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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 23, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    अब महंगाई की होगी छुट्टी! प्याज के बाद सस्ते में साबुत चना और मसूर दाल भी बेचेगी सरकार

    Updated: Wed, 23 Oct 2024 06:41 PM (IST)

    केंद्र सरकार ने भारत ब्रांड के तहत सस्ते दाम में साबुत चना और मसूर दालबेचने का फैसला किया है। इससे उम्मीद है कि दालों की कीमतों में नरमी आएगी और त्योह ...और पढ़ें

    सरकार ने सहकारी समितियों को तीन लाख टन चना और 68,000 टन मूंग आवंटित किया है।
    सरकार ने सहकारी समितियों को तीन लाख टन चना और 68,000 टन मूंग आवंटित किया है।

    HighLights

    1. केंद्र ने बढ़ती कीमतों पर अंकुश लगाने के लिए भारत ब्रांड का विस्तार किया।
    2. सहकारी समितियों को तीन लाख टन चना और 68,000 टन मूंग आवंटित।
    3. बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने के लिए सस्ता प्याज भी बेच रही है सरकार।

    बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। पिछले कई महीनों से जनता महंगाई की मार से परेशान है। खासकर, खाद्य महंगाई ने उसके रसोई का बजट बिगाड़ रखा है। आलू, टमाटर और प्याज के साथ दालों के भाव भी काफी बढ़ गए हैं। अब सरकार ने त्योहारी सीजन में महंगाई पर अंकुश लगाने के लिए 'भारत' ब्रांड के तहत साबुत चना और मसूर दाल भी बेचने का फैसला किया है। वह दिल्ली-एनसीआर जैसी जगहों पर रियायती दामों पर पहले ही प्याज बेच रही है।

    केंद्र सरकार ने बुधवार को सब्सिडी वाली दालों के अपने कार्यक्रम के विस्तार का एलान किया। खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री प्रल्हाद जोशी का कहना है कि सहकारी नेटवर्क भारतीय राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता संघ लिमिटेड (एनसीसीएफ), भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ लिमिटेड (नेफेड) और केन्द्रीय भंडार के जरिये साबुत चना 58 रुपये प्रति किलोग्राम और मसूर दाल 89 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बेचा जाएगा।

    दालों का उत्पादन बढ़ने की उम्मीद

    सरकार ने सहकारी समितियों को तीन लाख टन चना और 68,000 टन मूंग आवंटित किया है। एनसीसीएफ की प्रबंध निदेशक अनीस जोसेफ चंद्रा ने कहा कि वितरण दिल्ली, राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र से शुरू होगा। 10 दिन के भीतर इसके देशव्यापी विस्तार की योजना है। प्रथम चरण के अंतर्गत वर्तमान दरें गेहूं के आटे के लिए 30 रुपये प्रति किलोग्राम (27.50 रुपये से ऊपर), चावल के लिए 34 रुपये प्रति किलोग्राम (29 रुपये से अधिक), चना दाल के लिए 70 रुपये प्रति किलोग्राम (60 रुपये से ऊपर) हैं।

    वहीं मूंग दाल तथा मूंग साबुत की कीमत क्रमश: 107 रुपये प्रति किलोग्राम और 93 रुपये प्रति किलोग्राम है। सरकार प्याज के लिए 35 रुपये प्रति किलोग्राम और टमाटर के लिए 65 रुपये प्रति किलोग्राम की दर बनाए रखने की भी कोशिश कर रही है। केंद्रीय मंत्री ने इस वर्ष दालों के बेहतर उत्पादन की उम्मीद जताई है क्योंकि सरकार ने दालों के समर्थन मूल्य में काफी वृद्धि की है।

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    सस्ती प्याज भी बेच रही सरकार

    सरकार ने त्योहारी सीजन के दौरान प्याज की बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने के लिए सस्ता प्याज भी बेच रही है। वह महाराष्ट्र से दिल्ली तक रेलवे के जरिए 1,600 टन बफर स्टॉक लाई। यह पहली दफा है, जब सरकार रसोई के लिए रेलवे ट्रांसपोर्टेशन का इस्तेमाल किया है। यह प्याज 27-28 रुपये से लेकर 35-36 रुपये प्रति किलो बेची गई, जबकि कुछ इलाकों में प्याज का खुदरा मूल्य 70 रुपये तक पहुंच गया था।

    बारिश की वजह से आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में प्याज की फसल को भारी नुकसान पहुंचा। इसके चलते कुछ दिनों से बाजार में प्याज के दाम लगातार बढ़ रहे थे। हालांकि, सरकार के दखल के बाद अब प्याज के भाव स्थिर होने की उम्मीद जताई जा रही है।

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