम दावों के बावजूद इंडस्ट्री के जानकार मानते हैं कि हुंडई के लिए मारुति को पीछे छोड़ पाना आसान नहीं होगा।