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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 19, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    DRDO ने 5वीं जनरेशन के आधुनिक फाइटर जेट बनाने के लिए मांगे आवेदन, रेस में ये प्राइवेट कंपनियां

    Updated: Thu, 19 Jun 2025 02:55 PM (IST)

    DRDO ने 5वीं जनरेशन के एडवांस मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट बनाने के लिए भारत की प्राइवेट और सरकारी कंपनियों को आमंत्रित किया है। एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजे ...और पढ़ें

    DRDO ने 5वीं जनरेशन के आधुनिक फाइटर जेट बनाने के लिए मांगे आवेदन
    DRDO ने 5वीं जनरेशन के आधुनिक फाइटर जेट बनाने के लिए मांगे आवेदन

    नई दिल्ली। भारत सरकार ने देश में ही 5वीं जनरेशन के एडवांस मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (Advanced Medium Combat Aircraft) बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। DRDO की एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (ADA) ने डिफेंस सेक्टर में काम करने वाली भारतीय कंपनियों को 5G फाइटर जेट बनाने के लिए आमंत्रित किया है। इससे पहले भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने AMCA कार्यक्रम के 'कार्यान्वयन मॉडल' को मंजूरी दी थी। इस मंजूरी के तहत भारत की सरकार और प्राइवेट दोनों कंपनियां मिलकर 5वीं जनरेशन का लड़ाकू विमान बनाएंगी।

    एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (एडीए) ने बुधवार को भारतीय कंपनियों को भारत के पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू जेट AMCA लड़ाकू विमान बनाने के लिए आवेदन मांगे। अब इस क्षेत्र में काम करने वाली भारत की प्राइवेट कंपनियां बोली लगा सकती हैं। Indian Defense Industry में सरकारी कंपनियों के साथ प्राइवेट कंपनियों की भी भागीदारी बढ़ रही है।

    ADA ने 5वीं पीढ़ी के फाइटर जेट बनाने के लिए जारी किए गए अपने बयान में कहा, "हमारा उद्देश्य भारतीय कंपनियों ( भारतीयों के स्वामित्व और नियंत्रण वाली कंपनियां) को सूचीबद्ध करना है, जो विकास, प्रोटोटाइप के निर्माण, उड़ान परीक्षण का समर्थन और AMCA के प्रमाणन के लिए टेक्निकल रूप से मजबूत और सक्षम हैं।"

    सरकार द्वारा की गई घोषणा के अनुसार 5वीं जनरेशन के फाइटर जेट बनाने के लिए बोली लगाने वाली भारतीय कंपनियां ज्वाइंट वेंचर वाली, सिंगल या फिर संघीय हो सकती हैं। हालांकि, कंपनियां भारतीय नियम और कानून का पालन करती हों।

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    5वीं पीढ़ी के फाइटर जेट बनाने की रेस में हैं ये कंपनियां

    5वीं पीढ़ी के फाइटर जेट GE414 इंजन पर आधारित होंगे। इन्हें भारत में ही GE लाइसेंस के तहत बनाया जाएगा।  GE414 इंजन, खास तौर पर F414-GE-400, एक हाई परफार्मेंस वाला आफ्टरबर्निंग टर्बोफैन इंजन है। इसका इस्तेमाल लड़ाकू फाइटर जेट को  अधिक एनर्जी देने के लिए किया जाता है। भारत सरकार द्वारा मांगे गए आवेदन की रेस में कई ऐसी देसी कंपनियां हैं जो रेस में हैं।

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    5जी लड़ाकू विमान बनाने के लिए मांगे गए आवेदन में सबसे आगे टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड, L&T, महिंद्रा एयरोस्पेस, डायनामेटिक टेक्नोलॉजीज, भारत फोर्ज, आजाद इंजीनियरिंग, गोदरेज एयरोस्पेस, अडाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस जैसी कंपनियां इस रेस में सबसे आगे है। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड भी AMCA प्रोजेक्ट पर बिड़िंग करने के लिए अपने साथ किसी दूसरी कंपनी को जोड़ रही है ताकि मिलकर वह 5जी फाइटर जेट बना सके।

    भारत फोर्ज का इस लिस्ट में नाम बहुत अहम है। यह इंडियन आर्मी और ग्लोबल आर्म्ड फोर्सेज के लिए गोला बारूद, आर्टिली टैंक से लेकर कई तरह के सैन्य उपकरण बनानी है।

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    टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड और अडाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस भी डिफेंस सेक्टर में तेजी से आगे बढ़ रही हैं। टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड एयरोस्ट्रक्चर और एयरोइंजीन, एयरबोर्न भी बना रही है। दोनों ही कंपनियां कई तरह के सैन्य उपकरण बनाने के कार्य में सक्रिय हैं।

    एक्वस प्राइवेट लिमिटेड और गोदरेज एक्वस प्राइवेट लिमिटेड इस समय बोइंग और एयरबस के लिए विश्व स्तरीय एयर पार्ट्स और कंपोनेंट बना रही है।